



BPSC teacher suicide: जीवन की डोर जब उलझती है और उम्मीदों के धागे टूटते हैं, तब ऐसी दर्दनाक खबरें दिल को झकझोर देती हैं। बिहार के वैशाली जिले में सोमवार को एक ऐसी ही हृदय विदारक घटना ने सबको सन्न कर दिया। जिले के खाजेचांद छपरा मध्य विद्यालय में कार्यरत एक बीपीएससी शिक्षिका प्रिया भारती अपने किराए के कमरे में फंदे से लटकी मिलीं। इस दुखद समाचार से पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई है।
वैशाली में BPSC teacher suicide: सुसाइड नोट में क्या था आखिरी संदेश?
पुलिस को मौके से एक सुसाइड नोट भी बरामद हुआ है, जिसने इस मामले को और भी रहस्यमय बना दिया है। नोट में प्रिया भारती ने अपने माता-पिता से माफी मांगते हुए लिखा था, “मम्मी-पापा सॉरी, मेरा किसी से कोई विवाद नहीं है। मैं अब और नहीं सह सकती। मेरी इस गलती के लिए मुझे क्षमा करें।” यह संदेश उनके आंतरिक संघर्ष और गहरी पीड़ा को दर्शाता है।
प्राथमिक जानकारी के अनुसार, प्रिया भारती का शव उनके कमरे में पंखे से लटका हुआ पाया गया। स्थानीय लोगों और सहकर्मियों को जब घटना की जानकारी मिली तो उन्होंने तत्काल पुलिस को सूचित किया। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को कब्जे में लिया और पोस्टमार्टम के लिए भेजा। पुलिस इस पूरे मामले की विभिन्न पहलुओं से जांच कर रही है ताकि शिक्षिका की आत्महत्या के पीछे के वास्तविक कारणों का पता लगाया जा सके। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
मृतका के परिजनों को घटना की सूचना दे दी गई है और वे वैशाली के लिए रवाना हो चुके हैं। इस शिक्षिका की आत्महत्या ने शिक्षा जगत और स्थानीय समुदाय दोनों को स्तब्ध कर दिया है। प्रिया भारती हाल ही में बीपीएससी द्वारा आयोजित शिक्षक भर्ती परीक्षा में सफल होकर इस विद्यालय में नियुक्त हुई थीं। उनकी नियुक्ति को अभी अधिक समय नहीं हुआ था। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें
पुलिस जांच जारी और शिक्षकों का मानसिक स्वास्थ्य
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि वे सभी संभावित कोणों से मामले की जांच कर रहे हैं। परिजनों के आने के बाद उनसे भी पूछताछ की जाएगी ताकि कोई महत्वपूर्ण जानकारी सामने आ सके। कमरे की गहनता से छानबीन की गई है और सभी साक्ष्य जुटाए गए हैं। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। इस दुखद घटना ने शिक्षकों के मानसिक स्वास्थ्य और उनके सामने आने वाली चुनौतियों पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। हाल ही में नियुक्त हुए कई शिक्षकों को नए वातावरण और कार्यभार के साथ तालमेल बिठाने में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
इस घटना से विद्यालय में कार्यरत अन्य शिक्षक और छात्र भी सदमे में हैं। खाजेचांद छपरा मध्य विद्यालय परिसर में एक उदासी छाई हुई है। सहकर्मियों ने प्रिया भारती को एक मेहनती और समर्पित शिक्षिका बताया, जिन्होंने थोड़े ही समय में अपनी पहचान बनाई थी। वे आश्चर्यचकित हैं कि ऐसा क्या हो गया जिसकी वजह से प्रिया को इतना बड़ा कदम उठाना पड़ा। यह शिक्षिका की आत्महत्या सिर्फ एक घटना नहीं, बल्कि एक गंभीर सामाजिक चिंता का विषय भी है। स्थानीय प्रशासन और शिक्षा विभाग को ऐसे मामलों की रोकथाम के लिए कदम उठाने की आवश्यकता है। यह खबर आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।


