मुंबई एयरपोर्ट रडार: मुंबई के आसमान से अब विकास की नई उड़ान भरने वाली है। दशकों से अटकी एक बड़ी बाधा अब दूर होने जा रही है, जिससे उत्तरी मुंबई के दहिसर इलाके का कायाकल्प होगा और आम लोगों को किफायती आवास का सपना पूरा करने का मौका मिलेगा।
मुंबई एयरपोर्ट रडार: महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने बुधवार को घोषणा की कि भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (एएआई) ने मुंबई हवाई अड्डे के उच्च आवृत्ति वाले रडार को दहिसर से गोराई स्थानांतरित करने का निर्णय लिया है। इस महत्वपूर्ण फैसले को केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री की भी मंजूरी मिल गई है।
सीएम फडणवीस ने राज्य की 29 महानगरपालिकाओं में मतदान की पूर्व संध्या पर एक सोशल मीडिया पोस्ट में बताया कि इस कदम से उत्तरी मुंबई के दहिसर क्षेत्र के बहुप्रतीक्षित दहिसर पुनर्विकास का मार्ग प्रशस्त होगा। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को उनके समर्थन के लिए धन्यवाद देते हुए कहा कि राज्य सरकार ने रडार प्रणाली के लिए गोराई में भूमि आवंटित करने का निर्णय पहले ही कर लिया था। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
मुंबई एयरपोर्ट रडार की शिफ्टिंग: क्या बदलेगा?
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि रडार के स्थानांतरण से दहिसर में विकास गतिविधियों में आ रही प्रमुख बाधाएं समाप्त हो जाएंगी। यह न केवल किफायती आवास परियोजनाओं को गति देगा बल्कि पूरे क्षेत्र के बुनियादी ढांचे को भी मजबूती प्रदान करेगा।
पिछले महीने, नागरिक उड्डयन मंत्री के. राममोहन नायडू ने भी इस स्थानांतरण की पुष्टि की थी। उन्होंने कहा था कि दहिसर में स्थित एएआई का उच्च आवृत्ति वाला रडार गोराई में स्थानांतरित किया जाएगा, जिससे इस महत्वपूर्ण क्षेत्र में सैकड़ों एकड़ भूमि किफायती आवास परियोजनाओं के लिए उपलब्ध हो सकेगी।
यह निर्णय नागरिक उड्डयन मंत्रालय, महाराष्ट्र सरकार और अन्य संबंधित हितधारकों के बीच हुई गहन बैठक के बाद लिया गया है। मंत्रालय द्वारा राज्य सरकार को भेजे गए पत्र के अनुसार, रडार स्थानांतरण का पूरा खर्च महाराष्ट्र सरकार वहन करेगी। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें। इस निर्णय से मुंबई के विकास में एक नया अध्याय शुरू होगा, आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
दहिसर को मिलेगी नई पहचान
यह कदम दशकों से लंबित दहिसर पुनर्विकास योजनाओं को साकार करने में मदद करेगा। स्थानीय निवासियों को उम्मीद है कि इस पहल से उनके जीवन स्तर में सुधार होगा और क्षेत्र में नई व्यावसायिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा। सरकार का यह फैसला शहरी नियोजन और नागरिक सुविधाओं के विस्तार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।

