
Bihar Police Drones: अब अपराध की दुनिया में सिर्फ़ ज़मीन पर नहीं, आसमान से भी कहर बरसेगा। बिहार पुलिस अब हाईटेक ड्रोनों से लैस होकर हर गतिविधि पर पैनी नज़र रखेगी।
बिहार पुलिस ड्रोन्स: अब अपराधियों की खैर नहीं, आसमान से भी होगी निगरानी!
बिहार पुलिस ड्रोन्स को लेकर अब एक नई दिशा में कदम बढ़ा रही है, जहां वह आधुनिक तकनीक वाले उच्च क्षमता के ड्रोनों से लैस होने जा रही है। राज्य के सभी पुलिस जिलों को एक-एक ड्रोन उपलब्ध कराया जाएगा, वहीं स्पेशल टास्क फोर्स (STF) को विशेष तौर पर 10 हाई क्वालिटी वाले ड्रोन मिलेंगे। इस प्रकार, कुल लगभग 50 ड्रोनों की खरीद इस वर्ष मार्च तक पूरी कर ली जाएगी।
इन ड्रोनों की खरीद के प्रस्ताव को बीते 14 जनवरी को केंद्रीय गृह मंत्रालय में आयोजित एक उच्च स्तरीय समिति की बैठक में मंज़ूरी मिल चुकी है। अनुमान है कि इस परियोजना पर करीब 25 करोड़ रुपये की लागत आएगी। यह महत्वपूर्ण जानकारी शुक्रवार को पुलिस मुख्यालय, सरदार पटेल भवन स्थित सभागार में आयोजित एक प्रेस वार्ता के दौरान एडीजी (आधुनिकीकरण) सुधांशु कुमार ने दी।
बिहार पुलिस ड्रोन्स: सुरक्षा का नया आयाम
एडीजी सुधांशु कुमार ने बताया कि जिलों को मिलने वाले ड्रोन 45 मिनट तक हवा में उड़ने की क्षमता रखेंगे। ये ड्रोन भीड़ नियंत्रण के साथ-साथ पुलिसिंग के अन्य महत्वपूर्ण आयामों के प्रबंधन में भी बेहद कारगर सिद्ध होंगे। इनमें ऑटो नंबर प्लेट रिकॉग्नाइजेशन सिस्टम (ANPR) की सुविधा भी मौजूद होगी, जिससे सड़क पर किसी भी वाहन के नंबर प्लेट की पहचान आसानी से करके आवश्यक कार्रवाई की जा सकेगी। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। वहीं, एसटीएफ को दिए जाने वाले ड्रोन उच्च गुणवत्ता के होंगे, जिनकी मदद से दियारा सहित अन्य दुर्गम और जटिल इलाकों में सशक्त तरीके से चौकसी सुनिश्चित की जा सकेगी।
इन ड्रोनों की खरीद केंद्र सरकार की ‘एएसयूएमपी’ (राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को पुलिस आधुनिकीकरण के लिए सहायता) योजना के तहत की जा रही है। इस मद में जारी होने वाली राशि में राज्य सरकार भी अपना राज्यांश प्रदान करेगी।
थानों की सीसीटीवी से होगी पैनी निगरानी
एडीजी सुधांशु कुमार ने आगे बताया कि सभी थानों को सीसीटीवी कैमरों से लैस करके उनकी निरंतर निगरानी की योजना है। थानों में सीसीटीवी कैमरे लगाने और डैशबोर्ड स्थापित करने के लिए एएसयूएमपी योजना के तहत 112 करोड़ 46 लाख रुपये का आवंटन किया गया है।
इसके अतिरिक्त, सुरक्षात्मक और स्मार्ट पुलिसिंग से जुड़े विभिन्न उपकरणों की खरीद के साथ-साथ थाना भवन, कर्मियों के आवास और अन्य आधारभूत संरचनाओं को विकसित करने के लिए अलग-अलग मदों में कुल 384 करोड़ रुपये जारी किए गए हैं। विभिन्न जिलों में 11 नए थाना भवन, पटना के लोदीपुर में एसटीएफ का मुख्यालय भवन, बैरक सहित अन्य संरचनाएं बनाई जाएंगी। अनुमंडल स्तरीय कार्यालयों सहित अन्य आधारभूत संरचनाओं का विकास तेजी से किया जा रहा है।
7 नए फॉरेंसिक लैब बिहार में जल्द होंगे शुरू
राज्य में 7 अलग-अलग स्थानों पर फॉरेंसिक साइंस लैब (FSL) की शुरुआत इस वर्ष मार्च से होने की संभावना है। वर्तमान में पटना, मुजफ्फरपुर, भागलपुर और पूर्णिया में चार एफएसएल कार्यरत हैं। इसके अलावा 34 चलंत एफएसएल मोबाइल लैब भी मौजूद हैं। भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) सहित अन्य नए कानूनों के सफल क्रियान्वयन में फॉरेंसिक रिपोर्ट की अहमियत काफी बढ़ गई है। इसे ध्यान में रखते हुए फॉरेंसिक लैब बिहार की संख्या का विस्तार किया जा रहा है। एडीजी ने बताया कि राज्य में आईजी की देखरेख में साइबर यूनिट की शुरुआत भी हो चुकी है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
सरकारी भवनों पर सीसीटीवी का पहरा
एडीजी ने कहा कि पटना में सभी सचिवालय भवनों के साथ-साथ जिला स्तरीय कार्यालयों और सभी प्रमुख सरकारी भवनों एवं स्थानों की निरंतर मॉनीटरिंग सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से करने की योजना है। इसके लिए इन स्थानों पर सीसीटीवी कैमरे और डैशबोर्ड लगाने की तैयारी है, ताकि सभी प्रमुख स्थलों की समुचित निगरानी सुनिश्चित की जा सके। वित्तीय वर्ष 2025-26 में इस परियोजना पर 23 करोड़ 58 लाख रुपये खर्च होने का अनुमान है। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।







