

जैसे रेगिस्तान में पानी की उम्मीद दिखाकर उसे छीन लिया जाए, कुछ वैसी ही स्थिति है बगहा के लोगों की। Bagaha ROB: मंगलपुर रेलवे गुमटी पर बहुप्रतीक्षित आरओबी के निर्माण का सपना एक बार फिर टूट गया है, क्योंकि करोड़ों की लागत वाली इस परियोजना का टेंडर रद्द कर दिया गया है।
बगहा आरओबी टेंडर रद्द: मंगलपुर गुमटी पर पुल बनने की उम्मीदों को झटका, लोगों की बढ़ी परेशानी
Bagaha ROB: काम शुरू होते ही अटका, जानें पूरा मामला
बगहा। बिहार के बगहा में मंगलपुर रेलवे गुमटी पर एक नए ओवरब्रिज के निर्माण को लेकर स्थानीय लोगों में भारी उत्साह था। यह परियोजना क्षेत्र के विकास और आवागमन को सुगम बनाने के लिए बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही थी। हालांकि, अब इस उत्साह को बड़ा झटका लगा है। सरकार द्वारा इस करोड़ों की लागत वाली परियोजना का टेंडर अचानक रद्द कर दिया गया है। इस अप्रत्याशित फैसले ने न केवल अधिकारियों को हैरत में डाल दिया है, बल्कि आम जनता की उम्मीदों पर भी पानी फेर दिया है।
जानकारी के अनुसार, इस रेलवे ओवरब्रिज के निर्माण का पहला चरण शुरू भी हो गया था। पुल निर्माण की दिशा में शुरुआती कदम उठाए जा चुके थे, जिससे यह लगने लगा था कि जल्द ही लोगों को जाम और आवागमन की दिक्कतों से मुक्ति मिलेगी। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। हालांकि, अचानक काम रुक जाने से लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। राहगीरों और वाहन चालकों को फिर से घंटों जाम में फंसे रहने को मजबूर होना पड़ रहा है।
स्थानीय निवासियों का कहना है कि यह रेलवे ओवरब्रिज उनकी दशकों पुरानी मांग थी। इस क्षेत्र में रेलवे क्रॉसिंग पर आए दिन लगने वाले जाम के कारण न केवल समय की बर्बादी होती है, बल्कि आपातकालीन सेवाओं पर भी इसका बुरा असर पड़ता है। टेंडर रद्द होने के पीछे क्या कारण हैं, इसकी स्पष्ट जानकारी अभी तक सामने नहीं आई है, लेकिन इस फैसले ने सरकार और निर्माण एजेंसियों की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
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परेशानी का सबब: अटका हुआ निर्माण और भविष्य की चिंता
मंगलपुर रेलवे गुमटी पर आरओबी का निर्माण रद्द होने से स्थानीय व्यापार और दैनिक जीवन भी प्रभावित हो रहा है। किसानों को अपनी उपज मंडी तक ले जाने में मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है, वहीं छात्रों और नौकरीपेशा लोगों को भी देरी का खामियाजा भुगतना पड़ रहा है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। यह एक गंभीर समस्या है जिस पर तत्काल ध्यान देने की आवश्यकता है। अधिकारी इस मामले पर चुप्पी साधे हुए हैं, जिससे लोगों में असमंजस और गुस्सा बढ़ रहा है। प्रशासन से यह उम्मीद की जा रही है कि वे जल्द से जल्द इस गतिरोध को दूर करें और परियोजना को फिर से शुरू करने की दिशा में कदम उठाएं ताकि क्षेत्र के लोगों को राहत मिल सके।


