
Free Trade Agreement: भारत और 27 देशों के शक्तिशाली यूरोपीय संघ (EU) के बीच दशकों से प्रतीक्षित मुक्त व्यापार समझौता (FTA) अब अपने अंतिम पड़ाव पर है। यह सिर्फ एक व्यापारिक डील नहीं, बल्कि भारत के वैश्विक व्यापारिक संबंधों में एक क्रांतिकारी मोड़ साबित हो सकता है। वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल के अनुसार, इस ऐतिहासिक समझौते की आधिकारिक घोषणा 27 जनवरी को होने की प्रबल संभावना है, जब EU के शीर्ष नेता भारत दौरे पर होंगे।
भारत-EU Free Trade Agreement: वैश्विक व्यापार में नया अध्याय
भारत और 27 देशों के शक्तिशाली यूरोपीय संघ (EU) के बीच दशकों से प्रतीक्षित Free Trade Agreement (FTA) अब अपने अंतिम पड़ाव पर है। यह सिर्फ एक व्यापारिक डील नहीं, बल्कि भारत के वैश्विक व्यापारिक संबंधों में एक क्रांतिकारी मोड़ साबित हो सकता है। वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल के अनुसार, इस ऐतिहासिक समझौते की आधिकारिक घोषणा 27 जनवरी को होने की प्रबल संभावना है, जब EU के शीर्ष नेता भारत दौरे पर होंगे। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा और यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन 25 से 27 जनवरी तक भारत में रहेंगे और 77वें गणतंत्र दिवस समारोह के मुख्य अतिथि भी होंगे। इस दौरान समझौते को अंतिम रूप देने की प्रक्रियाएं पूरी की जाएंगी।
मंत्री पीयूष गोयल ने इस बात पर जोर दिया है कि भारत और यूरोपीय संघ एक-दूसरे के प्रतिस्पर्धी नहीं, बल्कि पूरक हैं। उन्होंने कहा कि भारत को उन क्षेत्रों में बेहतर शर्तें मिली हैं जहाँ उसके हित सर्वोपरि हैं, ठीक वैसे ही EU को भी अपने प्राथमिक क्षेत्रों में पर्याप्त अवसर प्रदान किए गए हैं। यह Economic Partnership दोनों पक्षों के लिए बड़े विकास के द्वार खोलेगी।
भारत-EU Free Trade Agreement: क्यों है यह इतना महत्वपूर्ण?
2014 के बाद से भारत ने कई देशों के साथ व्यापार समझौते किए हैं, लेकिन EU के साथ होने वाला यह Free Trade Agreement अब तक का सबसे बड़ा और सबसे महत्वपूर्ण समझौता माना जा रहा है। इसका कारण इसमें फ्रांस, जर्मनी, इटली और नीदरलैंड जैसे प्रमुख विकसित यूरोपीय देशों का शामिल होना है। यह भारत के वैश्विक व्यापारिक कद को और बढ़ाएगा।
वर्तमान में, भारत के कुल निर्यात में यूरोपीय संघ की हिस्सेदारी लगभग 17 प्रतिशत है। यह समझौता वस्तुओं और सेवाओं दोनों में व्यापार संतुलन बनाए रखने और दोनों पक्षों के लिए व्यापक आर्थिक अवसर पैदा करने का लक्ष्य रखता है। हालांकि, EU के कार्बन टैक्स जैसे कुछ विवादास्पद मुद्दों पर बातचीत अभी भी जारी है, जिस पर मंत्री ने स्पष्ट किया है कि राष्ट्रीय हितों से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। अमेरिका के साथ व्यापार समझौते पर गोयल ने कहा कि वह भी सही समय पर होगा।
भारत के बढ़ते वैश्विक व्यापारिक संबंध
NDA सरकार ने 2014 के बाद से कई महत्वपूर्ण व्यापार समझौते किए हैं, जो भारत को वैश्विक व्यापार मंच पर एक मजबूत खिलाड़ी के रूप में स्थापित करते हैं। इनमें शामिल हैं:
* ऑस्ट्रेलिया
* ब्रिटेन
* ओमान
* न्यूजीलैंड
* संयुक्त अरब अमीरात (UAE)
* यूरोपीय मुक्त व्यापार संघ (EFTA)
* मॉरीशस
इन समझौतों के अलावा, भारत के पास पहले से ही ASEAN, जापान, दक्षिण कोरिया, मलेशिया, SAFTA और सिंगापुर जैसे देशों/ब्लॉक के साथ लागू व्यापार समझौते हैं। इन सभी की तुलना में EU के साथ होने वाला समझौता अपनी व्यापकता और प्रभाव के कारण सबसे अधिक महत्वपूर्ण माना जा रहा है। यह भारत की Economic Partnership को एक नए स्तर पर ले जाएगा। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
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