



Bokaro Jal Jeevan Mission: पानी की हर बूंद, जीवन का आधार! जब जल आपूर्ति की धार थमती है, तो जिंदगी ठहर सी जाती है। बोकारो में Jal Jeevan Mission के तहत विभिन्न प्रखंडों में जल सेवा मूल्यांकन के लिए ग्राम सभाएं आयोजित की गईं, जहां पेयजल व्यवस्था की नब्ज टटोली गई।झारखंड के बोकारो जिले में जल जीवन मिशन के अंतर्गत गुरुवार को कई प्रखंडों में पेयजल आपूर्ति व्यवस्था के जल सेवा मूल्यांकन (Water Service Assessment) हेतु ग्राम सभाओं का आयोजन किया गया। इन सभाओं में ग्रामीण, जनप्रतिनिधि और संबंधित अधिकारी एक साथ आए और जल आपूर्ति, जल की गुणवत्ता तथा सेवा स्तर में सुधार को लेकर विस्तृत चर्चा की। यह कवायद सुनिश्चित करने के लिए की गई है कि हर घर तक स्वच्छ और पर्याप्त पानी पहुंचे।
ग्राम सभाओं में Jal Jeevan Mission की सफलता पर मंथन
ग्राम सभा के दौरान, ग्रामीणों ने जल आपूर्ति की नियमितता, पानी का दबाव, समय पर आपूर्ति और सबसे महत्वपूर्ण, जल गुणवत्ता से संबंधित अपनी समस्याओं को खुलकर साझा किया। अधिकारियों ने ग्रामीणों की शिकायतों को गंभीरता से सुना और उनके त्वरित समाधान हेतु आवश्यक कदम उठाने का आश्वासन दिया। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। यह पहल ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल संकट को दूर करने में महत्वपूर्ण साबित हो सकती है।बैठकों में जल जीवन मिशन के अंतर्गत चल रही योजनाओं को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए ग्रामीणों तथा जनप्रतिनिधियों से बहुमूल्य सुझाव भी प्राप्त किए गए। इस दौरान जल संरचनाओं के उचित रख-रखाव, समय पर मरम्मत कार्य, स्वच्छता सुनिश्चित करने और जल संरक्षण के महत्व पर विशेष जोर दिया गया।
सामुदायिक सहभागिता से ही संभव है पेयजल व्यवस्था का सुधार
ग्राम सभा में यह बात स्पष्ट रूप से कही गई कि जल जीवन मिशन की वास्तविक सफलता के लिए सामुदायिक सहभागिता अत्यंत आवश्यक है। ग्रामीणों से अपील की गई कि वे जल स्रोतों की सुरक्षा, पानी के सदुपयोग और योजना की प्रभावी निगरानी में सक्रिय भूमिका निभाएं। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें: https://deshajtimes.com/news/national/इन ग्राम सभाओं का आयोजन नावाडीह प्रखंड के बाराडीह, गोमिया प्रखंड के हजारी पंचायत, पेटरवार प्रखंड के चापी पंचायत और चास प्रखंड के ऋतुडीह – हैसाबातू – बांसगोरा जैसे विभिन्न स्थानों पर किया गया। इन आयोजनों में पंचायत प्रतिनिधियों, सहायक अभियंताओं, कनीय अभियंताओं, वास कोऑर्डिनेटरों, यूनिसेफ सपोर्ट टीम के सदस्यों, जल सहियाओं और बड़ी संख्या में ग्रामीणों की उपस्थिति देखी गई। इन चर्चाओं का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना था कि जल गुणवत्ता के साथ-साथ हर घर तक स्वच्छ पानी पहुंचे। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।


