



Bokaro Agriculture Development: जब खेतों में पसीना सिंचाई का काम करता है, तब समृद्धि की फसल लहलहाती है। इसी लहलहाती फसल को सुनिश्चित करने के लिए, बोकारो जिला प्रशासन कमर कस चुका है।Bokaro Agriculture Development: कृषि सहित संबद्ध विभागों को उपायुक्त का सख्त निर्देश, ‘काम में लाएं तेजी, समय पर दें लाभ’
बोकारो में Agriculture Development: विभागों को ‘प्रो-एक्टिव’ होने का आदेश
बोकारो जिला मुख्यालय में आयोजित एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक में उपायुक्त अजय नाथ झा ने कृषि और उससे जुड़े विभिन्न विभागों की प्रगति का जायजा लिया। बैठक में उप विकास आयुक्त शताब्दी मजूमदार, अपर समाहर्ता मुमताज अंसारी सहित सहकारिता, गव्य-पशुपालन, मत्स्य, उद्यान और आत्मा जैसे महत्वपूर्ण विभागों के पदाधिकारी उपस्थित थे।
उपायुक्त ने सभी संबंधित अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि वे अपने विभागों के कामकाज में अविलंब सुधार लाएं और अधिक सक्रियता (प्रो-एक्टिव) के साथ कार्य करें, ताकि सरकारी योजनाओं का लाभ सही समय पर पात्र किसानों तक पहुँच सके। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। उन्होंने वित्तीय वर्ष 2025-26 के लक्ष्यों को निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूरा करने पर विशेष बल दिया।बैठक के दौरान जरीडीह कृषक पाठशाला में अधूरे पड़े कार्यों पर विशेष ध्यान दिया गया। उपायुक्त ने संस्था के सचिव को निर्देशित किया कि सभी स्वीकृत कार्यों को आगामी 20 फरवरी 2026 तक हर हाल में पूरा कर लिया जाए। इसके अतिरिक्त, जिला कृषि पदाधिकारी, जिला मत्स्य पदाधिकारी और जिला उद्यान पदाधिकारी को कृषक पाठशाला परिसर में जलजमाव वाले क्षेत्रों के सौंदर्यीकरण और आजीविका सृजन हेतु सात दिनों के भीतर एक विस्तृत कार्ययोजना प्रस्तुत करने का आदेश दिया गया। उपायुक्त ने यह भी सुनिश्चित करने को कहा कि इन किसान कल्याण योजनाओं का सीधा लाभ किसानों को मिले, इसके लिए सभी विभागों को मिलकर काम करना होगा।जरीडीह कृषक पाठशाला के अधूरे कार्यों के विपत्रों का 75 प्रतिशत भुगतान शीघ्र सुनिश्चित करने का निर्देश जिला कृषि पदाधिकारी को दिया गया, ताकि शेष कार्यों को गति मिल सके। इसके साथ ही, नावाडीह और जरीडीह कृषक पाठशाला में स्थापित मधुमक्खी पालन इकाइयों से उत्पादित शहद को ‘बोकारो ब्रांड’ के रूप में बाजार में उतारने की रणनीति बनाने के लिए संस्था को निर्देशित किया गया। इस पहल का उद्देश्य जिले की पहचान को राज्य स्तर पर मजबूत करना है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करेंनावाडीह कृषक पाठशाला में मशरूम उत्पादन इकाई की स्थापना को लेकर भी निर्देश दिए गए, जिससे किसानों और युवाओं के लिए स्वरोजगार के नए अवसर पैदा हो सकें। पीडीएमसी योजना के तहत संचालित ड्रिप सिंचाई कार्यों को भी निर्धारित समय-सीमा के भीतर पूर्ण करने का निर्देश जिला कृषि पदाधिकारी को दिया गया।
ग्रामीण उत्थान और Agriculture Development की नई दिशा
मिलेट मिशन के अंतर्गत बाजरा आधारित उत्पादों के प्रचार-प्रसार के लिए जिला मुख्यालय में एक कैफेटेरिया खोलने का महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया। इसका उद्देश्य आम जनता को पौष्टिक आहार के प्रति जागरूक करना है। वहीं, किसान समृद्धि योजना के तहत सही लाभार्थियों के चयन पर जोर देते हुए उपायुक्त ने इस योजना से किसानों की फसल उत्पादन में होने वाले लाभ का आकलन प्रतिवेदन तैयार करने का निर्देश दिया।किसानों के लिए क्लस्टर बनाकर डीएमएफटी फंड से 05 एचपी सोलर पंप उपलब्ध कराने और इससे होने वाले फायदे, जैसे उत्पादन में बढ़ोतरी, को रेखांकित करते हुए एक विस्तृत प्रस्ताव तैयार कर जिला को समर्पित करने का भी निर्देश दिया गया। यह किसानों की आय में वृद्धि का एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकता है।सहकारिता विभाग की समीक्षा के दौरान उपायुक्त ने गोदाम निर्माण के लिए भूमि चिन्हित करने हेतु अपर समाहर्ता से पत्राचार करने का निर्देश दिया। धान क्रय कार्य में तेजी लाने और एक सप्ताह के भीतर किसानों को धान की राशि का भुगतान सुनिश्चित करने के स्पष्ट आदेश दिए गए। उपायुक्त ने जिला आपूर्ति पदाधिकारी से इस संबंध में समन्वय स्थापित करने को कहा। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।गव्य एवं पशुपालन विभाग को विभिन्न योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु पशुपालकों के साथ बैठक आयोजित करने और सभी लाभार्थियों के शत-प्रतिशत बैंक खाते खुलवाने को सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया। विभाग को चालू वित्तीय वर्ष के लक्ष्यों को पूरा करने के लिए भी कहा गया। मत्स्य विभाग को जिले के शेष सभी तालाबों और जल स्रोतों की बंदोबस्ती शीघ्र पूर्ण करने तथा इससे संबंधित समरी रिपोर्ट जिला प्रशासन को समर्पित करने का निर्देश दिया गया। उपायुक्त ने जोर दिया कि सभी किसान कल्याण योजनाएँ समय पर पूरी हों और उनका लाभ हर पात्र किसान तक पहुँचे।आगामी प्रखंड स्तरीय किसान मेले के व्यापक प्रचार-प्रसार हेतु सूचना एवं जनसंपर्क विभाग का सहयोग लेने तथा सभी जनप्रतिनिधियों को आमंत्रित करने का भी निर्देश दिया गया, ताकि किसानों की अधिकतम भागीदारी सुनिश्चित की जा सके। उपायुक्त अजय नाथ झा ने अंत में कहा कि इन सभी योजनाओं का मुख्य उद्देश्य किसानों की आय में वृद्धि करना, ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार सृजन करना और बोकारो जिले को कृषि एवं संबद्ध क्षेत्रों में एक नई पहचान दिलाना है। उन्होंने सभी विभागों को वित्तीय वर्ष 2025-26 के लक्ष्यों के अनुरूप कार्यों को समयबद्ध तरीके से पूर्ण करने का आह्वान किया।बैठक में जिला कृषि पदाधिकारी शाहीद, जिला मत्स्य पदाधिकारी श्रीमती नीलम एक्का, जिला सहकारिता पदाधिकारी ऋतुराज कुमार प्रसाद, जिला जनसंपर्क पदाधिकारी रवि कुमार, सहायक जनसंपर्क पदाधिकारी अविनाश कुमार सिंह, जिला उद्यान पदाधिकारी, आत्मा परियोजना निदेशक, जिला पशुपालन पदाधिकारी, जिला गव्य पदाधिकारी सहित अन्य संबंधित पदाधिकारी उपस्थित थे।



