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मार्च, 5, 2026
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गणतंत्र दिवस परेड में दिखेगी Bihar Makhana की धमक,भाजपा प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने कहा -लोकल से ग्लोबल थीम पर दुनिया देखेगी मिथिला की शान

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Bihar Makhana: तालाब के शांत पानी से निकलकर अब दुनिया की ज़ुबान पर छा जाने को तैयार है बिहार का यह ‘सुपरफूड’, जिसकी धमक अब दिल्ली में गणतंत्र दिवस समारोह के दौरान भी दिखाई देगी। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने इस अवसर पर प्रसन्नता व्यक्त की है।गणतंत्र दिवस के अवसर पर रक्षा मंत्रालय द्वारा आयोजित होने वाले भारत पर्व में बिहार की झांकी का चयन होना राज्य के लिए एक बड़ी उपलब्धि है। इस वर्ष बिहार की झांकी का थीम ‘मखाना: लोकल से ग्लोबल तक’ रखा गया है, जो प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत और आर्थिक सामर्थ्य को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करेगा। संजय सरावगी ने कहा कि यह झांकी आत्मनिर्भर बिहार की एक सशक्त पहचान है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि मिथिलांचल के पारंपरिक पोखरों से निकलकर मखाना आज दुनिया की थाली तक पहुंच गया है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।गणतंत्र दिवस परेड में दिखेगी Bihar Makhana की धमक,भाजपा प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने कहा -लोकल से ग्लोबल थीम पर दुनिया देखेगी मिथिला की शान

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Bihar Makhana की झांकी आत्मनिर्भरता का प्रतीक

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी के अनुसार, यह झांकी न केवल बिहार की प्रगति को दर्शाएगी, बल्कि भारत की वैश्विक पहचान को भी और अधिक सुदृढ़ करेगी। उन्होंने कहा कि जीआई टैग मिलने से मिथिला मखाना को वैश्विक स्तर पर एक नई पहचान मिली है। इसमें महिला सहभागिता की मजबूत भूमिका और किसानों के अथक परिश्रम का बहुत बड़ा योगदान है, जिसने मखाना को एक अंतरराष्ट्रीय सुपरफूड के रूप में स्थापित किया है। भारत पर्व के तहत देश की सांस्कृतिक, आर्थिक और सामाजिक विविधताओं को झांकियों, हस्तशिल्प और खानपान के माध्यम से प्रस्तुत किया जाएगा।गणतंत्र दिवस परेड में दिखेगी Bihar Makhana की धमक,भाजपा प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने कहा -लोकल से ग्लोबल थीम पर दुनिया देखेगी मिथिला की शानयह झांकी इस बात का संदेश देती है कि परंपरा, कड़ी मेहनत और इनोवेशन के संगम से किसी भी स्थानीय आजीविका को एक ग्लोबल पहचान दी जा सकती है। यह हमारी विरासत और उद्यमिता का एक अनूठा संगम है। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें। यह झांकी बिहार की उस क्षमता को भी उजागर करती है, जहां स्थानीय उत्पादों को सही मंच और नीति मिले तो वे विश्व पटल पर छा सकते हैं।

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‘एक भारत श्रेष्ठ भारत’ की भावना का प्रतिबिंब

संजय सरावगी ने आगे कहा कि यह झांकी ‘एक भारत श्रेष्ठ भारत’ की भावना को भी परिलक्षित करती है। यह दिखाती है कि कैसे स्थानीय उत्पादों को नवाचार के जरिए विश्व स्तर पर पहचान दिलाई जा सकती है। उन्होंने कहा, “बस इसके लिए सही नीति और नीयत चाहिए।” यह बिहार के किसानों और उद्यमियों के लिए एक गर्व का क्षण है, जिनकी मेहनत अब राष्ट्रीय मंच पर सम्मानित हो रही है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। यह झांकी बिहार के उज्ज्वल भविष्य और आर्थिक विकास की संभावनाओं का भी प्रतीक है।

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