
NITI Aayog inspection: जब दिल्ली की आँखें बिहार के गाँव-देहात की नब्ज़ टटोलने निकलीं, तब दिखा ज़मीनी हकीकत का वो चेहरा, जिसे अक्सर कागज़ों में रंगीन बनाया जाता है। भागलपुर के सन्हौला प्रखंड में केंद्रीय नीति आयोग की टीम द्वारा स्वास्थ्य सेवाओं और प्रशासनिक व्यवस्थाओं की गहन NITI Aayog inspection की गई, जिसने सरकारी तंत्र के दावों और हकीकत के बीच की खाई को उजागर किया।
NITI Aayog inspection: सन्हौला में नीति आयोग की टीम का छापा, 40 बिंदुओं पर हुई गहन जांच
NITI Aayog inspection: जमीनी हकीकत का आकलन
भागलपुर। शुक्रवार देर शाम केंद्रीय नीति आयोग की टीम ने भागलपुर जिले के पांच आकांक्षी प्रखंडों के निरीक्षण अभियान के तहत सन्हौला प्रखंड का दौरा किया। इस दौरान टीम ने प्रखंड कार्यालय और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सन्हौला में कुल 40 महत्वपूर्ण बिंदुओं पर विस्तृत और गहन जांच की। टीम के सन्हौला पहुँचने पर स्थानीय अधिकारियों ने फूलों के गुलदस्ते भेंट कर उनका गर्मजोशी से स्वागत किया।
निरीक्षण के दौरान नीति आयोग के दल ने सरकारी योजनाओं, स्वास्थ्य सेवाओं और प्रशासनिक व्यवस्थाओं की जमीनी हकीकत का बारीकी से आकलन किया। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में डॉक्टरों की उपस्थिति, दवाइयों की उपलब्धता, परिसर की साफ-सफाई, प्रसव कक्ष की स्थिति, टीकाकरण अभियान, मरीजों को मिलने वाली सुविधाएं और रिकॉर्ड संधारण जैसी विभिन्न पहलुओं की गहनता से पड़ताल की गई। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। इसके अतिरिक्त, अस्पताल परिसर में वृक्षारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दिया गया।
**प्रखंड कार्यालय में समीक्षा और विकास कार्य**
वहीं, प्रखंड कार्यालय में स्वच्छता मानकों, पेयजल की उपलब्धता, पोषण कार्यक्रमों की स्थिति, शिक्षा के स्तर, विभिन्न सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन तथा लाभुकों को मिलने वाली सुविधाओं की गहन समीक्षा की गई। इस महत्वपूर्ण दौरे के दौरान नीति आयोग की टीम द्वारा जीविका दीदियों को परिसंपत्तियों का वितरण भी किया गया, जिससे उनके सशक्तिकरण को बल मिल सके।
**सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की पड़ताल**
निरीक्षण के क्रम में उपस्थित पत्रकारों ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की व्यवस्थाओं को लेकर कई गंभीर सवाल उठाए। पत्रकारों का कहना था कि झारखंड राज्य से सटे होने के कारण बड़ी संख्या में मरीज यहां इलाज कराने आते हैं, लेकिन इसके बावजूद अस्पताल में अब भी कई मूलभूत सुविधाओं का अभाव है। उन्होंने यह भी बताया कि छोटी-बड़ी दुर्घटनाओं या गंभीर बीमारियों में मरीजों को सीधे मायागंज अस्पताल रेफर कर दिया जाता है, जिससे स्थानीय लोगों को काफी परेशानी होती है।
इस संबंध में नीति आयोग के पदाधिकारी प्रवीण रंजन ने स्पष्ट किया कि 40 बिंदुओं पर की जा रही समीक्षा में यह विशेष विषय शामिल नहीं है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। निरीक्षण के दौरान जिले के कई वरीय पदाधिकारी, प्रखंड के सभी अधिकारी और स्वास्थ्य विभाग के कर्मी मौजूद रहे। नीति आयोग की टीम ने अपनी जांच का उद्देश्य साफ करते हुए कहा कि इसका लक्ष्य जमीनी स्तर पर योजनाओं की वास्तविक स्थिति का आकलन करना तथा जन सेवाओं में आवश्यक सुधार लाना है। निरीक्षण के उपरांत टीम अपनी विस्तृत रिपोर्ट राज्य एवं केंद्र सरकार को सौंपेगी, जिसके आधार पर आगे की आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
इसके पश्चात, केंद्रीय नीति आयोग की टीम ने सन्हौला प्रखंड के पोठिया गांव का भी दौरा किया, जहाँ जमीनी स्तर पर सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन और सीधे लाभुकों से जुड़ी जानकारियों का अवलोकन किया गया। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें



