
Bhagalpur News: विकास की राह जब बनती है, तो धूल और कीचड़ का गुबार उड़ना लाज़मी है। कुछ ऐसा ही हाल भागलपुर का है, जहां विकास की एक परियोजना जनता के लिए जी का जंजाल बन गई है। शहर में भोलानाथ फ्लाईओवर का निर्माण कार्य पिछले तीन वर्षों से कछुए की चाल से चल रहा है, जिससे स्थानीय निवासियों का सब्र अब जवाब देने लगा है।लंबे समय से चल रहे इस निर्माण कार्य के कारण आवागमन की समस्या तो पहले से ही थी, लेकिन हाल ही में स्थिति तब और बिगड़ गई जब निर्माण के दौरान खोदे गए नाले का गंदा पानी लोगों के घरों में घुसने लगा।
इसके बाद स्थानीय लोगों का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया और उन्होंने मौके पर ही विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। लोगों का आक्रोश देख माहौल तनावपूर्ण हो गया।
Bhagalpur News: तीन साल से चल रहा निर्माण कार्य, जनता बेहाल
विरोध प्रदर्शन और बिगड़ते हालात की सूचना मिलते ही भागलपुर के नगर विधायक रोहित पांडे तुरंत मौके पर पहुंचे। उन्होंने सबसे पहले आक्रोशित लोगों से बात कर उन्हें शांत कराया और उनकी समस्याओं को विस्तार से सुना। विधायक ने मौके पर मौजूद अव्यवस्था और गंदगी पर गहरी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने तत्काल पुल निर्माण कर रही कंपनी के जिम्मेदार अधिकारियों को तलब किया और उन्हें जमकर फटकार लगाई।विधायक रोहित पांडे ने स्पष्ट शब्दों में कहा, “विकास के नाम पर जनता को इस तरह की परेशानी देना कतई स्वीकार्य नहीं है। भोलानाथ फ्लाईओवर का पूरा होना दक्षिणी क्षेत्र के लिए एक बड़ी राहत होगी, लेकिन इसका यह मतलब नहीं कि निर्माण के दौरान लोगों को उनके हाल पर छोड़ दिया जाए।” उन्होंने अधिकारियों को तत्काल वैकल्पिक व्यवस्था करने और समस्या का स्थायी समाधान निकालने का कड़ा निर्देश दिया। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें: https://deshajtimes.com/news/national/
विधायक ने कंपनी को लगाई फटकार, दिए सख्त निर्देश
विधायक के हस्तक्षेप के बाद फौरन कार्रवाई शुरू हुई। मौके पर जेसीबी मशीन बुलाई गई और सड़कों पर जमा हुए गंदे पानी और कीचड़ की सफाई का काम तत्काल शुरू किया गया, जिससे लोगों को कुछ राहत मिली। कंपनी के अधिकारियों ने विधायक और स्थानीय निवासियों को आश्वासन दिया कि भविष्य में ऐसी समस्या दोबारा नहीं होगी और निर्माण कार्य के दौरान जलजमाव को रोकने के लिए पुख्ता इंतजाम किए जाएंगे।स्थानीय लोगों को यह भरोसा दिया गया है कि काम में तेजी लाई जाएगी ताकि यह लंबा इंतजार जल्द खत्म हो। फिलहाल, इस घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या विकास परियोजनाओं को समय पर पूरा करने और इस दौरान नागरिकों की सुविधा का ध्यान रखने में हमारा सिस्टम सक्षम है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।

