
ध्वजारोहण: हर गणतंत्र दिवस और स्वतंत्रता दिवस पर देश प्रेम का ज्वार उमड़ पड़ता है, जब आसमान में तिरंगा शान से लहराता है तो हर भारतीय का सीना गर्व से चौड़ा हो जाता है। लेकिन इस गौरवशाली क्षण से पहले तिरंगे को सही ढंग से तैयार करना किसी कला से कम नहीं।
जमुई में गणतंत्र दिवस से पहले ध्वजारोहण की विशेष तैयारी: जानें तिरंगा फहराने का सही तरीका
ध्वजारोहण अभ्यास: गणतंत्र दिवस को यादगार बनाने की कवायद
जमुई जिला डेस्क: आगामी गणतंत्र दिवस को ऐतिहासिक और यादगार बनाने के लिए श्रीकृष्ण सिंह स्टेडियम में तैयारियां जोर-शोर से चल रही हैं। परेड का पूर्वाभ्यास, बैंड वादन का सघन अभ्यास और राष्ट्रगान गायन का रिहर्सल अनवरत जारी है। इन विशेष अवसरों की गरिमा को बनाए रखने के लिए हर विभाग अपनी-अपनी भूमिका निभा रहा है।
राष्ट्रीय पर्व हमारे हृदय में देशभक्ति की अद्भुत लहर दौड़ा देते हैं, और इन खास अवसरों पर जब आसमान में हमारा तिरंगा शान से लहराता है, तो हर भारतीय का सिर गर्व से ऊंचा हो जाता है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। लेकिन इस गौरवशाली तिरंगे को फहराने से पहले इसे सही ढंग से तैयार करना अत्यंत आवश्यक है, जिसमें कई तकनीकी बारीकियां होती हैं।
इसी क्रम में, पुलिस लाइन डीएसपी सुरेश प्रसाद की देखरेख में पुलिस अधिकारी राजू कुमार, देवेश विक्रम, धीरज कुमार सुमन सहित अन्य जवानों ने तिरंगा तैयार करने का विशेष अभ्यास किया। डीएसपी पुलिस लाइन ने इस दौरान कहा कि इसमें सबसे अहम है तिरंगे को फहराने के लिए सही गांठ लगाना, जो ध्वज के सम्मान और सुरक्षा दोनों के लिए अनिवार्य है।
भारतीय राष्ट्रीय ध्वज: सम्मान और नियम
भारत का राष्ट्रीय ध्वज मात्र एक वस्त्र का टुकड़ा नहीं, बल्कि यह हमारी स्वतंत्रता, बलिदान और एकता का जीवंत प्रतीक है। भारतीय ध्वज संहिता में तिरंगे के सम्मान और सही उपयोग के लिए स्पष्ट नियम निर्धारित किए गए हैं, जिनका पालन करना हर नागरिक का कर्तव्य है। इन नियमों का पालन न करने पर कानूनी कार्रवाई भी हो सकती है।
तिरंगे को फहराने में किसी भी प्रकार की लापरवाही बरतना न केवल उसका असम्मान है, बल्कि यह एक कानूनी अपराध भी हो सकता है। इसलिए, चाहे वह स्कूल का समारोह हो, कोई सरकारी आयोजन, या आपके मोहल्ले का झंडारोहण, तिरंगे को तैयार करने के नियम हर नागरिक को अवश्य पता होने चाहिए। इस प्रक्रिया में आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
तिरंगा फहराने के सही चरण:
- सबसे पहले, यह सुनिश्चित करें कि ध्वज दंड (झंडे का खंभा) साफ और मजबूत हो।
- पोल के शीर्ष पर लगी पुली (चरखी) में रस्सी डालकर उसके दोनों सिरों को नीचे लाएँ।
- तिरंगे के ऊपरी किनारे (जो खंभे से जुड़ता है) में मौजूद हेड-बैंड के लूप या आँख में रस्सी का एक सिरा डालें।
- सावधानीपूर्वक बोलाइन नॉट (Bowline Knot) या क्लोव हिच (Clove Hitch) का उपयोग करके मजबूत गांठ लगाएँ। यह गांठ इतनी मजबूत होनी चाहिए कि फहराते समय खुले नहीं।
- सुनिश्चित करें कि तिरंगा सीधा और बिना किसी सिलवट के लटके।
- रस्सी के दूसरे सिरे को मजबूती से बांधें, ताकि वह हवा में खुलने न पाए।
तिरंगे का सम्मान: कुछ महत्वपूर्ण बातें
तिरंगे का सम्मान करते समय कुछ बातें हमेशा याद रखनी चाहिए:
- तिरंगा कभी जमीन पर नहीं गिरना चाहिए।
- इसे कभी उल्टा नहीं फहराना चाहिए; केसरिया रंग हमेशा ऊपर की ओर होना चाहिए।
- फटे या मैले तिरंगे का उपयोग करना सख्त वर्जित है।
डीएसपी सुरेश प्रसाद ने तिरंगा तैयार करने के इन तरीकों पर गहन अभ्यास किया और पुलिसकर्मियों को भी नूतन जानकारी देकर उनका मनोबल बढ़ाया। इस अभ्यास का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि गणतंत्र दिवस पर राष्ट्रीय ध्वज पूरे सम्मान और गरिमा के साथ फहराया जाए। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें



