
Patna AIIMS: अब जलने वाले मरीजों के लिए उम्मीद की नई किरण फूटी है, जहां जीवन और मृत्यु के बीच झूलते शरीरों को नया जीवन मिलेगा। बिहार अब चिकित्सा के क्षेत्र में एक नई इबारत लिखने को तैयार है।
पटना एम्स में मार्च से मिलेगी जलने वाले मरीजों को नई ज़िंदगी, बिहार को मिली पहली अत्याधुनिक सुविधा
पटना एम्स में 30 करोड़ की लागत से तैयार बर्न यूनिट
Patna AIIMS अब बिहार का पहला ऐसा चिकित्सा संस्थान बनने जा रहा है, जहां गंभीर रूप से जले हुए मरीजों को अत्याधुनिक उपचार मिल पाएगा। मार्च महीने से यहां करीब 30 करोड़ रुपये की लागत से तैयार बर्न और प्लास्टिक सर्जरी का नया भवन पूरी तरह से काम करना शुरू कर देगा। यह सुविधा राज्य में जलने से पीड़ित हजारों मरीजों के लिए संजीवनी साबित होगी। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। यहां मरीजों को विशेष देखभाल और सर्जरी की उन्नत तकनीकें उपलब्ध होंगी।
इस नए भवन के शुरू होने से न केवल चिकित्सा सुविधाओं में वृद्धि होगी, बल्कि रिसर्च और ट्रेनिंग के अवसर भी बढ़ेंगे। बिहार में अब तक ऐसी एकीकृत और आधुनिक सुविधा का अभाव था, जिसके कारण कई गंभीर मरीजों को दूसरे राज्यों का रुख करना पड़ता था। अब स्थानीय स्तर पर ही विश्वस्तरीय इलाज संभव हो पाएगा, खासकर स्किन बैंक की उपलब्धता गंभीर मामलों में बहुत मददगार होगी। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
आधुनिक सुविधाओं से लैस बर्न और प्लास्टिक सर्जरी सेंटर
यह नया केंद्र बर्न और प्लास्टिक सर्जरी से संबंधित सभी प्रकार की जटिलताओं का इलाज करने में सक्षम होगा। इसमें ऑपरेशन थिएटर, आईसीयू, रिकवरी वार्ड और पुनर्वास के लिए आवश्यक सभी सुविधाएं होंगी। मरीजों को इंफेक्शन से बचाने के लिए भी विशेष प्रबंध किए गए हैं। गंभीर मामलों में स्किन बैंक से त्वचा का प्रत्यारोपण भी संभव हो पाएगा, जो मरीजों के ठीक होने की दर को काफी बढ़ा देगा। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। डॉक्टरों और नर्सों की एक विशेष टीम को इस इकाई के संचालन के लिए प्रशिक्षित किया गया है ताकि वे मरीजों को सर्वोत्तम देखभाल प्रदान कर सकें। इस पहल से स्वास्थ्य सेवाओं में क्रांति आएगी। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें










