
बिहार में विकास की गाड़ी अब एक्सप्रेसवे पर दौड़ने को तैयार है, क्योंकि अब इसे नेशनल इन्वेस्टमेंट एंड इंफ्रास्ट्रक्चर फंड लिमिटेड (NIIFL) जैसे कुशल सारथी का साथ मिल गया है। राज्य की विभिन्न परियोजनाओं के लिए निजी निवेश को आकर्षित करने के उद्देश्य से वित्त विभाग ने मंगलवार को NIIFL के साथ एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए हैं। यह कदम पिछले साल 9 दिसंबर को राज्य मंत्रिपरिषद द्वारा दी गई मंजूरी के बाद उठाया गया है, जिसका सीधा लक्ष्य प्रदेश में निवेश योग्य परियोजनाओं की एक सशक्त पाइपलाइन तैयार करना है। अपर मुख्य सचिव आनंद किशोर की अध्यक्षता में हुए इस कार्यक्रम में वित्त विभाग के विशेष सचिव मुकेश कुमार लाल और NIIFL के कार्यकारी निदेशक प्रसाद गडकरी ने समझौते पर हस्ताक्षर किए।
इस रणनीतिक साझेदारी का मुख्य उद्देश्य बिहार में निवेश के माहौल को और बेहतर बनाना है। NIIFL, जो अंतर्राष्ट्रीय और भारतीय निवेशकों के लिए एक प्रमुख infrastructure fund का प्रबंधन करती है, अब बिहार सरकार के लिए एक नॉलेज पार्टनर के रूप में काम करेगी। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। यह संस्था राज्य को तकनीकी परामर्श और विशेषज्ञ सलाह प्रदान करेगी ताकि बड़ी और महत्वपूर्ण परियोजनाओं को सफलतापूर्वक धरातल पर उतारा जा सके।
एक साल तक मुफ्त में मिलेगी विशेषज्ञ सलाह
यह समझौता फिलहाल एक वर्ष की अवधि के लिए प्रभावी रहेगा। सबसे खास बात यह है कि इस सेवा के बदले में NIIFL राज्य सरकार से किसी भी प्रकार का कोई शुल्क या आर्थिक लाभ नहीं लेगा। यह पूरी तरह से एक गैर-वाणिज्यिक साझेदारी है, जिसका एकमात्र लक्ष्य बिहार के विकास को गति देना है। NIIFL की विशेषज्ञता का लाभ उठाकर राज्य सरकार विभिन्न क्षेत्रों में निजी निवेशकों के लिए आकर्षक अवसर पैदा करने की योजना बना रही है। इस समझौते से बिहार की आर्थिक प्रगति को नई दिशा मिलने की उम्मीद है।
इस साझेदारी के तहत, NIIFL राज्य के विभिन्न विभागों के साथ मिलकर काम करेगा और निवेश की संभावनाओं वाले प्रोजेक्ट्स की पहचान करने में मदद करेगा। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। इससे न केवल परियोजनाओं के कार्यान्वयन में तेजी आएगी, बल्कि निवेशकों का भरोसा भी बढ़ेगा। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।
समन्वय के लिए नियुक्त होगा ‘एकल संपर्क बिंदु’
परियोजनाओं के सुचारू कार्यान्वयन और दोनों पक्षों के बीच बेहतर तालमेल सुनिश्चित करने के लिए वित्त विभाग की ओर से एक विशेष अधिकारी को नियुक्त किया जाएगा। इस अधिकारी को प्रशासनिक भाषा में ‘एकल संपर्क बिंदु’ (Single Point of Contact) कहा गया है। इस अधिकारी की जिम्मेदारी NIIFL के साथ सूचनाओं और डेटा को साझा करने के साथ-साथ बैठकों और कार्यशालाओं के लिए समन्वय स्थापित करना होगा। इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम के दौरान वित्त, शिक्षा, ऊर्जा, नगर विकास एवं आवास और सिविल विमानन विभाग के कई वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे, जो इस पहल के व्यापक प्रभाव को दर्शाता है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।







