

Mahendra Singh Martyrdom Day: कुछ आवाजें समय की सीमाओं को तोड़कर युगों तक गूंजती हैं, संघर्षों की राह पर मशाल बनकर जलती हैं। बिहार के राजनीतिक फलक पर ऐसी ही एक indelible छाप छोड़ गए थे कामरेड महेंद्र सिंह, जिनकी 21वीं पुण्यतिथि पर दरभंगा में भाकपा माले कार्यकर्ताओं ने उनके सपनों को साकार करने का संकल्प लिया।
दरभंगा: संघर्ष के नायक कामरेड Mahendra Singh Martyrdom Day पर भाकपा माले का संकल्प, कहा- नहीं झुकेंगे सत्ता संरक्षित अपराध के आगे
Mahendra Singh Martyrdom Day: संघर्षों से प्रेरणा और वर्तमान चुनौतियों पर चिंतन
दरभंगा, 16 जनवरी 2026: जनवादी संघर्षों के प्रतीक और भाकपा माले के सड़क से सदन तक संघर्ष के नायक कामरेड महेंद्र सिंह की 21वीं स्मृति दिवस पर दरभंगा के पोलो मैदान स्थित पार्क में उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गई। उपस्थित कार्यकर्ताओं ने उनकी प्रतिमा पर पुष्पांजलि और माल्यार्पण कर एक मिनट का मौन रखकर उनके बलिदान को याद किया और उनके आदर्शों पर चलने का संकल्प लिया। इस अवसर पर आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। भाकपा माले जिला सचिव बैद्यनाथ यादव ने अपनी बात रखते हुए कहा कि आज देश चौतरफा फैले सत्ता संरक्षित अपराध, भ्रष्टाचार, हत्या और जातीय उत्पीड़न से जूझ रहा है। ऐसे दौर में संविधान, लोकतंत्र और भाईचारे की रक्षा के लिए आंदोलन की प्रेरणा हमें शहीद महेंद्र सिंह के जीवन और उनके संघर्षों से मिलती है।
उन्होंने आगे कहा कि आज़ादी के आंदोलन से हासिल अधिकारों पर लगातार हमला किया जा रहा है। किसानों को घाटे की खेती से निकालने के लिए मनरेगा से जोड़ने और मजदूर विरोधी चार श्रम कोडों की वापसी के लिए एक व्यापक व जुझारू साझा आंदोलन चलाने का संकल्प लिया गया। बैद्यनाथ यादव ने स्पष्ट किया कि पार्टी महेंद्र सिंह के दिखाए रास्ते पर चलते हुए जनहित के मुद्दों पर लगातार आवाज़ उठाती रहेगी।
किसान नेता रोहित सिंह ने इस मौके पर केंद्र सरकार की नीतियों पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि मौजूदा मोदी सरकार किसानों द्वारा उत्पादित फसलों की घोषित न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर खरीद करने में पूरी तरह विफल साबित हुई है। किसानों के लिए चलाई जा रही सम्मान निधि योजना को बंद कर उन्हें परेशान किया जा रहा है। कृषि क्षेत्र में सुविधाएं खत्म होती जा रही हैं, जबकि मालगुजारी लगातार बढ़ाई जा रही है, जिससे किसानों पर दोहरी मार पड़ रही है। इस गंभीर चुनौती से निपटने के लिए, आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। किसानों को संगठित होकर अपने अधिकारों के लिए एक प्रभावी किसान आंदोलन तेज करना होगा।
जनहित के मुद्दों पर एकजुटता और आगे की रणनीति
इस स्मृति सभा में भाकपा माले के कई प्रमुख नेता और कार्यकर्ता मौजूद रहे, जिन्होंने कामरेड महेंद्र सिंह के सिद्धांतों को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया। उपस्थिति में भाकपा माले के बहादुरपुर प्रखंड सचिव विनोद सिंह, हनुमाननगर प्रखंड सचिव पप्पू पासवान, एक्टू जिला सचिव उमेश साह और सुनील यादव सहित अन्य साथी शामिल थे। सभी ने मिलकर तय किया कि न्याय और समानता के लिए संघर्ष का यह मशाल बुझने नहीं दिया जाएगा। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें https://deshajtimes.com/news/national/। यह सभा सिर्फ एक श्रद्धांजलि नहीं थी, बल्कि वर्तमान चुनौतियों के खिलाफ संघर्ष का एक नया अध्याय शुरू करने का आह्वान भी थी। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।

