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मार्च, 4, 2026
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ED Raid: बंगाल में सियासी घमासान, TMC के चुनावी डेटा पर ईडी का घेरा?

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ED Raid: सत्ता के गलियारों में जब जांच एजेंसियों का कदम पड़ता है, तो सियासी तापमान अपने चरम पर पहुंच जाता है। कुछ ऐसा ही नजारा पश्चिम बंगाल में देखने को मिला, जहां एक याचिका पर सुनवाई के दौरान कई बड़े खुलासे हुए। कलकत्ता उच्च न्यायालय ने तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) द्वारा दायर एक महत्वपूर्ण याचिका का निपटारा कर दिया है, जिसमें प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) पर पार्टी की संवेदनशील फाइलें और चुनावी डेटा जब्त करने का आरोप लगाया गया था।

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ED Raid पर ईडी का रुख और टीएमसी के आरोप

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा दायर एक अन्य याचिका पर सुनवाई टाल दी गई क्योंकि एजेंसी ने सर्वोच्च न्यायालय में भी इसी तरह की अपील दायर की है। सर्वोच्च न्यायालय इस मामले पर गुरुवार को सुनवाई करेगा। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। सुनवाई के दौरान, ईडी ने स्पष्ट रूप से कहा कि उसने टीएमसी से संबंधित कोई भी डेटा जब्त नहीं किया है। एजेंसी ने सवाल उठाया कि उसे उस सामग्री की सुरक्षा के लिए कैसे कहा जा सकता है जो कभी उसकी हिरासत में ही नहीं रही।

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केंद्रीय जांच एजेंसी ने अदालत को बताया कि अगर मामला केवल डेटा की सुरक्षा सुनिश्चित करने का होता, तो वे ऐसे अनुरोध का समर्थन करते। हालांकि, ईडी ने यह भी दावा किया कि जिस डेटा को लेकर विवाद है, उसे ईडी ने नहीं लिया था, बल्कि पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी खुद इसे ले गई थीं। उच्च न्यायालय कोलकाता में आई-पीएसी के कार्यालय और उसके निदेशक प्रतीक जैन के आवास पर हाल ही में हुई छापेमारी के संबंध में ईडी और टीएमसी दोनों की याचिकाओं पर सुनवाई कर रहा था। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। ईडी ने जोर देकर कहा कि ये छापे सीधे तौर पर तृणमूल कांग्रेस से संबंधित नहीं थे।

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यह भी पढ़ें:  Bihar Rajya Sabha Election: राज्यसभा चुनाव में उपेंद्र कुशवाहा बने NDA के उम्मीदवार, बिहार में राजनीतिक हलचल तेज़

चुनावी डेटा पर टीएमसी की चिंता और कोर्ट का फैसला

दूसरी ओर, टीएमसी ने आरोप लगाया था कि ईडी ने उनके चुनाव संबंधी डेटा को जब्त कर लिया है और इसके लिए अदालत से सुरक्षा की मांग की थी। अदालत ने अब इस याचिका का निपटारा कर दिया है, जिससे यह मामला एक नए मोड़ पर आ गया है। इस पूरे प्रकरण से पश्चिम बंगाल की राजनीति में गहमागहमी और बढ़ गई है।

यह घटनाक्रम ऐसे समय में आया है जब पश्चिम बंगाल में राजनीतिक माहौल पहले से ही गरमाया हुआ है और जांच एजेंसियों की कार्रवाई लगातार सुर्खियों में बनी हुई है। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।

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