
जैसे एक कुशल वैद्य नब्ज पकड़कर रोग का पता लगा लेता है, ठीक उसी तरह अब पुलिस सीधे जनता की नब्ज टटोलकर उनकी समस्याओं का स्थायी समाधान करेगी। Darbhanga News: इसी कड़ी में दरभंगा के वरीय पुलिस अधीक्षक (SSP) ने एक बड़ी पहल की है, जिसका उद्देश्य पुलिस और जनता के बीच की खाई को पाटना और विश्वास का एक नया पुल बनाना है।
Darbhanga News: बिरौल थाने में लगी शिकायतों की झड़ी
आज गुरुवार को बिरौल थाना परिसर का माहौल रोज से कुछ अलग था। यहां जिले के वरीय पुलिस अधीक्षक ने खुद जनता की समस्याओं को सुनने के लिए दरबार लगाया। इस जनसुनवाई कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोग अपनी शिकायतें लेकर पहुंचे। एसएसपी ने एक-एक कर सभी शिकायतकर्ताओं से बात की, उनकी समस्याओं को बड़े ही ध्यानपूर्वक सुना और उन्हें जल्द से जल्द न्याय का भरोसा दिलाया। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। मौके पर मौजूद हर व्यक्ति की परेशानी को गंभीरता से लिया गया और उनके आवेदन पर तत्काल कार्रवाई के लिए विचार किया गया।
समस्याओं को सुनने के बाद वरीय पुलिस अधीक्षक ने मौके पर मौजूद थानाध्यक्ष और अन्य संबंधित पदाधिकारियों को कड़े निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि प्रत्येक शिकायत का समाधान किसी भी हाल में सात दिनों के भीतर एक वैधानिक प्रक्रिया के तहत सुनिश्चित किया जाना चाहिए। इस ऐतिहासिक जनसुनवाई का मकसद यह सुनिश्चित करना है कि आम आदमी को अपनी छोटी-बड़ी समस्याओं के लिए दफ्तरों के चक्कर न काटने पड़ें। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें। एसएसपी ने यह भी साफ किया कि लापरवाही बरतने वाले किसी भी अधिकारी को बख्शा नहीं जाएगा।
पुलिस और जनता के बीच बढ़ेगा विश्वास
इस अनूठी पहल का मुख्य उद्देश्य आमजन की समस्याओं का सरल, सुलभ और शीघ्र समाधान करना है। पुलिस विभाग का मानना है कि इस तरह के आयोजनों से न केवल लंबित मामलों के निपटारे में तेजी आएगी, बल्कि पुलिस और जनता के बीच सीधा संवाद भी स्थापित होगा। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। जब लोग अपनी परेशानियां सीधे वरिष्ठ अधिकारी तक पहुंचा पाते हैं, तो उनका सिस्टम पर भरोसा मजबूत होता है।
वरीय पुलिस अधीक्षक ने आश्वासन दिया है कि यह प्रक्रिया केवल एक दिन के लिए नहीं है, बल्कि इसे एक नियमित अभ्यास बनाया जाएगा। उन्होंने कहा कि नागरिकों की समस्याओं को सुलझाने और उन्हें एक सुरक्षित माहौल देने के लिए यह जनसुनवाई आगे भी नियमित रूप से जारी रहेगी। इस कदम से पुलिस की छवि में सुधार होने और आम लोगों के मन से थाने का डर खत्म होने की उम्मीद है।





