
Magh Mela Snan 2026: माघ मास की पवित्रता और प्रयागराज की दिव्य भूमि पर पुण्य लाभ की कामना से श्रद्धालु एकत्रित होते हैं। यह एक ऐसा पावन पर्व है जब गंगा, यमुना और अदृश्य सरस्वती के त्रिवेणी संगम में स्नान कर भक्तजन मोक्ष की प्राप्ति का मार्ग प्रशस्त करते हैं।
Magh Mela Snan 2026: प्रयागराज में माघ मेला का दूसरा अमृत स्नान
Magh Mela Snan 2026 का विशेष धार्मिक महत्व
पवित्र माघ मास के पावन अवसर पर, तीर्थराज प्रयाग की भूमि पर दिव्य माघ मेला स्नानोत्सव चल रहा है। आज, शुक्रवार को इस भव्य माघ मेला का दूसरा अमृत स्नान संपन्न हो रहा है, जो श्रद्धालुओं के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। यह स्नान विशेष रूप से इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि इस दिन मकर संक्रांति और षटतिला एकादशी का अद्भुत संयोग बन रहा है, जिससे इसके धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व में कई गुना वृद्धि हो गई है। ऐसी मान्यता है कि इस विशेष संयोग में संगम में डुबकी लगाने से सभी पाप धुल जाते हैं और व्यक्ति को अक्षय पुण्य लाभ की प्राप्ति होती है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। शास्त्रों में कहा गया है कि माघ मास में किए गए दान, तप और स्नान से व्यक्ति को समस्त तीर्थों के दर्शन का फल प्राप्त होता है। इस पवित्र अवसर पर लाखों की संख्या में श्रद्धालु त्रिवेणी संगम में डुबकी लगाकर अपने जीवन को धन्य कर रहे हैं और ईश्वर का आशीर्वाद प्राप्त कर रहे हैं। इस दौरान श्रद्धालु भजन-कीर्तन में लीन रहते हैं और संतों का सान्निध्य प्राप्त करते हैं। धर्म, व्रत और त्योहारों की संपूर्ण जानकारी के लिए यहां क्लिक करें
यह दूसरा अमृत स्नान न केवल शरीर को शुद्ध करता है, बल्कि आत्मा को भी पवित्र कर आध्यात्मिक उन्नति का मार्ग प्रशस्त करता है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। प्रयागराज का यह माघ मेला सदियों से भारतीय संस्कृति और अध्यात्म का प्रतीक रहा है, जहाँ हर वर्ष श्रद्धालुजन आकर जीवन के परम सत्य की अनुभूति करते हैं। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।





