

Bihar Pipa bridge: कोसी की लहरों पर जब उम्मीदों का पुल बनकर तैयार होता है, तब दूरियां सिमट जाती हैं और विकास की नई राहें खुलती हैं। खगड़िया में एक ऐसा ही पीपा पुल लाखों जिंदगियों में नया सवेरा लाने को बेताब है।
खगड़िया में बनकर तैयार हुआ बिहार पीपा ब्रिज: एक नया अध्याय
खगड़िया जिले में कोसी नदी पर 25.13 करोड़ रुपये की लागत से 500 मीटर लंबा पीपा पुल बनकर तैयार हो गया है। यह पुल 28 जनवरी से आम जनता के लिए खोल दिया जाएगा। इस पुल के चालू होने से खगड़िया और मधेपुरा के बीच की दूरी में भारी कमी आएगी। वर्तमान में इन दोनों जिलों के बीच सफर करने में लगभग 70 किलोमीटर का फासला तय करना पड़ता है, जो अब घटकर मात्र 25 किलोमीटर रह जाएगा। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
इस परियोजना से लाखों लोगों को सीधा लाभ मिलेगा। खासकर उन लोगों को जो रोजमर्रा के कार्यों या व्यापार के लिए इन दोनों जिलों के बीच यात्रा करते हैं। समय और ईंधन दोनों की बचत होगी, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी गति मिलेगी। यह पुल क्षेत्र के लिए एक महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचा साबित होगा।
यह न केवल यात्रा को सुगम बनाएगा बल्कि क्षेत्रीय विकास में भी मील का पत्थर साबित होगा। कोसी क्षेत्र में लंबे समय से बेहतर कनेक्टिविटी की मांग की जा रही थी, जिसे इस पीपा पुल ने पूरा किया है। यह कोसी विकास परियोजना के तहत एक महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा सकती है।
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लाखों लोगों के सफर में आएगी आसानी
स्थानीय निवासियों का कहना है कि इस पुल के अभाव में उन्हें लंबा चक्कर काटना पड़ता था, जिससे उनका काफी समय बर्बाद होता था। अब यह समस्या दूर हो जाएगी। छात्रों, व्यापारियों और किसानों सहित सभी वर्गों के लोगों को इससे बड़ी राहत मिलेगी। यह पुल क्षेत्र की सामाजिक और आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देगा। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
पुल के निर्माण से पहले, लोगों को नावों या लंबे सड़क मार्ग का सहारा लेना पड़ता था, जो अक्सर असुरक्षित और थकाऊ होता था। पीपा पुल का निर्माण कार्य निर्धारित समय पर पूरा किया गया है, जो विभागीय तत्परता का भी परिचायक है। यह पुल सिर्फ एक रास्ता नहीं, बल्कि लाखों जिंदगियों को जोड़ने वाली एक उम्मीद की किरण है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।



