



Women Entrepreneurs: बोकारो की धरती पर एक नई क्रांति का सूत्रपात हुआ है, जहां सपनों को पंख लगाने और आत्मनिर्भरता की उड़ान भरने का आह्वान किया जा रहा है। जिला प्रशासन ने RAMP कार्यक्रम के तहत महिला उद्यमियों को सशक्त बनाने के लिए एक महत्वपूर्ण पहल की है, जो ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में महिला शक्ति को पहचान दिलाने का माध्यम बनेगी।Women Entrepreneurs: बोकारो में महिला उद्यमियों को मिला नया संबल, RAMP कार्यशाला ने खोली तरक्की की राह
Women Entrepreneurs: सशक्तिकरण की नई मिसाल: बोकारो में महिला उद्यमियों के लिए RAMP कार्यशाला
बोकारो में जिला उद्योग केंद्र द्वारा महिला उद्यमियों को प्रोत्साहित और सशक्त बनाने के उद्देश्य से RAMP (Raising and Accelerating MSME Performance) कार्यक्रम के तहत 22 जनवरी को “Promotion of Women-Led Entrepreneurs” विषय पर एक दिवसीय जिला स्तरीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। जायका हैपनिंग के सभागार में आयोजित इस कार्यशाला में उप विकास आयुक्त शताब्दी मजूमदार, महाप्रबंधक जिला उद्योग केंद्र राजेंद्र प्रसाद और जिला समाज कल्याण पदाधिकारी डॉ सुमन गुप्ता की गरिमामयी उपस्थिति रही। कार्यशाला का शुभारंभ उपस्थित अतिथियों द्वारा दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया।इस महत्वपूर्ण कार्यशाला के दौरान, प्रतिभागी महिलाओं को विभिन्न सरकारी योजनाओं, ऋण सुविधाओं, कौशल विकास कार्यक्रमों, स्टार्टअप समर्थन और उद्योग से जुड़ी प्रक्रियाओं की विस्तृत जानकारी प्रदान की गई। सफल महिला उद्यमियों द्वारा अपने अनुभव साझा किए गए, जिससे उपस्थित महिलाओं को प्रेरणा मिली और उन्हें अपने व्यवसायों को आगे बढ़ाने के लिए नई दिशा मिली।उप विकास आयुक्त शताब्दी मजूमदार ने इस अवसर पर कहा कि महिलाओं के नेतृत्व वाली उद्यमिता को बढ़ावा देना न केवल सामाजिक समावेशन के लिए आवश्यक है, बल्कि यह स्थानीय अर्थव्यवस्था को सशक्त करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। उन्होंने बताया कि सरकार की विभिन्न योजनाएं और कार्यक्रम महिलाओं को अपने व्यवसाय को शुरू करने, उसका विस्तार करने और बाजार तक पहुंच बनाने में भरपूर सहायता प्रदान करते हैं। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।कार्यशाला के दौरान, उप विकास आयुक्त शताब्दी मजूमदार ने विभिन्न स्टालों का भी भ्रमण किया, जहाँ महिला उद्यमियों द्वारा बनाए गए उत्पादों को प्रदर्शित किया गया था। इन उत्कृष्ट उत्पादों को देखकर उन्होंने काफी संतोष व्यक्त किया।
आर्थिक आत्मनिर्भरता: बदलती ग्रामीण-शहरी तस्वीर
उप विकास आयुक्त शताब्दी मजूमदार ने अपने संबोधन में कहा कि महिला उद्यमिता को बढ़ावा देना आर्थिक आत्मनिर्भरता और समावेशी विकास की दिशा में एक अहम कदम है। RAMP कार्यक्रम के माध्यम से महिलाओं को प्रशिक्षण, वित्तीय सहायता, बाजार से जुड़ाव और उद्यम स्थापित करने से संबंधित विस्तृत जानकारी दी जा रही है। उन्होंने आश्वस्त किया कि जिला प्रशासन महिला उद्यमियों के साथ निरंतर सहयोग करेगा और उन्हें स्वरोजगार एवं उद्यमिता के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए हर संभव सहायता प्रदान की जाएगी।
उन्होंने आगे कहा कि महिलाओं को प्रशिक्षण, वित्तीय सहायता और तकनीकी समर्थन उपलब्ध कराना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने सभी हितधारकों से आग्रह किया कि वे स्वयं सहायता समूह (SHG), स्टार्ट-अप्स और महिला-उद्यमी नेटवर्क का पूरा लाभ उठाएं और नई सोच के साथ व्यवसायों को आगे बढ़ाएं।
साथ ही, उन्होंने जोर दिया कि महिला नेतृत्व वाले व्यवसायों को प्रोत्साहन देकर हम न केवल कार्यस्थल में समानता ला सकते हैं, बल्कि ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में रोजगार के अवसर भी बढ़ा सकते हैं। उन्हें आशा है कि इस पहल से स्थानीय स्तर पर महिलाओं का आत्म-निर्भर बनना और आर्थिक रूप से मजबूत होना सुनिश्चित होगा।
कौशल और वित्तीय सहायता: सफलता के दो स्तंभ
कार्यशाला में स्वागत संबोधन महाप्रबंधक जिला उद्योग केंद्र राजेंद्र प्रसाद ने दिया। इस दौरान उन्होंने जिला उद्योग केंद्र के माध्यम से केंद्र सरकार एवं राज्य सरकार द्वारा चलाए जा रहे विभिन्न योजनाओं की जानकारी प्रदान की। उन्होंने कहा कि महिला-नेतृत्व वाले उद्यमियों को प्रोत्साहित करना न केवल व्यवसाय के अवसरों को बढ़ाता है, बल्कि समग्र रूप से स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूत बनाता है। उन्होंने बताया कि जिला उद्योग केंद्र विभिन्न सरकारी योजनाओं के माध्यम से महिलाओं को व्यावसायिक प्रशिक्षण, वित्तीय सहायता, मार्केटिंग सलाह तथा उद्यमिता नेटवर्किंग के अवसर प्रदान कर रहा है।राजेंद्र प्रसाद ने विशेष रूप से कहा कि महिलाओं के पास अगर सही मार्गदर्शन, कौशल विकास और वित्तीय समर्थन हो, तो वे छोटे-बड़े सभी स्तरों पर अपने व्यवसाय को सफलतापूर्वक चला सकती हैं। उन्होंने उपस्थित महिला उद्यमियों को प्रेरित करते हुए कहा कि वे केंद्र की सेवाओं का अधिकतम लाभ उठाएं और किसी भी सहायता के लिए विभाग से संपर्क करें। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।उन्होंने यह भी बताया कि जिला उद्योग केंद्र द्वारा आयोजित प्रशिक्षण कार्यशालाओं, उद्यमी मीट-अप और व्यापार मार्गदर्शन कार्यक्रम के जरिए महिलाओं को अपने व्यवसाय की योजना बनाना, तकनीकी कौशल सीखना और विस्तृत बाजार तक पहुंचने में सहायता दी जाती है।जिला समाज कल्याण पदाधिकारी डॉ सुमन गुप्ता ने अपने संबोधन में कहा कि हमारा लक्ष्य है कि प्रत्येक महिला उद्यमी को सशक्त और समर्थ बनाया जाए। आज की कार्यशाला इस दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। महिला नेतृत्व वाले व्यवसायों को प्रोत्साहित करने के लिए विभाग विभिन्न प्रशिक्षण कार्यक्रम, सलाह, और वित्तीय सहायता प्रदान कर रहा है। हम चाहते हैं कि महिलाएं आत्म-निर्भर बनें, अपने कौशल का उपयोग करते हुए रोजगार उत्पन्न करें और सामाजिक-आर्थिक प्रगति में अपनी भागीदारी बढ़ाएं। महिलाओं के आत्म-विश्वास और नवाचार को बढ़ावा देना हमारी प्राथमिकता है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।कार्यशाला में निदेशक आर्सेटी सुमन एक्का, मैनेजर विकास प्रकाश, कंसल्टेंट jidco ईशा कुमारी, जिला उद्योग केंद्र के किशोर रजक सहित अन्य महत्वपूर्ण लोग उपस्थित थे। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें




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