
Republic Day Parade: इस बार कर्तव्य पथ पर वीआईपी संस्कृति का सूर्य अस्त हो रहा है, क्योंकि अब देश के गौरवशाली पर्व पर आमजन की भागीदारी ही सर्वोपरि होगी। यह एक ऐसा ऐतिहासिक बदलाव है जो हर भारतीय को कर्तव्य पथ से सीधे जोड़ेगा।
गणतंत्र दिवस परेड: कर्तव्य पथ पर ‘VIP कल्चर’ का अंत, अब नदियों और वाद्य यंत्रों के नाम से जाने जाएंगे बैठने के स्थान
गणतंत्र दिवस परेड: वीआईपी संस्कृति को अलविदा
रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह ने शुक्रवार को घोषणा की कि वार्षिक गणतंत्र दिवस परेड में इस वर्ष से वीआईपी संस्कृति का पूर्णतः उन्मूलन किया जाएगा। अब कर्तव्य पथ पर होने वाली परेड के दौरान दर्शकों के लिए निर्धारित स्थानों का नाम भारतीय नदियों के नाम पर रखा जाएगा, जबकि बीटिंग रिट्रीट समारोह के लिए निर्धारित स्थानों का नाम विभिन्न वाद्य यंत्रों के नाम पर होगा। यह निर्णय आम नागरिकों को समारोहों से अधिक जोड़ने और पारंपरिक अभिजात्य वर्ग के प्रभाव को कम करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि इस पहल का मुख्य उद्देश्य वीआईपी संस्कृति को समाप्त करना है, ताकि सभी नागरिक समान रूप से राष्ट्रीय गौरव के इन क्षणों का अनुभव कर सकें। रक्षा मंत्रालय ने इस बदलाव के साथ ही समारोहों को अधिक समावेशी बनाने का मार्ग प्रशस्त किया है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
इसके अतिरिक्त, उन्होंने स्वच्छता के प्रति देश की प्रतिबद्धता पर बल देते हुए बताया कि 26 और 30 जनवरी को होने वाले कार्यक्रमों के तुरंत बाद एक व्यापक स्वच्छता अभियान चलाया जाएगा। इस अभियान में एनसीसी कैडेट और माय भारत के स्वयंसेवक कर्तव्य पथ और उसके आसपास के क्षेत्रों से कचरा हटाने का कार्य करेंगे। यह पहल न केवल पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देगी बल्कि नागरिकों में कर्तव्यनिष्ठा की भावना को भी मजबूत करेगी।
यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि भारत 26 जनवरी, 2026 को अपना 77वां गणतंत्र दिवस भव्य परेड, सांस्कृतिक प्रदर्शन और भारत की रक्षा क्षमताओं के प्रदर्शन के साथ मनाएगा। इस कार्यक्रम में हजारों दर्शकों के प्रत्यक्ष रूप से और लाइव प्रसारण के माध्यम से शामिल होने की उम्मीद है। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें https://deshajtimes.com/news/national/
गणतंत्र दिवस समारोह की तैयारियां और टिकटों की बिक्री
राष्ट्रीय समारोहों की तैयारियों के बीच कर्तव्य पथ पर परेड का पूर्वाभ्यास जोर-शोर से चल रहा है। इस भव्य आयोजन को सफल बनाने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
इस बीच, गणतंत्र दिवस परेड, बीटिंग रिट्रीट के पूर्ण वेशभूषा पूर्वाभ्यास और मुख्य बीटिंग रिट्रीट समारोह के टिकटों की बिक्री 5 जनवरी से शुरू हो गई है। गणतंत्र दिवस परेड के टिकटों की कीमत 20 रुपये और 100 रुपये निर्धारित की गई है। बीटिंग रिट्रीट के पूर्ण वेशभूषा पूर्वाभ्यास के टिकट 20 रुपये में उपलब्ध होंगे, जबकि मुख्य बीटिंग रिट्रीट समारोह के टिकट 100 रुपये में प्राप्त किए जा सकते हैं। इस साल स्वच्छता अभियान पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा।
गणतंत्र दिवस पर यूरोपीय संघ के शीर्ष नेता होंगे मुख्य अतिथि
इस वर्ष गणतंत्र दिवस समारोह में यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो लुइस सैंटोस दा कोस्टा और यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे। वे 25 से 27 जनवरी तक तीन दिवसीय भारत यात्रा पर रहेंगे। अपनी यात्रा के दौरान, दोनों नेता 27 जनवरी को होने वाले 16वें भारत-यूरोपीय संघ शिखर सम्मेलन की सह-अध्यक्षता भी करेंगे। इसके अतिरिक्त, वे राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात करेंगे और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ प्रतिनिधिमंडल स्तर की महत्वपूर्ण वार्ता करेंगे। यह यात्रा भारत और यूरोपीय संघ के बीच संबंधों को और मजबूत करने का अवसर प्रदान करेगी। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।







