

Maurya Express Accident: मौत का तांडव अपने चरम पर था, जब एक ट्रेन के पहिए में अचानक आग लग गई। जिंदगी और मौत के बीच झूलते सैकड़ों यात्रियों की सांसें थम सी गई थीं। महज कुछ मिनटों का ये मंजर किसी फिल्मी दृश्य से कम नहीं था, पर हकीकत में टला एक भीषण रेल हादसा।
Maurya Express Accident: नारायणपुर अनंत स्टेशन पर टला भीषण हादसा
बिहार के मुजफ्फरपुर में एक बड़ा रेल हादसा टल गया। सम्बलपुर-गोरखपुर मौर्य एक्सप्रेस के बी-2 कोच का पहिया नारायणपुर अनंत स्टेशन के पास अचानक जाम हो गया। पहिए में ‘हॉट एक्सल’ होने के कारण उससे चिंगारी और घना धुआं निकलने लगा। इस गंभीर स्थिति की जानकारी मिलते ही स्टेशन मास्टर और सतर्क यात्रियों ने तुरंत ट्रेन रोकने का संकेत दिया। उनकी सूझबूझ से एक बड़ा रेल हादसा टल गया, और सैकड़ों यात्रियों की जान बच गई।
ट्रेन को नारायणपुर अनंत स्टेशन पर करीब चार मिनट तक रोका गया। इस दौरान रेलवे कर्मचारियों ने हॉट एक्सल को अस्थायी रूप से दुरुस्त करने का प्रयास किया। शुरुआती मरम्मत के बाद ट्रेन को अत्यंत सावधानीपूर्वक मुजफ्फरपुर लाया गया। यहां, बी-2 कोच को ट्रेन से अलग कर दिया गया, जिससे आगे की यात्रा सुरक्षित हो सके।
बी-2 कोच में सवार लगभग 20 यात्रियों को बी-4 कोच में स्थानांतरित किया गया और उन्हें तुरंत वैकल्पिक बर्थ की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। यह सुनिश्चित किया गया कि यात्रियों को कम से कम असुविधा हो।
तकनीकी जांच और देरी से यात्रियों में नाराजगी
तकनीकी जांच और कोच हटाने की लंबी प्रक्रिया के चलते मौर्य एक्सप्रेस मुजफ्फरपुर जंक्शन पर सुबह 8 बजकर 07 मिनट से 10 बजकर 09 मिनट तक खड़ी रही। इस अप्रत्याशित विलंब से प्लेटफार्म संख्या दो पर ट्रेन के खड़े रहने से यात्रियों में काफी नाराजगी देखी गई। इस तरह की घटनाओं से रेल सुरक्षा को लेकर भी सवाल खड़े होते हैं, हालांकि रेलवे ने तत्परता दिखाते हुए एक बड़े हादसे को टाल दिया।
वहीं गोरौल और भगवानपुर स्टेशन के कुछ यात्रियों ने मुजफ्फरपुर में उतरकर सड़क मार्ग से अपने गंतव्य के लिए रवाना होना उचित समझा, ताकि वे और देरी से बच सकें। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
मौर्य एक्सप्रेस के प्लेटफार्म पर लंबे समय तक खड़े रहने के कारण 02569 दरभंगा-नई दिल्ली क्लोन सुपरफास्ट एक्सप्रेस को भी बीच-बीच में रोक-रोककर मुजफ्फरपुर लाया गया। परिणामस्वरुप, यह ट्रेन भी अपने निर्धारित समय से 1 घंटे 26 मिनट की देरी से स्टेशन पर पहुंची, जिससे इसके यात्रियों में भी असंतोष का माहौल रहा। रेल सुरक्षा और समयपालन दोनों ही यात्रियों के लिए महत्वपूर्ण पहलू हैं, और ऐसी घटनाएं दोनों को प्रभावित करती हैं। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।

