

Bettiah News: कल्पना कीजिए, एक मासूम नींद में है और अचानक काल की काली परछाई आग बनकर उसे लील लेती है। यह दिल दहला देने वाली घटना बिहार के बेतिया में हुई है, जहां एक सात वर्षीय बच्चे ने पल भर में अपनी जान गँवा दी। बेतिया के साठी थाना क्षेत्र के धोबनी गांव के वार्ड नंबर 12 में गुरुवार देर रात एक हृदय विदारक हादसा हो गया। बिजली के शॉर्ट सर्किट से लगी भीषण आग में सात वर्षीय आयान देवान की जलकर दर्दनाक मौत हो गई। इस त्रासदी से पूरा परिवार गहरे सदमे में है, और गांव में मातम का माहौल छाया हुआ है। ग्रामीण इस पीड़ित परिवार के लिए तत्काल सरकारी सहायता की मांग कर रहे हैं।
मृतक आयान के पिता अशरफ अली ने घटना का ब्योरा देते हुए बताया कि गुरुवार रात करीब 9 बजे उनके तीनों बच्चे घर में भोजन कर सो रहे थे। अशरफ और उनकी पत्नी अपने दूसरे घर में माता-पिता से मिलने गए हुए थे। इसी दौरान उनके घर में अचानक आग की लपटें उठने लगीं। आग की ऊंची-ऊंची लपटें देखकर गांव में अफरा-तफरी मच गई। ग्रामीणों ने फौरन दौड़कर आग बुझाने और बच्चों को बचाने की कोशिश की। बड़ी मशक्कत के बाद ग्रामीणों ने घर की टाटी तोड़कर दो बच्चों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया, लेकिन एक बच्चा कंबल में लिपटा हुआ गहरी नींद में था। वह आग की चपेट में आ गया और उसे बचाया नहीं जा सका। यह एक ऐसा क्षण था जब आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
बेतिया न्यूज़: शॉर्ट सर्किट से घर में लगी भीषण आग, सात साल का बच्चा जिंदा जला
घटना की सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की टीम और साठी पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची। ग्रामीणों के अथक प्रयासों और फायर ब्रिगेड की मदद से आग पर काबू पाया गया, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। थानाध्यक्ष राजन कुमार ने बताया कि पुलिस ने शव को शुक्रवार सुबह पोस्टमार्टम के लिए जीएमसीएच बेतिया भेज दिया है। पीड़ित परिवार के आवेदन के आधार पर मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
इस भीषण शॉर्ट सर्किट से आग की घटना ने परिवार को न केवल बच्चे से वंचित किया, बल्कि उनका आशियाना भी पूरी तरह उजाड़ दिया। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें
आग की इस त्रासदी के बाद परिवार के पास रहने के लिए कोई जगह नहीं बची है। स्थानीय ग्राम प्रधानों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने मिलकर परिवार के लिए अस्थायी आवास की व्यवस्था की है। भोजन-पानी और एक नया घर बनाने के लिए सामाजिक स्तर पर व्यापक प्रयास किए जा रहे हैं। यह सच है कि आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
पीड़ित परिवार के लिए सहायता की पुकार
स्थानीय जन प्रतिनिधियों ने भी सरकार से आपदा राहत कोष से उचित मुआवजा और अन्य सहायता प्रदान करने की पुरजोर मांग की है ताकि इस मुश्किल घड़ी में पीड़ित परिवार को कुछ संबल मिल सके। ऐसे समय में जब एक परिवार ने सब कुछ खो दिया है, समाज और सरकार की मदद ही उन्हें फिर से जीने की उम्मीद दे सकती है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।


