

Bihar Politics: सियासी अखाड़े में जब जनता और सरकार आमने-सामने आती है, तो कई बार उम्मीदों का बांध टूटता है और कभी समाधान की नई राहें खुलती हैं। ऐसी ही एक तस्वीर इन दिनों बिहार के सीतामढ़ी में देखने को मिली, जहां मुख्यमंत्री नीतीश कुमार जनता के बीच पहुंचे।
Bihar Politics: सीतामढ़ी में CM नीतीश का सख्त एक्शन, मंत्री-अधिकारी भरे मंच से हुए तलब
Bihar Politics: जनता की शिकायतों पर सीएम नीतीश का कड़ा रुख
बिहार की राजनीति में इन दिनों मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की ‘समृद्धि यात्रा’ सुर्खियां बटोर रही है। इसी क्रम में मुख्यमंत्री आज सीतामढ़ी और शिवहर के दौरे पर थे। सीतामढ़ी में सीएम ने करोड़ों की विकास परियोजनाओं का उद्घाटन किया और क्षेत्र को बड़ी सौगातें दीं। हालांकि, इस भव्य कार्यक्रम के दौरान एक ऐसा क्षण भी आया जब मुख्यमंत्री अपने ही मंत्रियों और अधिकारियों पर बिफरते हुए नजर आए। मंच से ही उन्होंने अधिकारियों और मंत्रियों को सख्त आदेश दिया कि जनता से जुड़ी समस्याओं का जल्द से जल्द समाधान किया जाए। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
दरअसल, सीतामढ़ी में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार मंच से अपने 2005 से अब तक के कार्यकाल की प्रमुख उपलब्धियों को जनता के सामने रख रहे थे। इसी दौरान कार्यक्रम में मौजूद कुछ लोगों ने हाथ उठाकर अपनी शिकायतें मुख्यमंत्री के सामने रखनी शुरू कर दीं। लोगों की परेशानियां सुनते ही सीएम नीतीश का पारा चढ़ गया। उन्होंने तत्काल मंच से ही अपने मंत्रियों और अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया कि इन सभी शिकायतों को गंभीरता से सुना जाए और मांगों को अविलंब पूरा किया जाए। सीएम ने मौके पर मौजूद अधिकारियों और मंत्रियों को तुरंत हिदायत दी कि जनता की समस्याओं के प्रति कोई कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
समृद्धि यात्रा का उद्देश्य और जनता से संवाद
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने 16 जनवरी से अपनी ‘समृद्धि यात्रा’ की शुरुआत की है, जिसका मुख्य उद्देश्य सीधे जनता से जुड़ना है। इस यात्रा के दौरान सीएम नीतीश न केवल लोगों से सीधा संवाद स्थापित कर रहे हैं, बल्कि उनकी समस्याओं को सुनकर मौके पर ही उनका समाधान भी सुनिश्चित कर रहे हैं। इस जनसंपर्क अभियान के माध्यम से वे बिहार विधानसभा चुनाव में मिली प्रचंड जीत के लिए जनता का आभार भी व्यक्त कर रहे हैं। इस यात्रा का सीधा असर जमीनी स्तर पर देखने को मिल रहा है, जहां मुख्यमंत्री जनता की नब्ज टटोल रहे हैं। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
मुख्यमंत्री का यह रुख दर्शाता है कि वे अपनी सरकार के कामकाज में किसी भी तरह की ढिलाई बर्दाश्त नहीं करेंगे। सीतामढ़ी की घटना यह साफ कर देती है कि जनता की सुनवाई और उनकी समस्याओं का त्वरित निवारण ही उनकी प्राथमिकता है। यह उनके सुशासन के दावे को और पुख्ता करता है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट संदेश दिया है कि सरकार का हर तंत्र जनता के प्रति जवाबदेह है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।

