
Bhagalpur News: चूल्हे की आग जब रौद्र रूप ले ले तो चूल्हा ही नहीं, घर की चौखट और छत भी राख बन जाती है। कुछ ऐसा ही मंजर भागलपुर के एक परिवार के सामने आया, जब उनकी आंखों के सामने सपनों का आशियाना धू-धू कर जल गया।
यह दर्दनाक मामला भागलपुर के मधुसुदनपुर थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले बिहारीपुर गांव का है। यहां रहने वाले भागवत मंडल की पत्नी नीलम देवी के घर में मंगलवार को अचानक आग लग गई, जिसने देखते ही देखते पूरे घर को अपनी चपेट में ले लिया। इस भयानक आगलगी की घटना में घर में रखा सारा घरेलू सामान जलकर नष्ट हो गया, जिससे पीड़ित परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है और वे खुले आसमान के नीचे आ गए हैं। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
Bhagalpur News: आंगन में पक रहा था खाना, कमरे से उठी लपटें
घटना के संबंध में पीड़िता नीलम देवी ने नम आंखों से बताया कि वह रोज की तरह घर के बाहर आंगन में परिवार के लिए खाना बना रही थीं। इसी दौरान उन्हें घर के एक कमरे से धुआं उठता हुआ दिखाई दिया। जब तक वह कुछ समझ पातीं और मदद के लिए शोर मचातीं, तब तक आग की लपटों ने विकराल रूप ले लिया था। आग इतनी तेजी से फैली कि किसी को भी सामान बचाने का मौका तक नहीं मिला। घर में रखा अनाज, कपड़े, बर्तन, बिस्तर समेत अन्य जरूरी सामान आग की भेंट चढ़ गया।
आग की लपटें देख मौके पर पहुंचे ग्रामीणों ने फौरन अपने स्तर पर आग बुझाने का प्रयास शुरू कर दिया। घटना की सूचना मिलते ही मधुसुदनपुर थाना की पुलिस भी मौके पर पहुंची और स्थिति का जायजा लिया। ग्रामीणों की कड़ी मशक्कत के बाद किसी तरह आग पर काबू पाया जा सका, लेकिन तब तक सब कुछ तबाह हो चुका था। फिलहाल आग लगने के स्पष्ट कारणों का पता नहीं चल पाया है। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।
प्रशासन से मुआवजे और मदद की गुहार
इस घटना की जानकारी मिलने पर पंचायत समिति के प्रतिनिधि मनीष कुमार भी घटनास्थल पर पहुंचे। उन्होंने पीड़ित परिवार से मुलाकात कर उन्हें सांत्वना दी और हर संभव मदद का भरोसा दिलाया। उन्होंने कहा कि इस हादसे से पीड़ित परिवार को जो नुकसान हुआ है, उसे देखते हुए प्रशासन से मुआवजा दिलाने का पूरा प्रयास किया जाएगा। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। वहीं, स्थानीय ग्रामीणों ने भी प्रशासन से मांग की है कि पीड़ित परिवार को तत्काल राहत सामग्री और आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाए ताकि वे इस मुश्किल घड़ी से बाहर निकल सकें।



