
Darbhanga News: जीवन की नैया को सही दिशा देने और आत्मा को परमात्मा से जोड़ने का एक दिव्य संगम, संत निरंकारी मिशन का 35वां जिला स्तरीय समागम दरभंगा में श्रद्धा और भक्तिभाव के साथ संपन्न हुआ।
Darbhanga News: संत निरंकारी मिशन का 35वां समागम, अध्यात्म और मानव एकता का अनूठा संगम
Darbhanga News: श्रद्धा और सद्भाव का भव्य आयोजन
बुधवार को शिशो पश्चिमी स्थित निरंकारी सत्संग भवन, दरभंगा में आयोजित इस भव्य समागम में बिहार के विभिन्न जिलों से पांच हजार से अधिक श्रद्धालुओं ने शिरकत की और सद्गुरु के गुरु-दर्शन का पुण्य लाभ प्राप्त किया। इस भक्ति पर्व का आयोजन संत निरंकारी मिशन, दरभंगा द्वारा किया गया था, जिसका मूल उद्देश्य सद्गुरु के पावन सानिध्य में मानव जीवन को सही दिशा देना है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।समागम के व्यवस्थापक नंदकिशोर राय ने इस अवसर पर कहा कि सद्गुरु के दर्शन मात्र से ही मानव जीवन सार्थक हो जाता है। इसी पवित्र भावना के साथ संत निरंकारी मिशन ने इस पावन संत समागम का आयोजन किया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में पटना से क्षेत्रीय इंचार्ज सह ज्ञानप्रचारक नवल किशोर सिंह उपस्थित रहे।
नवल किशोर सिंह ने अपने उद्बोधन में ब्रह्मज्ञान, मानव एकता, प्रेम और भाईचारे का सशक्त संदेश दिया। उन्होंने जोर देकर कहा कि निरंकार की पहचान से ही मानव जीवन अपने वास्तविक उद्देश्य को प्राप्त कर सकता है और सही मार्ग पर चल सकता है। कार्यक्रम के संचालक मुरारी राय ने बताया कि इस आयोजन का मूल उद्देश्य गुरु-दर्शन के माध्यम से समाज में शांति, प्रेम और सद्भाव का प्रसार करना है।
संतों के वचन: जीवन का आधार और सच्ची भक्ति
विचार-वक्ता जवाहर प्रसाद ने अपने संबोधन में कहा कि जीवन के अधिकांश कार्य हम दूसरों के सहयोग से कर सकते हैं, लेकिन भक्ति एक ऐसी गहन अनुभूति है जिसे व्यक्ति को स्वयं अपनाना पड़ता है। यह एक व्यक्तिगत यात्रा है और आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। वहीं अन्य वक्ताओं राजकुमार प्रसाद, रामाशीष सिंह एवं रामकृपाल ने संयुक्त रूप से कहा कि परमात्मा के बिना जीवन की कल्पना अधूरी है।उन्होंने बताया कि सत्संग कोई औपचारिक रस्म नहीं, बल्कि ज्ञानी संतों के आध्यात्मिक अनुभवों से सजा एक अद्वितीय संगम है। संतों के वचनों को ध्यानपूर्वक सुनकर ही हम जीवन में सही मार्ग पा सकते हैं और परमात्मा के साथ एकाकार हो सकते हैं। वक्ताओं ने यह भी कहा कि सद्गुरु से प्राप्त यह ज्ञान हमें सिखाता है कि हम सभी ईश्वर की एक संतान हैं। इसी भावना से ओत-प्रोत होकर निरंकारी भक्त आपस में मिलते समय चरण-स्पर्श कर सम्मान और आत्मीयता प्रकट करते हैं, जो मानव एकता का उत्कृष्ट उदाहरण है।विभिन्न क्षेत्रों से आए हजारों संतों एवं श्रद्धालुओं ने सद्गुरु माता सुदीक्षा जी महाराज के वचनों और शिक्षाओं को आत्मसात किया, जिससे उनके जीवन में आध्यात्मिक चेतना का संचार हुआ। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करेंइस अवसर पर बाल कलाकार मेघा, श्री, लकी, श्रेष्ठ एवं योगेंद्र राय ने मधुर भजन-गायन प्रस्तुत कर उपस्थित श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। समागम के उपरांत सभी आगंतुकों के लिए लंगर की उत्तम व्यवस्था की गई, जहाँ सभी ने एक साथ प्रसाद ग्रहण किया। इस विशाल आयोजन को सफल बनाने में निरंकारी परिवार, शिशो दरभंगा सहित अन्य क्षेत्रों से आए सेवादारों ने दिन-रात एक कर महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। कार्यक्रम में किशुन राम, अरविंद कुमार सिंह, डॉ. शशि बाला, वर्षा रानी सहित अनेक गणमान्य लोगों की सक्रिय सहभागिता सराहनीय रही, जिससे यह 35वां जिला स्तरीय संत निरंकारी समागम सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।







