
Samastipur train news: रेलवे पटरियों पर दौड़ती जिंदगियों को एक पल में विराम दे सकती है, कभी मौसम की मार तो कभी तकनीकी खराबी। ऐसा ही कुछ समस्तीपुर में हुआ, जब एक मामूली सी दिखने वाली तकनीकी खराबी ने यात्रियों की यात्रा पर ब्रेक लगा दिया।
समस्तीपुर ट्रेन न्यूज़: मेमू पैसेंजर में आई खराबी, कई ट्रेनें रद्द, यात्रियों को हुई भारी परेशानी
समस्तीपुर ट्रेन न्यूज़: जानिए क्या थी तकनीकी खराबी?
पूर्व मध्य रेलवे के समस्तीपुर मंडल में यात्रियों को उस समय भारी परेशानी का सामना करना पड़ा जब एक महत्वपूर्ण मेमू पैसेंजर ट्रेन में गंभीर तकनीकी खराबी आ गई। 16 जनवरी, 2026 को समस्तीपुर-सहरसा मेमू पैसेंजर (गाड़ी संख्या 63348) भगवानपुर देसूआ और अंगार घाट स्टेशनों के बीच थी, तभी इसमें ‘ब्रेक बाइंडिंग’ की समस्या उत्पन्न हो गई। यह एक ऐसी तकनीकी खराबी है जिसमें ट्रेन के ब्रेक अनजाने में लगे रह जाते हैं, जिससे न केवल ट्रेन की गति प्रभावित होती है बल्कि सुरक्षा पर भी गंभीर खतरा मंडराने लगता है। इस खराबी के कारण संबंधित ट्रेन को आगे की सेवा के लिए अनुपयोगी घोषित कर दिया गया। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। रेल प्रशासन ने यात्रियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए तत्काल प्रभाव से कई महत्वपूर्ण परिचालन संबंधी बदलावों की घोषणा की। इस घटना से समस्तीपुर-सहरसा रेलखंड पर रेल यातायात बाधित हुआ।
रद्द और आंशिक समाप्त की गई ट्रेनें
तकनीकी खराबी के कारण, 17 जनवरी, 2026 को निम्नलिखित यात्री ट्रेनों को रद्द करने का निर्णय लिया गया है, जिससे हजारों यात्रियों को असुविधा होगी:
- गाड़ी संख्या 63375 सहरसा–सुपौल मेमू पैसेंजर
- गाड़ी संख्या 63376 सुपौल–सहरसा मेमू पैसेंजर
- गाड़ी संख्या 63343 सहरसा–समस्तीपुर मेमू पैसेंजर
इसके अतिरिक्त, 16 जनवरी, 2026 को चलने वाली गाड़ी संख्या 63348 समस्तीपुर–सहरसा मेमू पैसेंजर को अंगार घाट स्टेशन पर आंशिक रूप से समाप्त कर दिया गया, यानी यह ट्रेन अपने गंतव्य सहरसा तक नहीं जा पाई। इस आकस्मिक बदलाव से यात्रियों को उनके गंतव्य तक पहुंचने में कठिनाई हुई। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें
रेलवे प्रशासन ने यात्रियों से अपील की है कि वे अपनी यात्रा से पहले संबंधित ट्रेनों की अद्यतन स्थिति की जानकारी अवश्य प्राप्त कर लें। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। यह जानकारी रेलवे पूछताछ, वेबसाइट या हेल्पलाइन नंबरों के माध्यम से प्राप्त की जा सकती है। रेल प्रशासन को यात्रियों को हुई इस असुविधा के लिए खेद है और वह यात्रियों के सहयोग के लिए धन्यवाद देता है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए तकनीकी जांच और रखरखाव प्रक्रियाओं को और मजबूत करने का प्रयास किया जाएगा।



