
Bhagalpur News: रिश्तों की बुनियाद पर जब लालच की दीवार खड़ी होती है, तो महाभारत छिड़ना तय है। कुछ ऐसा ही नजारा भागलपुर के स्टेशन चौक स्थित मेडिकल गली में देखने को मिला, जहां एक ही परिवार के चचेरे भाई एक दुकान के मालिकाना हक़ के लिए आमने-सामने आ गए।
भागलपुर के ततारपुर थाना क्षेत्र स्थित स्टेशन चौक के पास का यह मामला है, जहां शुभ लक्ष्मी मेडिकल और बीएन मेडिकल के मालिकों के बीच पिछले दो दिनों से तनाव चरम पर है। प्रथम पक्ष के निलेश कुमार झुनझुनवाला ने अपने ही चचेरे भाइयों, मुरारी झुनझुनवाला और बालमुकुंद झुनझुनवाला पर उनकी दुकान में जबरदस्ती ताला लगाकर उसे वेल्डिंग करने का गंभीर आरोप लगाया है। निलेश और उनकी मां के अनुसार, यह कार्रवाई उन्हें परेशान करने और उनकी संपत्ति हड़पने की नीयत से की गई है।
Bhagalpur News: जानिए क्या है पूरा मामला
वहीं, जब दूसरे पक्ष से इस बारे में बात की गई, तो उन्होंने इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। मुरारी झुनझुनवाला ने कहा कि जिस दुकान पर ताला लगाया गया है, वह उनकी पुश्तैनी संपत्ति है और उन्हें अपनी संपत्ति की सुरक्षा का पूरा अधिकार है। उन्होंने जबरदस्ती या वेल्डिंग करने जैसी किसी भी घटना से इनकार किया है। यह पुराना जमीनी विवाद अब सड़क पर आ गया है।
दोनों पक्षों के अपने-अपने दावों के बीच यह मामला अब पुलिस के पास पहुंच गया है। शहर के पॉश इलाके में हुई इस घटना ने सबका ध्यान खींचा है। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
पुलिस ने दर्ज की प्राथमिकी, जांच जारी
मामले की गंभीरता को देखते हुए ततारपुर थाना पुलिस ने प्रथम पक्ष के आवेदन पर दूसरे पक्ष के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर ली है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि मामले की जांच शुरू कर दी गई है। दोनों पक्षों के दावों की पड़ताल की जा रही है और, आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1, जल्द ही उचित कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
जानकारी के मुताबिक, दोनों परिवारों के बीच यह जमीनी विवाद काफी पुराना है और यह मामला पहले से ही न्यायालय में विचाराधीन है। इसके बावजूद, आए दिन दोनों पक्षों में कहासुनी और झगड़ा होता रहता है। फिलहाल, घटना के बाद से इलाके में तनाव का माहौल है और दोनों परिवारों के बीच तनातनी बनी हुई है। अब देखना यह होगा कि पुलिस जांच और अदालती कार्यवाही के बाद इस दुकान का असली हकदार कौन साबित होता है।




