
Swami Vivekananda: भागलपुर देशज टाइम्स। जैसे एक चिंगारी पूरे जंगल में आग लगा सकती है, ठीक वैसे ही स्वामी जी के विचारों ने सफाली के बच्चों और युवाओं के मन में राष्ट्रप्रेम की ज्वाला प्रज्वलित कर दी है। सराय स्थित सफाली युवा क्लब परिसर में राष्ट्रीय युवा सप्ताह के मौके पर आयोजित हुए कार्यक्रमों की श्रृंखला में बच्चों ने अपने हुनर का ऐसा जौहर दिखाया कि हर कोई देखता रह गया।
जब Swami Vivekananda के संदेशों से प्रेरित हुए युवा
राष्ट्रीय युवा सप्ताह के उपलक्ष्य में सफाली युवा क्लब परिसर में कई रचनात्मक और सामाजिक कार्यक्रमों की धूम रही। इस दौरान देशभक्ति गीत प्रतियोगिता, स्वच्छता अभियान और एक विशेष आलेख प्रतियोगिता का सफल आयोजन किया गया, जिसमें दर्जनों की संख्या में बच्चों एवं युवाओं ने पूरे जोश और उत्साह के साथ भाग लिया। इन प्रतियोगिताओं का मुख्य उद्देश्य युवाओं को महान विचारक के दिखाए मार्ग पर चलने के लिए प्रेरित करना था। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
कार्यक्रम का समापन समारोह 18 जनवरी 2026 को आयोजित किया गया, जिसमें विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेताओं को प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय पुरस्कारों के साथ मेडल और प्रमाण-पत्र देकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे डॉ. फारूक अली ने अपने संबोधन में बच्चों को स्वामी जी के जीवन के अनछुए पहलुओं, उनके सशक्त विचारों और राष्ट्र निर्माण में युवाओं की महत्वपूर्ण भूमिका के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने कहा, “आज के युवाओं के लिए स्वामी जी का संदेश अत्यंत प्रासंगिक है। यदि बच्चे उनके विचारों को आत्मसात कर लें, तो वे न केवल अपना, बल्कि समाज और देश का भविष्य भी उज्ज्वल बना सकते हैं।”
इन होनहारों को मिला सम्मान
इसी दिन आयोजित हुई आलेख प्रतियोगिता में वरिष्ठ समाजसेवी प्रकाश चंद्र गुप्ता ने निर्णायक की भूमिका निभाई। प्रतियोगिता में काजल शांति ने प्रथम, सोनाशी कुमारी ने द्वितीय और रूपा कुमारी ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। समाज में आपसी सौहार्द और भाईचारे को मजबूत करने में असाधारण योगदान के लिए मो. तकी अहमद जावेद एवं महबूब आलम को भी विशेष रूप से सम्मानित किया गया। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। सभी प्रतिभागियों को पुरस्कार, मेडल और प्रमाण-पत्र देकर उनका हौसला बढ़ाया गया।देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करेंकार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रकाश चंद्र गुप्ता ने कहा, “बच्चों द्वारा लिखे गए आलेखों में केवल भाषाई शुद्धता ही नहीं, बल्कि एक गहरा सामाजिक संदेश भी छिपा था। यह देखकर खुशी होती है कि आज की पीढ़ी उन महापुरुषों के विचारों से जुड़ रही है जो देश की नींव हैं।” कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों और उपस्थित लोगों में एक विशेष ऊर्जा और उत्साह का माहौल देखने को मिला। इस अवसर पर मो. जीने हामिदी, मो. सलाहुद्दीन, मो. चुनना, निधि कुमारी, शीला देवी, मो. फारुख आजम, दानिश आजम, आदित्य कुमार, इस्लाम, और नूरी खातून समेत दर्जनों सदस्य मौजूद रहे। कार्यक्रम का धन्यवाद ज्ञापन गुलअफशा परवीन द्वारा किया गया।



