
Masik Shivratri: भगवान शिव की असीम कृपा प्राप्त करने का मासिक शिवरात्रि एक अत्यंत पवित्र पर्व है। इस दिन भक्तजन भगवान भोलेनाथ की विशेष पूजा-अर्चना कर अपने जीवन के कष्टों को दूर करने और मनोकामनाएं पूर्ण करने की प्रार्थना करते हैं। ज्योतिष शास्त्र में मासिक शिवरात्रि पर किए जाने वाले कुछ विशेष ज्योतिषीय उपाय वर्णित हैं, जो व्यक्ति के जीवन में सुख-समृद्धि और शांति ला सकते हैं।
Masik Shivratri: शिव कृपा प्राप्ति के लिए करें ये विशेष उपाय
भगवान शिव की पूजा के लिए हर महीने कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को मासिक शिवरात्रि मनाई जाती है। यह दिन भक्तों के लिए भगवान शिव और माता पार्वती का आशीर्वाद प्राप्त करने का एक सुनहरा अवसर होता है। शास्त्रों में इस दिन किए गए कुछ विशेष ज्योतिषीय उपाय अत्यंत फलदायी माने गए हैं। इन उपायों से न केवल ग्रह दोष शांत होते हैं, बल्कि जीवन में आ रही बाधाएं भी दूर होती हैं और सुख-समृद्धि का वास होता है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
Masik Shivratri के दिन इन सरल उपायों से पाएं महादेव का आशीर्वाद
मासिक शिवरात्रि के पावन पर्व पर, सच्ची श्रद्धा और भक्ति के साथ किए गए ये उपाय आपके जीवन को सकारात्मक ऊर्जा से भर सकते हैं। आइए जानते हैं कुछ ऐसे ही प्रभावी उपाय:
- शिवलिंग पर जल अभिषेक और बेलपत्र: मासिक शिवरात्रि के दिन सुबह स्नान आदि से निवृत होकर शिवलिंग पर शुद्ध जल में गंगाजल मिलाकर अभिषेक करें। इसके बाद बेलपत्र, धतूरा, भांग, शमी पत्र, सफेद पुष्प और चंदन अर्पित करें। ऐसा करने से भगवान शिव शीघ्र प्रसन्न होते हैं और आपकी सभी मनोकामनाएं पूर्ण करते हैं।
- महामृत्युंजय मंत्र का जाप: इस दिन “ॐ नमः शिवाय” या “महामृत्युंजय मंत्र” का कम से कम 108 बार जाप करें। मंत्रों की शक्ति से नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है और आरोग्य तथा दीर्घायु की प्राप्ति होती है।
- गरीबों को दान: मासिक शिवरात्रि के अवसर पर गरीबों और जरूरतमंदों को अन्न, वस्त्र या धन का दान करना अत्यंत शुभ माना गया है। इससे पुण्य की प्राप्ति होती है और भगवान शिव की विशेष कृपा बरसती है।
- प्रदोष काल पूजा: मासिक शिवरात्रि पर प्रदोष काल में भगवान शिव की पूजा का विशेष महत्व है। सूर्यास्त के बाद और रात्रि होने से पहले का समय प्रदोष काल कहलाता है। इस समय शिव मंदिर में दीपक जलाएं और भगवान शिव की आरती करें।
- रुद्राभिषेक: यदि संभव हो, तो मासिक शिवरात्रि के दिन किसी योग्य पंडित से रुद्राभिषेक करवाएं। यह भगवान शिव को प्रसन्न करने और सभी कष्टों से मुक्ति पाने का सबसे शक्तिशाली उपाय माना जाता है। रुद्राभिषेक विभिन्न पदार्थों जैसे दूध, दही, घी, शहद, गन्ने के रस आदि से किया जाता है, जो अलग-अलग मनोकामनाओं की पूर्ति के लिए होते हैं।
ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्।
उर्वारुकमिव बन्धनान् मृत्योर्मुक्षीय मामृतात्॥
मासिक शिवरात्रि का व्रत और पूजा करने से अविवाहित कन्याओं को उत्तम वर की प्राप्ति होती है, और विवाहित महिलाओं को अखंड सौभाग्य का आशीर्वाद मिलता है। भगवान शिव अपने भक्तों के सभी दुखों को हर लेते हैं और उन्हें सुखमय जीवन प्रदान करते हैं। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
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इन उपायों को पूर्ण श्रद्धा के साथ करने से भगवान शिव और माता पार्वती की असीम कृपा प्राप्त होती है, और जीवन की हर समस्या से मुक्ति मिल सकती है। अपनी श्रद्धा और सामर्थ्य के अनुसार इन उपायों को अपनाएं और शिव कृपा के भागी बनें। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।








