



Bokaro News: जब आम आदमी की ज़िंदगी की डोर उलझ जाती है और उम्मीद की हर किरण धुंधली पड़ने लगती है, तब प्रशासनिक चौखट पर न्याय की आस लेकर लोग पहुंचते हैं। बोकारो समाहरणालय में एक बार फिर इसी उम्मीद का दरबार सजा, जहां उपायुक्त ने सीधे जनता की समस्याओं को सुना। शुक्रवार को समाहरणालय स्थित कार्यालय कक्ष में आयोजित जनता दरबार में उपायुक्त अजय नाथ झा ने लोगों की फरियाद सुनी। जिले के शहरी और ग्रामीण इलाकों से पहुंचे 46 से अधिक लोगों ने अपनी-अपनी परेशानियां बताईं, जिस पर उपायुक्त ने गंभीरता से विचार किया। उन्होंने संबंधित विभागों के पदाधिकारियों को तत्काल जांच कर इन आवेदनों का निष्पादन करने का सख्त निर्देश दिया।
आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। यह जनता दरबार शिक्षा, स्वास्थ्य, आपूर्ति, राजस्व विवाद, चास नगर निगम और सामाजिक सुरक्षा से संबंधित विभिन्न प्रकार की शिकायतों का केंद्र बना। दिव्यांगजनों की सुविधा का भी खास ख्याल रखा गया। उपायुक्त स्वयं समाहरणालय के निचले तल पर जाकर दिव्यांग फरियादियों से मिले और उनकी समस्याओं को सुना, जिससे उन्हें न्याय की उम्मीद मिली।
उपायुक्त ने मौके पर ही समस्याओं के त्वरित निराकरण के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए। यह पहल दर्शाती है कि प्रशासन जनता की समस्याओं को लेकर कितना गंभीर है। इन कदमों से आम लोगों में सरकार के प्रति विश्वास मजबूत होता है।
बोकारो न्यूज़: जनता दरबार में उमड़ा समस्याओं का सैलाब
उपायुक्त के निर्देश पर केवल जिला मुख्यालय ही नहीं, बल्कि सभी प्रखंड सह अंचल कार्यालयों में भी जनता दरबार का आयोजन किया गया। यहां प्रखंड विकास पदाधिकारी और अंचलाधिकारी ने स्थानीय स्तर पर प्राप्त आवेदनों की सुनवाई की। जो मामले स्थानीय स्तर पर निपटाए जा सकते थे, उनका समाधान मौके पर ही किया गया, जिससे ग्रामीणों को राहत मिली। यह विकेंद्रीकृत प्रयास यह सुनिश्चित करता है कि आम जनता की समस्याएं हर स्तर पर सुनी जा सकें। इस मौके पर उप विकास आयुक्त शताब्दी मजूमदार, सहायक निदेशक सामाजिक सुरक्षा सुचिता किरण भगत, सहायक जनसंपर्क पदाधिकारी अविनाश कुमार सिंह सहित कई अन्य अधिकारी मौजूद रहे। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1, देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।



