

Muzaffarpur News: जीवन की दौड़ में कभी-कभी उम्मीदें इतनी भारी पड़ जाती हैं कि सांसे थम सी जाती हैं। सपनों के बोझ तले दबी एक युवा जिंदगी ने मुजफ्फरपुर की पटरियों पर अपनी अंतिम छलांग लगा दी।
शनिवार देर शाम खबड़ा गुमटी पर यह हृदय विदारक घटना हुई। वैशाली के गोविंदपुर बेला निवासी सानया कुमारी (20) कोचिंग से लौटते समय अपनी साइकिल गुमटी के पास खड़ी कर ट्रेन के आगे कूद गई। वह दारोगा भर्ती परीक्षा की तैयारी कर रही थी और रविवार को उसकी परीक्षा थी। सानया तीन बहनों में मझली थी। डेढ़ माह पहले ही बड़ी बहन की शादी हुई थी। वह खबड़ा में अपनी छोटी बहन के साथ डेरा लेकर पढ़ाई करती थी। पिता दीपक कुमार सिंह किसान हैं।
Muzaffarpur News: जांच में जुटी पुलिस, तनाव या अन्य वजह?
घटना की सूचना मिलते ही पहले जीआरपी की टीम मौके पर पहुंची, लेकिन घटना आउटर सिग्नल के बाहर की बताकर स्थानीय काजी मोहम्मदपुर थाने को सूचना दी। इसके बाद थाने की पुलिस पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए मेडिकल कॉलेज भेज दिया। मौके पर पहुंचे छात्रा के चाचा मुकेश सिंह ने पुलिस को बताया कि परिवार सदमे में है।
इस दुखद छात्र आत्महत्या मामले में पुलिस हर पहलू से जांच कर रही है। सानया के मोबाइल फोन का पता नहीं चल पाया है, पुलिस उसके डेरे पर फोन होने या न होने की जानकारी जुटा रही है। साथ ही, उसके सोशल मीडिया अकाउंट्स भी खंगाले जाएंगे। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। काजीमोहम्मदपुर थानाध्यक्ष नवलेश कुमार आजाद ने बताया कि छात्रा का मोबाइल घटनास्थल से नहीं मिला है।
छात्रा की मौत से उसके परिवार में कोहराम मच गया। साथ रहकर तैयारी कर रही छोटी बहन बार-बार बेहोश हो जा रही थी। पिता दीपक सिंह का रो-रोकर बुरा हाल था। परिजनों ने पहले पोस्टमार्टम कराने से इनकार किया, लेकिन समझाने पर वे मान गए।
आत्महत्या का कारण: पुलिस की गहन पड़ताल
पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि छात्रा परीक्षा के तनाव में थी या किसी और कारण से यह कदम उठाया। पुलिस ने बताया कि स्थिति सामान्य होने पर छोटी बहन से सानया की लाइफस्टाइल और दोस्तों के बारे में जानकारी ली जाएगी। इस पूरे मामले की गहनता से जांच जारी है। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
यह छात्र आत्महत्या की घटना उन सभी छात्रों और अभिभावकों के लिए एक गंभीर चेतावनी है जो प्रतियोगी परीक्षाओं के दबाव में हैं। मानसिक स्वास्थ्य और भावनात्मक सहयोग का महत्व इस घटना से और भी उजागर होता है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।

