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फ़रवरी, 17, 2026
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Bihar Industrial Project: मुजफ्फरपुर का पारू बनेगा विकास का गेमचेंजर, 700 एकड़ में बनेगा भव्य औद्योगिक क्षेत्र

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Bihar Industrial Project: बिहार में सत्ता परिवर्तन के बाद से ही नई सरकार ने राज्य में रोजगार के द्वार खोलने और औद्योगिक विकास को गति देने का बीड़ा उठाया है। इसी कड़ी में मुजफ्फरपुर के पारू प्रखंड में एक महत्वाकांक्षी औद्योगिक क्षेत्र विकसित करने की कवायद तेज हो गई है, जो क्षेत्र के लिए गेमचेंजर साबित हो सकती है।

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बिहार औद्योगिक परियोजना: भूमि अधिग्रहण और सामाजिक प्रभाव आकलन

राज्य सरकार ने औद्योगिक क्षेत्रों के विस्तार को प्राथमिकता देते हुए एक स्पष्ट रोडमैप तैयार किया है। इसी दिशा में मुजफ्फरपुर जिले के पारू प्रखंड में 700 एकड़ भूमि पर औद्योगिक क्षेत्र विकसित करने की प्रक्रिया ने गति पकड़ ली है। इस परियोजना के लिए अधिग्रहित की जाने वाली भूमि के न्यूनतम मूल्य दर (MVR) का निर्धारण किया जाएगा। वर्तमान में, सामाजिक प्रभाव आकलन (सोशल इंपैक्ट असेसमेंट) की प्रक्रिया जारी है, जिसमें लगभग एक महीने से अधिक का समय लगने का अनुमान है। यह आकलन करने वाली एजेंसी क्षेत्र का गहन दौरा कर रैयतों से सीधे संवाद करेगी, उनकी समस्याओं और सुझावों को दर्ज करेगी। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। इसके बाद एक विस्तृत रिपोर्ट जिला प्रशासन को सौंपी जाएगी।

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जिला भू-अर्जन कार्यालय के अनुसार, इस रिपोर्ट के आधार पर यह मूल्यांकन किया जाएगा कि परियोजना से कितने परिवारों को लाभ मिलेगा और किन्हें संभावित नुकसान का सामना करना पड़ सकता है। इस प्रक्रिया का सबसे महत्वपूर्ण पहलू यह सुनिश्चित करना है कि भूमि अधिग्रहण के कारण कोई भी परिवार विस्थापित न हो। यदि किसी प्रकार का विस्थापन सामने आता है, तो प्रभावित परिवारों को पुनर्वास योजना के अंतर्गत समुचित लाभ प्रदान किया जाएगा। सामाजिक प्रभाव आकलन की रिपोर्ट मिलने के बाद, भूमि दर निर्धारित करने के लिए छह सदस्यीय कमेटी का गठन किया जाएगा।

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कमेटी द्वारा एमवीआर तय होने के उपरांत, रैयतों से दावे और आपत्तियां आमंत्रित की जाएंगी। इन आपत्तियों का निपटारा करने के बाद, विशेष शिविरों का आयोजन कर मुआवजे का भुगतान किया जाएगा। इस महत्वाकांक्षी परियोजना की स्वयं जिलाधिकारी लगातार निगरानी कर रहे हैं और प्रतिदिन इसकी प्रगति रिपोर्ट ले रहे हैं ताकि किसी भी स्तर पर अनावश्यक देरी न हो। हाल ही में, जिलाधिकारी ने परियोजना स्थल का निरीक्षण भी किया था।

रोजगार और आर्थिक विकास की नई सुबह

पटना-बेतिया निर्माणाधीन फोरलेन के समीप विकसित किए जा रहे इस औद्योगिक क्षेत्र से आवागमन की बेहतरीन सुविधा मिलेगी, जो निवेशकों के लिए एक बड़ा आकर्षण होगा। इसके साथ ही, यह क्षेत्र में रोजगार के अनगिनत अवसर पैदा करेगा और स्थानीय आर्थिक विकास को नई गति प्रदान करेगा। जिस तरह से इस स्थान का चयन किया गया है और यदि कार्य आशा के अनुरूप चलता रहा, तो इस औद्योगिक क्षेत्र के विकास को जल्द ही मूर्त रूप देना संभव हो सकेगा। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। यह न केवल क्षेत्र की आर्थिक स्थिति में सकारात्मक बदलाव लाएगा, बल्कि स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए द्वार भी खोलेगा। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें

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