
Rohini Acharya: सियासत की बिसात पर जब अपने ही मोहरे चाल बदलने लगें, तो शह और मात का खेल और भी दिलचस्प हो जाता है। कुछ ऐसा ही नजारा बिहार के सबसे बड़े राजनीतिक कुनबे में देखने को मिल रहा है, जहां राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव की बेटी रोहिणी आचार्य के दो ट्वीट्स ने सियासी गलियारों में भूचाल ला दिया है। इन ट्वीट्स में एक ‘गिद्ध’ का जिक्र है, और अब हर कोई यह जानना चाहता है कि आखिर यह गिद्ध कौन है।
Rohini Acharya ने क्यों किया ‘गिद्ध’ वाला ट्वीट?
लालू प्रसाद यादव की बेटी और सारण से पूर्व लोकसभा प्रत्याशी रोहिणी आचार्य ने अपने हालिया ट्वीट में बिना किसी का नाम लिए पार्टी के भीतरघातियों पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने लिखा, “समीक्षा का दिखावा करने से ज्यादा जरूरी ‘खुद’ आत्म – मंथन ‘ करने और जिम्मेदारी लेने की है, ‘अपने’ इर्द – गिर्द कब्ज़ा जमाए बैठे चिन्हित ‘गिद्धों’ को ठिकाने लगाने का साहस दिखाने के बाद ही किसी भी प्रकार की समीक्षा की सार्थकता साबित होगी…”। इस ट्वीट के बाद से ही लालू परिवार के भीतर चल रही रस्साकसी सतह पर आ गई है। उन्होंने साफ तौर पर पार्टी के कुछ लोगों को ‘गिद्ध’ की संज्ञा दी है, जो अपने ही लोगों को नुकसान पहुंचा रहे हैं। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
रोहिणी ने आगे यह भी लिखा कि “बाकी तो ये जो पब्लिक है न, वो सब जानती – समझती ही है ..”। उनका यह ट्वीट इस बात की ओर इशारा करता है कि पार्टी के अंदर सब कुछ ठीक नहीं है और लोकसभा चुनाव में मिली हार के बाद अब आत्ममंथन की नहीं, बल्कि कड़े एक्शन की जरूरत है।
10 जनवरी के ट्वीट में भी दिखे थे बगावती तेवर
यह पहली बार नहीं है जब रोहिणी ने इस तरह के बागी तेवर दिखाए हैं। इससे पहले 10 जनवरी को भी उन्होंने एक ट्वीट किया था जिसमें परिवार के भीतर चल रहे षड्यंत्रों की ओर इशारा था। उन्होंने लिखा था, “बड़ी शिद्दत से बनायी और खड़ी की गयी ‘बड़ी विरासत’ को तहस – नहस करने के लिए परायों की जरूरत नहीं होती, ‘अपने’ और अपनों के चंद षड्यंत्रकारी ‘नए बने अपने’ ही काफी होते हैं ..”। इस ट्वीट ने भी उस समय काफी सुर्खियां बटोरी थीं। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।
उस ट्वीट में उन्होंने आगे लिखा, “हैरानी तो तब होती है, जब ‘जिसकी’ वजह से पहचान होती है, जिसकी वजह से वजूद होता है, उस पहचान, उस वजूद के निशान को बहकावे में आ कर मिटाने और हटाने पर ‘अपने’ ही आमादा हो जाते हैं ..”। इन शब्दों से साफ झलकता है कि वे परिवार के किसी सदस्य के व्यवहार से बेहद आहत थीं। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
क्या हैं इन ट्वीट्स के सियासी मायने?
राजनीतिक विश्लेषक रोहिणी के इन ट्वीट्स के गहरे मायने निकाल रहे हैं। हालांकि उन्होंने किसी का नाम नहीं लिया है, लेकिन उनका इशारा लालू परिवार के भीतर ही किसी ऐसे शख्स की तरफ है, जिसके फैसलों से पार्टी को नुकसान हो रहा है। “जब विवेक पर पर्दा पड़ जाता है, अहंकार सिर पर चढ़ जाता है .. तब ‘विनाशक’ ही आँख – नाक और कान बन बुद्धि – विवेक हर लेता है ..” – उनके ये शब्द किसी गहरी साजिश और धोखे की ओर इशारा करते हैं।
इन ट्वीट्स ने राजद के अंदरूनी कलह को सार्वजनिक कर दिया है। अब सवाल यह उठता है कि वह ‘गिद्ध’ कौन है, जिस पर रोहिणी इतना बड़ा हमला कर रही हैं? क्या यह कोई पारिवारिक सदस्य है या पार्टी का कोई बड़ा नेता? जब तक इस सवाल का जवाब नहीं मिलता, बिहार की राजनीति में अटकलों का दौर जारी रहेगा। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।







