
Jamui News: अतिक्रमण का दानव जब सामुदायिक संपत्ति पर नजर डालता है, तो आम जनजीवन अस्त-व्यस्त हो जाता है। सदियों से चली आ रही परंपराएं टूट जाती हैं और लोग न्याय के लिए भटकने लगते हैं। Jamui News: जमुई के कर्णगढ़ गांव में भी कुछ ऐसा ही मंजर देखने को मिल रहा है, जहां वर्षों से हटिया के रूप में इस्तेमाल हो रही जमीन पर कुछ दबंगों ने कब्जा कर लिया है। इससे ग्रामीणों में गहरा आक्रोश व्याप्त है और उन्होंने अंचल अधिकारी (CO) से तत्काल कार्रवाई की गुहार लगाई है।
Jamui News: कर्णगढ़ में हटिया की जमीन पर अवैध कब्जा, ग्रामीणों का फूटा गुस्सा, CO से लगाई न्याय की गुहार
Jamui News: क्या है कर्णगढ़ हटिया भूमि विवाद?
जमुई जिले के कर्णगढ़ गांव में एक ऐसी जमीन पर अतिक्रमण का गंभीर मामला सामने आया है, जिसका उपयोग ग्रामीण पीढ़ियों से साप्ताहिक बाजार (हटिया) के रूप में करते आ रहे हैं। इस जमीन पर अब कुछ लोगों ने अवैध रूप से कब्जा कर लिया है, जिससे सैकड़ों ग्रामीणों की आजीविका प्रभावित हुई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह भूमि गांव की पहचान है और यहां हर सप्ताह लगने वाले बाजार से उनकी रोजमर्रा की ज़रूरतें पूरी होती थीं। इस अतिक्रमण ने न केवल उनकी आर्थिक गतिविधियों को बाधित किया है, बल्कि गांव में एक बड़े भूमि विवाद को भी जन्म दे दिया है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। ग्रामीणों ने एकजुट होकर अंचल अधिकारी को एक लिखित आवेदन सौंपा है, जिसमें उन्होंने अतिक्रमणकारियों के खिलाफ तत्काल और सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
अंचल अधिकारी को दिए गए आवेदन में ग्रामीणों ने स्पष्ट किया है कि यह जमीन सार्वजनिक उपयोग की है और किसी भी व्यक्ति को इस पर निजी कब्जा करने का अधिकार नहीं है। उन्होंने अधिकारियों से गुहार लगाई है कि वे जल्द से जल्द अतिक्रमण हटाकर हटिया को उसके मूल स्वरूप में बहाल करें, ताकि ग्रामीण पूर्व की तरह अपनी गतिविधियों को जारी रख सकें। यह मामला एक संवेदनशील सरकारी जमीन पर अतिक्रमण का है, जिस पर प्रशासन की तत्काल ध्यान देना आवश्यक है।
ग्रामीणों में आक्रोश और आगे की रणनीति
इस घटना से कर्णगढ़ गांव के ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। उनका कहना है कि यदि प्रशासन ने समय रहते कार्रवाई नहीं की, तो वे बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन करने को मजबूर होंगे। ग्रामीणों का मानना है कि अतिक्रमणकारियों को राजनीतिक संरक्षण प्राप्त है, जिसके कारण वे इतनी आसानी से सार्वजनिक भूमि पर कब्जा करने की हिम्मत दिखा रहे हैं। उन्होंने जिला प्रशासन से मामले की उच्चस्तरीय जांच कराने और दोषियों के खिलाफ कठोर दंडात्मक कार्रवाई की मांग की है। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। इस भूमि विवाद का समाधान जल्द से जल्द होना चाहिए ताकि ग्रामीणों को उनका हक मिल सके और सामाजिक सौहार्द बना रहे।


