Darbhanga Court News: न्याय के दरबार में, जब कसौटी पर सच्चाई उतरती है, तब फैसलों की गूंज दूर तक सुनाई देती है। न्यायपालिका की इसी कड़ी में, दरभंगा जिला न्याय मंडल से एक महत्वपूर्ण खबर सामने आई है, जहां तीन अलग-अलग संगीन मामलों में कई आरोपियों की जमानत याचिकाएं खारिज कर दी गई हैं।
दरभंगा कोर्ट न्यूज़: जानें क्या हैं मामले
दरभंगा जिला न्याय मंडल के सत्र न्यायाधीश शिव गोपाल मिश्रा की अदालत ने जानलेवा हमला से संबंधित बहादुरपुर थानाकांड संख्या 474/25 के चार आरोपियों की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी है। जिन आरोपियों की याचिका खारिज हुई है, उनमें संजीव कुमार मिश्रा, अभिषेक कुमार मिश्रा, रुबी देवी और खुशी कुमारी शामिल हैं। कोर्ट ने सबूतों और परिस्थितियों पर विचार करते हुए इन सभी की अग्रिम जमानत देने से इनकार कर दिया, जिससे उन्हें अब न्यायिक हिरासत में जाना पड़ सकता है। यह फैसला दर्शाता है कि गंभीर अपराधों में अग्रिम राहत मिलना कितना मुश्किल होता है।
इसी क्रम में, अपर सत्र न्यायाधीश सप्तम उपेंद्र कुमार की अदालत ने हत्या के आरोप में दर्ज बहेड़ी थानाकांड संख्या 203/25 के आरोपी बिनोद मंडल उर्फ रामबिनोद मंडल उर्फ अजय कुमार मंडल की नियमित जमानत अर्जी भी खारिज कर दी। आरोपी हायाघाट थानाक्षेत्र के कोठरा गांव का निवासी है। लोक अभियोजक अमरेंद्र नारायण झा ने बताया कि अदालत ने मामले की गंभीरता और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आरोपी को जमानत देने से इनकार किया। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। यह न्यायिक प्रक्रिया यह सुनिश्चित करती है कि गंभीर अपराधों के आरोपियों को आसानी से राहत न मिले।
एक अन्य महत्वपूर्ण मामले में, अपर सत्र न्यायाधीश नागेश प्रताप सिंह की अदालत ने पुलिस की वर्दी पहनकर आते-जाते वाहनों से अवैध वसूली करने के आरोप में संस्थित बेंता थानाकांड संख्या 187/25 के आरोपी की नियमित जमानत याचिका खारिज कर दी। आरोपी ऋषि कुमार यादव मधुबनी जिला के जयनगर थानाक्षेत्र के कुआढ का निवासी है, जो खुद को फर्जी पुलिसवाला बताकर लोगों को ठग रहा था। कोर्ट ने ऐसे गंभीर प्रकृति के अपराधों में शामिल व्यक्ति को जमानत देने से इनकार कर दिया है। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें। ऐसी घटनाओं से समाज में कानून व्यवस्था पर प्रश्नचिह्न लगता है और न्यायपालिका ऐसे तत्वों पर कड़ी कार्रवाई करती है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
न्यायपालिका की सख्ती और अपराध पर लगाम
इन तीनों फैसलों से यह स्पष्ट होता है कि दरभंगा न्याय मंडल गंभीर अपराधों के प्रति सख्त रुख अपना रहा है। चाहे वह जानलेवा हमला हो, हत्या का मामला हो या फिर पुलिस की वर्दी का दुरुपयोग कर वसूली का मामला, सभी में न्यायालय ने अपराधियों को किसी भी प्रकार की राहत देने से इनकार कर दिया। यह न्यायिक प्रक्रिया समाज में कानून के प्रति विश्वास को मजबूत करती है और अपराधियों को यह संदेश देती है कि कानून से ऊपर कोई नहीं है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। इन फैसलों से यह भी उम्मीद जगी है कि आगे भी आपराधिक तत्वों के खिलाफ ऐसी ही कड़ी कार्रवाई जारी रहेगी, जिससे अपराध पर लगाम लग सकेगी।

