

Nitish Kumar: सियासत की बिसात पर विकास के मोहरों को साधते हुए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने एक बार फिर बिहार की तरक्की का खाका पेश किया है। मुजफ्फरपुर की धरती से उन्होंने स्वास्थ्य और रोजगार को लेकर बड़े ऐलान किए, जिसका सीधा असर प्रदेश के आम आदमी पर पड़ेगा। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कर दिया है कि सरकार की प्राथमिकता हर बिहारवासी को बेहतरीन स्वास्थ्य सुविधा मुहैया कराना है।
Nitish Kumar ने दिए अधिकारियों को सख्त निर्देश
पटना, 23 जनवरी 2026। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने अपनी समृद्धि यात्रा के दौरान मुजफ्फरपुर के अहियापुर स्थित कृषि उत्पादन बाजार समिति में विकास कार्यों की विस्तृत समीक्षा की। इस उच्च-स्तरीय बैठक में उन्होंने अधिकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि बिहार को देश के सबसे विकसित राज्यों की कतार में खड़ा करने के लिए सात निश्चय-3 कार्यक्रम लागू किया गया है। उन्होंने अधिकारियों को पूरी प्रतिबद्धता और संवेदनशीलता के साथ योजनाओं को जमीन पर उतारने का निर्देश दिया ताकि उनका लाभ जल्द से जल्द जनता तक पहुंच सके। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। मुख्यमंत्री ने प्रगति यात्रा से जुड़ी स्वीकृत योजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी लाने पर विशेष जोर दिया।
बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार द्वारा जनहित में किए जा रहे कार्यों को जनता तक पहुंचाना भी अधिकारियों की जिम्मेदारी है। उन्होंने सात निश्चय-2 के तहत चल रही योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन की भी समीक्षा की। बैठक में मुजफ्फरपुर के जिलाधिकारी श्री सुब्रत कुमार सेन ने प्रस्तुतीकरण के माध्यम से जिले में चल रही विकास योजनाओं की विस्तृत जानकारी मुख्यमंत्री को दी।
स्वास्थ्य सुविधाओं का होगा कायाकल्प
मुख्यमंत्री ने ‘सुलभ स्वास्थ्य-सुरक्षित जीवन’ के लक्ष्य पर जोर देते हुए कहा कि यह सात निश्चय-3 के प्रमुख उद्देश्यों में से एक है। इस योजना के तहत राज्य के सभी प्रखंड सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों को अब विशिष्ट चिकित्सा केंद्र (Speciality Hospital) के रूप में अपग्रेड किया जाएगा। इसके साथ ही, जिला अस्पतालों को अति विशिष्ट चिकित्सा केंद्र (Super Speciality Hospital) के तौर पर विकसित करने की योजना है। उन्होंने यह भी बताया कि नए मेडिकल कॉलेजों में पढ़ाई और इलाज की गुणवत्ता बढ़ाने के लिए लोक-निजी भागीदारी (PPP Mode) को प्रोत्साहित किया जाएगा। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। दूर-दराज के ग्रामीण इलाकों में डॉक्टरों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए उन्हें अलग से प्रोत्साहन देने की व्यवस्था भी की जा रही है।
युवाओं को रोजगार, उद्यमियों को प्रोत्साहन
समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री ने रोजगार को लेकर सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने कहा, “हमारी सरकार ने अगले 5 वर्षों में 1 करोड़ युवाओं को नौकरी एवं रोजगार देने का लक्ष्य रखा है।” उन्होंने बताया कि बिहार में उद्योग लगाने और स्वरोजगार को बढ़ावा देने के लिए उद्यमियों को विशेष आर्थिक पैकेज समेत कई तरह की सुविधाएं दी जा रही हैं। प्रदेश में एक सकारात्मक औद्योगिक माहौल बनाने पर जोर दिया जा रहा है ताकि युवा आत्मनिर्भर बन सकें। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें। सरकार की नई स्टार्टअप नीति का उद्देश्य भी युवाओं को अपना कारोबार शुरू करने के लिए प्रोत्साहित करना है। उन्होंने ‘सबका सम्मान-जीवन आसान’ (Ease of Living) का जिक्र करते हुए कहा कि सरकार का लक्ष्य हर नागरिक के जीवन को सुगम बनाना है, जिसके लिए सभी अधिकारी मिलकर काम करें। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
इस महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक में उप मुख्यमंत्री श्री सम्राट चौधरी, उप मुख्यमंत्री श्री विजय कुमार सिन्हा, मंत्री श्री विजय कुमार चौधरी, मंत्री श्री रामकृपाल यादव, मुख्य सचिव श्री प्रत्यय अमृत और पुलिस महानिदेशक श्री कुंदन कृष्णन समेत कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।

