
Bihar Train Accident: जिंदगी की रील बनाने चले दो किशोरों की कहानी मौत की पटरी पर आकर थम गई। पलक झपकते ही अमृत भारत एक्सप्रेस काल बन दौड़ी और दो घरों के चिराग बुझ गए।
रीलों का जुनून और Bihar Train Accident: एक जानलेवा शौक
बिहार के पश्चिमी चंपारण जिले से एक हृदयविदारक घटना सामने आई है, जहाँ रेलवे ट्रैक के पास रील बनाने के दौरान अमृत भारत एक्सप्रेस की चपेट में आने से दो नाबालिग लड़कों की दर्दनाक मौत हो गई। यह घटना एक बार फिर युवाओं में सोशल मीडिया पर ‘वायरल’ होने के लिए खतरनाक स्टंट करने की बढ़ती प्रवृत्ति पर गंभीर सवाल खड़ी करती है। पुलिस मामले की गहनता से छानबीन कर रही है और शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, अमृत भारत एक्सप्रेस मुजफ्फरपुर से नरकटियागंज की ओर जा रही थी। इसी दौरान गुलाब नगर रेलवे ढाला और साठी स्टेशन के बीच, पिलर नंबर 234/31 के पास दो लड़के रील बना रहे थे.घटना उस वक्त हुई जब दोनों लड़के ट्रैक के बेहद करीब खड़े होकर मोबाइल से वीडियो बना रहे थे। उन्हें शायद अंदाजा भी नहीं था कि कुछ ही पल में उनकी यह ‘रील’ उनके जीवन की अंतिम कहानी बन जाएगी। अचानक तेज रफ्तार अमृत भारत एक्सप्रेस आई और दोनों को संभलने का मौका तक नहीं मिला, आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। मौके पर ही उन्होंने दम तोड़ दिया। इस घटना ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है। साठी थाना स्टेशन अधीक्षक संतोष कुमार ने बताया कि घटना की सूचना जीआरपी बेतिया को दे दी गई है. साथ ही पूरे मामले में छानबीन की जा रही है।
यह कोई पहली घटना नहीं है जब सोशल मीडिया का खतरा युवाओं की जान का दुश्मन बना हो। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें। ऐसी कई घटनाएं पहले भी सामने आ चुकी हैं, जब लाइक्स और व्यूज के चक्कर में किशोरों ने अपनी जान गंवाई है। अभिभावकों और शिक्षकों को चाहिए कि वे बच्चों को ऐसे जानलेवा शौक से दूर रहने के लिए जागरूक करें। रेलवे प्रशासन भी लगातार ट्रैक के आसपास सेल्फी या वीडियो बनाने पर रोक लगाने की अपील करता रहता है, लेकिन अक्सर युवा इन चेतावनियों को नजरअंदाज कर देते हैं।
पुलिस उपाधीक्षक (रेलवे) ने बताया कि उन्हें घटना की सूचना मिलते ही टीम मौके पर भेजी गई। दोनों शवों को कब्जे में लेकर कानूनी कार्यवाही पूरी की जा रही है। उन्होंने यह भी बताया कि आसपास के लोगों से पूछताछ की जा रही है ताकि घटना के सही कारणों का पता चल सके। शुरुआती जांच में रील्स बनाने के दौरान ही दुर्घटना होने की बात सामने आई है।
जागरूकता की कमी या लापरवाही: किसकी जिम्मेदारी?
इस दुखद घटना ने एक बार फिर रेलवे ट्रैक के पास सुरक्षा उपायों और युवाओं में जागरूकता की कमी को उजागर किया है। यह समझना बेहद जरूरी है कि एक छोटी सी गलती जिंदगी भर का पछतावा बन सकती है, आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। सोशल मीडिया पर क्षणिक प्रसिद्धि के लिए अपनी जान जोखिम में डालना किसी भी सूरत में जायज नहीं ठहराया जा सकता। प्रशासन और समाज को मिलकर ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए ठोस कदम उठाने होंगे।

