

Madhubani Police SI Exam: सरकारी नौकरी की चाबी अब नकलचियों के हाथ नहीं लगेगी, मधुबनी जिला प्रशासन ने बिहार पुलिस अवर निरीक्षक के पद पर चयन हेतु आयोजित होने वाली प्रारंभिक परीक्षा को लेकर पूरी कमर कस ली है। जिलाधिकारी आनंद शर्मा और पुलिस अधीक्षक योगेंद्र कुमार ने परीक्षा को शांतिपूर्ण और कदाचारमुक्त संपन्न कराने के लिए संयुक्त रूप से सख्त दिशा-निर्देश जारी किए हैं। प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
जिले में यह परीक्षा दिनांक 18 जनवरी 2026 (रविवार) तथा 21 जनवरी 2026 (बुधवार) को दो-दो पालियों में आयोजित की जाएगी। परीक्षा के सफल संचालन के लिए सभी प्रशासनिक तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। अधिकारियों ने बताया कि सभी केंद्रों पर चाक-चौबंद सुरक्षा व्यवस्था रहेगी और पर्याप्त संख्या में सशस्त्र बलों की तैनाती की गई है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। महिला अभ्यर्थियों की तलाशी के लिए विशेष रूप से महिला वीक्षकों को भी नियुक्त करने का निर्देश दिया गया है।
Bihar Police SI Exam को लेकर DM-SP ने जारी किए सख्त निर्देश
जिलाधिकारी आनंद शर्मा ने अपने आदेश में स्पष्ट किया है कि परीक्षा में किसी भी तरह की गड़बड़ी को रोकने के लिए कड़े कदम उठाए जाएंगे। सभी प्रतिनियुक्त दंडाधिकारियों और पुलिस अधिकारियों को समय पर अपने ड्यूटी स्थल पर पहुंचने का निर्देश दिया गया है। परीक्षार्थियों के लिए केंद्र पर रिपोर्टिंग का समय सुबह 08:30 बजे निर्धारित किया गया है और सुबह 09:30 बजे के बाद किसी भी अभ्यर्थी को केंद्र में प्रवेश की अनुमति नहीं दी जाएगी। यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि यह लिखित परीक्षा पूरी पारदर्शिता के साथ संपन्न हो।
अभ्यर्थियों को परीक्षा केंद्र के अंदर मोबाइल फोन, स्मार्ट वॉच या किसी भी अन्य प्रकार का इलेक्ट्रॉनिक उपकरण ले जाने की सख्त मनाही है। केंद्र के मुख्य द्वार पर ही सभी पुरुष और महिला अभ्यर्थियों की सघन बॉडी फ्रिस्किंग की जाएगी। इसके बाद, परीक्षा हॉल में आवंटित रोल नंबर पर बैठने के बाद अभ्यर्थियों का बायोमेट्रिक सत्यापन और फोटोग्राफी भी कराई जाएगी। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।
परीक्षा केंद्रों पर चप्पे-चप्पे पर रहेगी नजर, धारा-144 लागू
परीक्षा में नकल रोकने के लिए सभी केंद्रों पर अनिवार्य रूप से जैमर लगाए जाएंगे। केंद्र पर तैनात किसी भी कर्मी, चाहे वह दंडाधिकारी हों या अन्य पदाधिकारी, को अपने पास मोबाइल फोन रखने की अनुमति नहीं होगी। सभी को अपना पहचान पत्र साथ रखना अनिवार्य किया गया है। प्रशासन ने यह भी सुनिश्चित किया है कि परीक्षा की प्रक्रिया पूरी तरह से गोपनीय और सुरक्षित रहे।
इसके अतिरिक्त, सभी परीक्षा केंद्रों के 500 गज के दायरे में दंड प्रक्रिया संहिता की धारा-144 के तहत पूरी परीक्षा अवधि के दौरान निषेधाज्ञा लागू रहेगी। इसका उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन का लक्ष्य इस पूरी भर्ती प्रक्रिया को निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से पूरा कराना है, ताकि योग्य उम्मीदवारों का ही चयन हो सके। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।

