
बिहार के दरभंगा से एक बड़ी खबर आ रही है। सीएम साइंस कॉलेज में अब 18 नए रोजगारोन्मुखी और कौशल-आधारित स्नातक एवं स्नातकोत्तर पाठ्यक्रम शुरू होंगे। यह निर्णय ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय के शैक्षणिक परिषद की बैठक में लिया गया, जहाँ इन पाठ्यक्रमों के प्रस्ताव को सर्वसम्मति से अनुमोदन प्रदान किया गया। यह पहल छात्रों को आधुनिक युग की माँगों के अनुरूप तैयार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
सीएम साइंस कॉलेज में रोजगारपरक कौशल विकास पाठ्यक्रम का शुभारंभ
सोमवार का दिन सीएम साइंस कॉलेज के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण रहा। ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. संजय कुमार चौधरी की अध्यक्षता में आयोजित विश्वविद्यालय की शैक्षणिक परिषद की बैठक में महाविद्यालय द्वारा प्रस्तावित कुल 18 बहुविषयक, कौशल-आधारित एवं रोजगारपरक पूर्णकालिक स्नातक एवं स्नातकोत्तर पाठ्यक्रमों को सर्वसम्मति से मंजूरी दे दी गई।
यह उपलब्धि महाविद्यालय के प्रधानाचार्य प्रो. संजीव कुमार मिश्र के कार्यकाल की एक महत्वपूर्ण अकादमिक पहल के रूप में देखी जा रही है। सीमित संसाधनों के बावजूद, महाविद्यालय ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति–2020 और बिहार राज्य उच्च शिक्षा परिषद के दिशानिर्देशों का पालन करते हुए एक प्रभावी प्रस्ताव विश्वविद्यालय के समक्ष रखा। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।इस अनुमोदन से उत्साहित प्रधानाचार्य प्रो. संजीव कुमार मिश्र ने कहा कि आज के प्रतिस्पर्धी युग में केवल पारंपरिक डिग्री प्राप्त करना पर्याप्त नहीं है। कुशल अभ्यर्थियों के चयन में कौशल विकास का पैमाना अत्यंत महत्वपूर्ण होगा। इसी को ध्यान में रखते हुए, महाविद्यालय के शिक्षकों ने गहन विचार-विमर्श के बाद इन पाठ्यक्रमों की रूपरेखा तैयार की है, ताकि छात्रों को व्यावहारिक, कौशल-आधारित और रोजगारोन्मुख शिक्षा प्रदान की जा सके। नए पाठ्यक्रमों की स्वीकृति से सीएम साइंस कॉलेज जैसे एकल संकाय वाले महाविद्यालय के लिए गैर-पारंपरिक बहुविषयक पाठ्यक्रम संचालित करने का मार्ग प्रशस्त हुआ है।
राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अनुरूप पाठ्यक्रम
प्रस्तावित स्नातक पाठ्यक्रमों में बी. एससी. इन नैनो साइंस एंड नैनो टेक्नोलॉजी, बी. एससी. इन सोशल वर्क, बी. एससी. इन आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, बी. एससी. इन एनर्जी साइंस, बी. एससी. इन डाटा साइंस, बी. एससी. इन रिमोट सेंसिंग, बी. एससी. इन अप्लाइड बायोटेक्नोलॉजी, बी. एससी. इन माइक्रोबायोलॉजी, बी. ए. इन जर्नलिज्म एंड मास कम्युनिकेशन, और बी. एससी. इन फिल्म एंड मीडिया डिजाइन शामिल हैं। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।वहीं, स्नातकोत्तर स्तर पर एम. एससी. इन नैनो साइंस एंड नैनो टेक्नोलॉजी, एम. एससी. इन आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, एम. एससी. इन डाटा साइंस, एम. एससी. इन रिमोट सेंसिंग, एम. एससी. इन पापुलेशन स्टडीज, एम. एससी. इन बॉयोस्टैटिक्स एंड डेमोग्राफी, और एम. ए. इन सोशल वर्क जैसे पाठ्यक्रमों को मंजूरी मिली है। इन नए रोजगारपरक कोर्स के लागू होने से छात्रों के करियर को नई दिशा मिलेगी।यदि इन पाठ्यक्रमों को विश्वविद्यालय की सक्षम वैधानिक निकायों से अंतिम स्वीकृति प्राप्त हो जाती है, तो यह सीएम साइंस कॉलेज के इतिहास में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित होगा। इससे महाविद्यालय की अकादमिक पहचान को नई ऊंचाइयों पर ले जाने में मदद मिलेगी। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें: https://deshajtimes.com/news/national/यह पहल छात्रों को भविष्य के लिए तैयार करने और उन्हें रोजगार के बेहतर अवसर प्रदान करने की दिशा में एक सराहनीय कदम है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
अन्य महत्वपूर्ण घोषणाएं
शैक्षणिक परिषद की बैठक में इन नए पाठ्यक्रमों के अलावा भी विश्वविद्यालय के विकास से संबंधित कई अन्य महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर चर्चा हुई। कुलपति प्रो. संजय कुमार चौधरी ने कहा कि विश्वविद्यालय का लक्ष्य छात्रों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ-साथ उन्हें रोजगार के लिए भी सक्षम बनाना है। इन नए कोर्सेस के माध्यम से सीएम साइंस कॉलेज इस दिशा में एक अग्रणी भूमिका निभाएगा।






