

Ayushman Bharat Digital Mission: स्वास्थ्य सेवाओं की दुनिया में मधुबनी ने डिजिटल क्रांति का ऐसा बिगुल बजाया है कि पूरा बिहार देख रहा है। अब यहां अस्पतालों में लंबी कतारें बीते दिनों की बात होने वाली हैं, क्योंकि एक छोटी सी तकनीक ने मरीजों का जीवन आसान कर दिया है।
‘स्कैन एंड शेयर’ सुविधा के तहत ओपीडी टोकन जेनरेट करने में मधुबनी जिला दिसंबर 2025 से लगातार पूरे राज्य में पहले स्थान पर काबिज है। यह सफलता जिले की स्वास्थ्य व्यवस्था के आधुनिकीकरण की दिशा में एक बड़ा कदम है। जिलाधिकारी आनंद शर्मा के नेतृत्व में जिला प्रशासन ने इस मिशन को प्रभावी ढंग से लागू कर एक मिसाल कायम की है।
क्या है Ayushman Bharat Digital Mission और मधुबनी की सफलता
आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन का मुख्य उद्देश्य देश की स्वास्थ्य सेवा प्रणाली को एक सुरक्षित और सुगम डिजिटल प्लेटफॉर्म पर लाना है। इसके तहत प्रत्येक नागरिक को एक यूनिक डिजिटल हेल्थ पहचान (ABHA ID) दी जाती है, जिससे उनके सभी मेडिकल रिकॉर्ड, जांच रिपोर्ट और इलाज का विवरण डिजिटल रूप से जुड़ा रहता है। मधुबनी ने इसी मिशन के ‘स्कैन एंड शेयर’ फीचर को अपनाकर यह शानदार उपलब्धि हासिल की है, आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। अब जिले के सभी सरकारी अस्पतालों में मरीज अपने आभा (ABHA) ऐप से क्यूआर कोड स्कैन करके तुरंत ओपीडी टोकन प्राप्त कर सकते हैं। इससे उन्हें रजिस्ट्रेशन काउंटर पर लंबी लाइनों में लगने से छुटकारा मिल गया है।इस सुविधा से न केवल मरीजों का कीमती समय बच रहा है, बल्कि पूरी प्रक्रिया भी पारदर्शी और सरल हो गई है। मरीज को बस काउंटर पर अपना टोकन नंबर बताना होता है और उनकी पर्ची तुरंत मिल जाती है। आयुष्मान से जुड़े निजी अस्पतालों में भी इस प्रणाली को तेजी से अपनाया जा रहा है।
जिले की प्रमुख उपलब्धियां और आंकड़े
जिलाधिकारी आनंद शर्मा और सिविल सर्जन हरेंद्र कुमार के कुशल मार्गदर्शन में मधुबनी ने स्वास्थ्य के डिजिटलीकरण में सराहनीय प्रगति की है। जिले के आंकड़े इसकी सफलता की कहानी खुद बयां करते हैं।
- दिसंबर 2025 से ‘स्कैन एंड शेयर’ के माध्यम से ओपीडी रजिस्ट्रेशन में लगातार राज्य में प्रथम स्थान पर।
- जिले के लगभग 100% सरकारी डॉक्टरों, नर्सों और स्वास्थ्य संस्थानों का HPR एवं HFR पंजीकरण पूरा हो चुका है।
- 21 जनवरी 2026 तक जिले में कुल 24,20,113 ABHA ID बनाई जा चुकी हैं, जिससे मधुबनी राज्य में छठे स्थान पर है।
- निजी अस्पतालों और फार्मेसियों का 50% से अधिक HFR पंजीकरण पूरा हो गया है।
इन उपलब्धियों ने न केवल जिले का मान बढ़ाया है, बल्कि राज्य स्तर पर भी बिहार को गौरवान्वित किया है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। जनवरी 2026 में ABDM को अपनाने के लिए बिहार को ‘बेस्ट स्टेट’ का पुरस्कार भी मिला था।
आम नागरिकों को कैसे मिल रहा है फायदा
इस डिजिटल पहल से आम नागरिकों को कई तरह के फायदे मिल रहे हैं। सबसे बड़ा लाभ डेटा की गोपनीयता और सुरक्षा है, जहां मरीज की अनुमति के बिना कोई भी उनका स्वास्थ्य डेटा नहीं देख सकता। अब मरीजों को इलाज के लिए कागजी रिपोर्ट साथ लेकर घूमने की जरूरत नहीं पड़ती; वे अपने सारे मेडिकल रिकॉर्ड कभी भी, कहीं भी आभा ऐप पर देख सकते हैं। इससे इलाज की प्रक्रिया तेज और आसान हो गई है। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।जिलाधिकारी आनंद शर्मा ने जिले के सभी नागरिकों से अपील की है कि वे अधिक से अधिक संख्या में अपनी ABHA ID बनवाएं। उन्होंने कहा कि ‘स्कैन एंड शेयर’ सुविधा का उपयोग कर डिजिटल स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ उठाएं, ताकि एक सशक्त और आधुनिक स्वास्थ्य प्रणाली की दिशा में मधुबनी अपनी अग्रणी भूमिका निभाता रहे। यह पहल विशेषकर ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों में बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच सुनिश्चित कर रही है, आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। सरकार को भी समेकित डेटा से बेहतर स्वास्थ्य नीतियां बनाने में मदद मिल रही है।

