



Smart Meter Electricity Theft: नालंदा में हाईटेक सेंधमारी का खुलासा
Smart Meter Electricity Theft: बिहार में बिजली विभाग ने चोरी रोकने के लिए बड़े पैमाने पर स्मार्ट मीटर लगाए, लेकिन एक ऐसे बिजली चोरी गिरोह का भंडाफोड़ हुआ है, जिसने हाईटेक तरीके से स्मार्ट मीटर को भी धोखा देना शुरू कर दिया था। चोरों ने रिमोट और चिप का इस्तेमाल कर बिजली की रीडिंग को ठप कर दिया था।
ताजा मामला नालंदा जिले से जुड़ा है। यहां विभाग ने नूरसराय के कश्मीरीचक और मंडाछ गांव में दो उपभोक्ताओं के यहां छापेमारी कर स्मार्ट मीटर में लगी चिप और रिमोट को जब्त किया है। इन दोनों मामलों में उपभोक्ताओं पर कुल मिलाकर लगभग 35 लाख रुपये का भारी-भरकम जुर्माना लगाया गया है और संबंधित थानों में प्राथमिकी भी दर्ज कराई गई है।
इसको लेकर एसडीओ अश्विनी कुमार के नेतृत्व में बिजली विभाग की टीम नूरसराय के कश्मीरीचक गांव पहुंची। यहां उपेंद्र प्रसाद आटा चक्की और तेल मिल का संचालन करते हैं। उनके परिसर में लगे मीटर की जांच के दौरान यह पाया गया कि निर्धारित लोड की तुलना में बिजली की खपत बेहद कम दर्ज हो रही थी। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। संदेह होने पर जब मीटर की बारीकी से जांच की गई तो सील से छेड़छाड़ और रिमोट के इस्तेमाल का चौंकाने वाला खुलासा हुआ। हालांकि, जांच के दौरान विरोध बढ़ने पर टीम रिमोट जब्त कर वापस लौट आई।
बिहारशरीफ ग्रामीण डिविजन के कार्यपालक अभियंता रूपक कुमार ने बताया कि बाद में पुलिस बल के साथ दोबारा जांच की गई। उपेंद्र प्रसाद के औद्योगिक कनेक्शन में 10 किलोवाट का लोड स्वीकृत था, लेकिन मीटर में खपत शून्य दर्ज हो रही थी। गहन जांच में चिप लगाकर रिमोट से बिजली चोरी की पुष्टि हुई। इस मामले में उपभोक्ता पर 7 लाख 80 हजार 762 रुपये का जुर्माना लगाया गया है। मीटर और रिमोट को जब्त कर लिया गया है। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।
रिमोट से चोरी का दूसरा मामला और कैसे काम करता है यह तरीका?
इससे पहले 9 जनवरी को नूरसराय थाना क्षेत्र के मंडाछ गांव निवासी ओमप्रकाश शर्मा के यहां भी इसी तरह का मामला सामने आया था। उनके औद्योगिक परिसर में लगे स्मार्ट मीटर में चिप लगाकर रिमोट से बिजली चोरी की जा रही थी। बिहारशरीफ शहरी डिविजन के कार्यपालक अभियंता विकास कुमार के अनुसार, उपभोक्ता ने 15 किलोवाट का कनेक्शन लिया था, जबकि जांच में 40 किलोवाट का लोड पाया गया, जो स्वीकृत से कहीं अधिक था। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। इस मामले में 27 लाख 25 हजार 651 रुपये का भारी जुर्माना लगाया गया और रिमोट व चिप को जब्त कर लिया गया।
जांच में सामने आया है कि यह शातिर बिजली चोरी गिरोह बेहद सफाई से मीटर की सील खोल देता है या उसके पीछे के हिस्से को काटकर सर्किट को बाईपास कर देता है। इसके बाद मीटर के भीतर एक खास चिप लगाई जाती है, जो सेंसर को नियंत्रित करती है। इस चिप को कार की चाबी जैसे छोटे रिमोट से ऑपरेट किया जाता है। रिमोट ऑन रहने पर मीटर चालू रहता है, लेकिन उसकी रीडिंग दर्ज होना बंद हो जाती है। जब भी कोई जांच टीम या मीटर रीडर आता है, तो दूसरा बटन दबाकर मीटर को फिर से सामान्य कर दिया जाता है, जिससे चोरी पकड़ में नहीं आती। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। यह नया तरीका बिजली विभाग के लिए एक बड़ी चुनौती बन गया है, जिसके खिलाफ अब सख्त कार्रवाई की जा रही है।


