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फ़रवरी, 11, 2026
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Bokaro Ayyappa Temple: बोकारो अयप्पा मंदिर में मकर संक्रांति पर अध्यात्म और भक्ति में आगे बढ़ने की होड़, उमड़ा श्रद्धा का पारंपरिक परवाह… स्वामीये शरणम अयप्पा

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Bokaro Ayyappa Temple: जब आस्था की डोर से बंधकर जनसैलाब उमड़ता है, तो वह केवल भीड़ नहीं, बल्कि एक संस्कृति का प्रवाह बन जाता है। बोकारो का वातावरण मकर संक्रांति के पावन अवसर पर एक बार फिर अध्यात्म और भक्ति में सराबोर हो उठा।

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Ayyappa Temple: बोकारो के अयप्पा मंदिर में मकर संक्रांति पर उमड़ा श्रद्धा का सैलाब, उपायुक्त भी हुए शामिल

बोकारो के सेक्टर 05 स्थित अयप्पा मंदिर में मकर संक्रांति के पावन अवसर पर आयोजित विशेष पूजा और भव्य शोभा यात्रा ने पूरे क्षेत्र को भक्तिमय वातावरण से परिपूर्ण कर दिया। इस आध्यात्मिक आयोजन में बोकारो उपायुक्त अजय नाथ झा की गरिमामयी उपस्थिति ने श्रद्धालुओं के उत्साह को और भी बढ़ा दिया। इस अवसर पर आस्था, अनुशासन और एकता का अद्भुत संगम देखने को मिला। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।

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Bokaro Ayyappa Temple: बोकारो अयप्पा मंदिर में मकर संक्रांति पर अध्यात्म और भक्ति में आगे बढ़ने की होड़, उमड़ा श्रद्धा का पारंपरिक परवाह... स्वामीये शरणम अयप्पा

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Ayyappa Temple: आत्मसंयम और एकता का संदेश देती शोभायात्रा

यह धार्मिक शोभायात्रा केवल एक पारंपरिक अनुष्ठान मात्र नहीं थी, बल्कि आत्मसंयम, अनुशासन और सामाजिक सौहार्द का एक जीवंत प्रतीक बन गई। नंगे पांव, सादे वस्त्रों में और संयमित आचरण के साथ कदम बढ़ाते श्रद्धालु यह संदेश दे रहे थे कि सच्ची भक्ति किसी आडंबर में नहीं, बल्कि आत्मनियंत्रण और शुद्ध जीवन मूल्यों में निहित होती है। यह देख आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।

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“स्वामीये शरणम अयप्पा” का उद्घोष पूरे वातावरण में गूंज रहा था, जो हर किसी को आध्यात्मिक ऊर्जा से भर रहा था। यह उद्घोष समानता और समरसता का प्रतीक है, जहां जाति, वर्ग, भाषा और क्षेत्र के सभी भेद मिट जाते हैं। यहां हर भक्त केवल एक पहचान रखता है – अयप्पा का शरणागत।

उपायुक्त अजय नाथ झा ने इस अवसर पर अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि जब व्यक्तिगत साधना सार्वजनिक रूप लेती है, तब वह समाज में शांति, सद्भाव और भाईचारे की एक मजबूत नींव रखती है। उन्होंने अयप्पा की परंपरा को जोड़ने, सहिष्णु बनने और एक-दूसरे के प्रति सम्मान की भावना विकसित करने की प्रेरणा देने वाला बताया। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें: देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें

यह भव्य धार्मिक शोभायात्रा हमारी सांस्कृतिक विरासत में निहित विविधता में एकता का सुंदर उदाहरण प्रस्तुत करती है। यह सिद्ध करती है कि आस्था समाज को बांटने का नहीं, बल्कि उसे एक मजबूत सूत्र में पिरोने का कार्य करती है।

आध्यात्मिक ऊर्जा से परिपूर्ण हुआ बोकारो

इस पुनीत कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालु, मंदिर समिति के सदस्य और स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे। पूरे क्षेत्र में भक्ति, शांति और सकारात्मक ऊर्जा का अद्भुत संचार हुआ। यह आयोजन बोकारो के आध्यात्मिक और सामाजिक ताने-बाने को और मजबूत करने वाला सिद्ध हुआ। मकर संक्रांति के इस पावन पर्व पर अयप्पा मंदिर में उमड़ी भीड़ ने एक बार फिर झारखंड की समृद्ध सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत को रेखांकित किया। यह आयोजन एक मिसाल बन गया, जहां सामूहिक भक्ति और सामाजिक सद्भाव का अद्भुत संगम देखने को मिला। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।

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