back to top
⮜ शहर चुनें
मार्च, 5, 2026
spot_img

भारत का Defence Budget: अमेरिका के 1.5 ट्रिलियन डॉलर के ऐलान के बाद क्या होंगे बड़े बदलाव?

spot_img
spot_img
spot_img
spot_img
spot_img
- Advertisement - Advertisement

Defence Budget: वैश्विक भू-राजनीतिक उथल-पुथल के बीच, जब दुनिया भर के देश अपनी सुरक्षा को मजबूत करने के लिए अरबों डॉलर का निवेश कर रहे हैं, भारत भी इस दौड़ में पीछे नहीं है। 1 फरवरी को पेश होने वाले केंद्रीय बजट से पहले, रक्षा क्षेत्र पर सबकी निगाहें टिकी हुई हैं। विशेष रूप से तब, जब भारत दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की ओर अग्रसर है, और रक्षा चुनौतियां एक महत्वपूर्ण पहलू बनकर उभर रही हैं।

- Advertisement -

भारत का Defence Budget: अमेरिका के 1.5 ट्रिलियन डॉलर के ऐलान के बाद क्या होंगे बड़े बदलाव?

बढ़ता Defence Budget: वैश्विक तुलना में भारत कहां खड़ा है?

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने वर्ष 2027 के लिए 1.5 ट्रिलियन डॉलर (लगभग 13.48 लाख करोड़ रुपये) के विशाल Defence Budget का ऐलान किया है। यह आंकड़ा कई छोटे देशों की कुल जीडीपी से भी कहीं अधिक है। यह बढ़ोतरी अमेरिकी सैन्य खर्च में करीब 500 अरब डॉलर का इजाफा दर्शाती है। यह चौंकाने वाला आंकड़ा भारत, चीन, जापान, दक्षिण कोरिया और ऑस्ट्रेलिया के संयुक्त Defence Budget (2026 में अनुमानित 473 अरब डॉलर) से भी ज्यादा है। यह दिखाता है कि वैश्विक सुरक्षा परिदृश्य कितनी तेजी से बदल रहा है।

- Advertisement -

मौजूदा वैश्विक तनाव और पड़ोसी देश चीन के लगातार बढ़ते सैन्य खर्च को देखते हुए, भारत के रक्षा बजट में भी आगामी केंद्रीय बजट में महत्वपूर्ण वृद्धि की उम्मीद की जा रही है। यह भारत की सुरक्षा जरूरतों और ‘मेक इन इंडिया’ पहल के तहत रक्षा उत्पादन में आत्मनिर्भरता की दिशा में एक बड़ा कदम होगा। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।

- Advertisement -
यह भी पढ़ें:  Gold Price Today: सोने और चांदी में ऐतिहासिक उछाल, जानें आज के ताजा रेट और बाजार का रुख

वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान, चीन ने अपने रक्षा बजट में उल्लेखनीय वृद्धि करते हुए इसे 245 अरब डॉलर कर दिया था। इसी अवधि में भारत का Defence Budget 81 अरब डॉलर (करीब 6.81 लाख करोड़ रुपये) रहा। अन्य प्रमुख एशियाई देशों में जापान का रक्षा बजट 58 अरब डॉलर, ऑस्ट्रेलिया का 44 अरब डॉलर और दक्षिण कोरिया का 45 अरब डॉलर दर्ज किया गया।

रियल-टाइम बिजनेस – टेक्नोलॉजी खबरों के लिए यहां क्लिक करें

पिछले एक दशक में भारत के रक्षा व्यय में अभूतपूर्व वृद्धि

पिछले एक दशक में भारत के रक्षा बजट में करीब ढाई गुना की वृद्धि दर्ज की गई है, जो देश की बढ़ती सुरक्षा चिंताओं और आधुनिकीकरण की आवश्यकता को दर्शाता है। वित्त वर्ष 2025-26 के लिए सरकार ने 6.6 लाख करोड़ रुपये का रक्षा बजट आवंटित किया था, जिसमें से 1.8 लाख करोड़ रुपये सेना के आधुनिकीकरण के लिए निर्धारित थे। यह आवंटन देश की जीडीपी का लगभग 1.9 प्रतिशत था, जो पिछले वर्ष की तुलना में लगभग 9.5 प्रतिशत अधिक था।

बीते वर्षों के आंकड़ों पर नजर डालें तो भारत के Defence Budget में लगातार वृद्धि हुई है:

  • 2024-25: 6.21 लाख करोड़ रुपये
  • 2023-24: 5.93 लाख करोड़ रुपये
  • 2022-23: 5.25 लाख करोड़ रुपये
  • 2021-22: 4.78 लाख करोड़ रुपये
  • 2020-21: 4.71 लाख करोड़ रुपये
  • 2019-20: 4.31 लाख करोड़ रुपये
  • 2018-19: 4.04 लाख करोड़ रुपये
  • 2017-18: 3.59 लाख करोड़ रुपये
यह भी पढ़ें:  Gold Price Today: सोने और चांदी में ऐतिहासिक उछाल, जानें आज के ताजा रेट और बाजार का रुख

रक्षा विशेषज्ञ और सेवानिवृत्त विंग कमांडर प्रफुल्ल बख्शी का कहना है कि Defence Budget पर चर्चा करते समय देश की सुरक्षा सर्वोपरि होती है। उन्होंने जोर दिया कि भारत इस समय चारों ओर से जटिल चुनौतियों से घिरा है, जिसमें चीन-पाकिस्तान का गठजोड़, बांग्लादेश की अस्थिर स्थिति और दक्षिण चीन सागर में बढ़ता तनाव शामिल है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।

यह भी पढ़ें:  Stock Market में हाहाकार: होली के रंग में भंग, इन 3 बड़े कारणों से बाजार में आई भारी गिरावट!

उन्होंने आगे कहा कि अमेरिका, ईरान और वेनेजुएला जैसे क्षेत्रों में भी हालात गंभीर होते जा रहे हैं, जिससे भारत की रक्षा जरूरतें और बढ़ेंगी। ऐसे में ‘मेक इन इंडिया’ पहल के तहत रक्षा उत्पादन में आत्मनिर्भरता बेहद जरूरी है, ताकि बाहरी निर्भरता कम हो सके। बख्शी के अनुसार, आधुनिक युद्ध के लिए टैंक, लड़ाकू विमान, इंजन, मिसाइल और गोला-बारूद जैसे अत्याधुनिक हथियारों का स्वदेशी उत्पादन अत्यंत महत्वपूर्ण है।

इसके साथ ही, रक्षा अनुसंधान एवं विकास (R&D) पर खर्च बढ़ाने की आवश्यकता है, जिससे नई तकनीकों और उपकरणों का विकास देश के भीतर ही हो सके। उन्होंने सुझाव दिया कि भारत को रक्षा पर खर्च को जीडीपी के 3.5 से 5 प्रतिशत तक बढ़ाने पर गंभीरता से विचार करना चाहिए, जैसा कि कई विकसित देश अपनी सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए कर रहे हैं। इससे देश की सामरिक क्षमता मजबूत होगी। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।

- Advertisement -

जरूर पढ़ें

गर्मी से राहत: जानें सही AC Technology कैसे बचाएगी आपकी जेब!

AC Technology: दिल्ली-NCR समेत देशभर में बढ़ती गर्मी के बीच एयर कंडीशनर (AC) खरीदना...

टी20 वर्ल्ड कप 2026: फिन एलेन के तूफान में उड़ी दक्षिण अफ्रीका, न्यूजीलैंड फाइनल में

T20 World Cup 2026: क्रिकेट प्रेमियों, तैयार हो जाइए रोमांच के अगले स्तर के...

राज कपूर की अनसुनी प्रेम कहानी: जब परिवार और प्यार के बीच फंसे थे शोमैन!

Raj Kapoor News: हिंदी सिनेमा के शोमैन राज कपूर की प्रेम कहानी आज भी...

Celebrity Rental Income: अमिताभ बच्चन से सलमान खान तक, ये सितारे किराए से कमाते हैं लाखों!

Celebrity Rental Income: ग्लैमर की दुनिया में जहां सितारे अपनी एक्टिंग और फिल्मों से...
error: कॉपी नहीं, शेयर करें