
Darbhanga Bird Flu: मौत का सन्नाटा जब आसमान से बरसने लगे, तो समझिए खतरा बड़ा है। बिहार के दरभंगा और भागलपुर में कुछ ऐसा ही मंजर देखने को मिला है, जहां आसमान के बाशिंदों की लाशें जमीन पर बिछ गई हैं और हवा में दहशत घुल गई है।Bird Flu की पुष्टि होते ही जिला प्रशासन में हड़कंप मच गया और आनन-फानन में आपातकालीन कदम उठाए जाने लगे। 29 जनवरी की रात जैसे ही जांच रिपोर्ट पॉजिटिव आई, जिलाधिकारी कौशल कुमार ने संबंधित विभागों को भारत सरकार द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के तहत तत्काल कार्रवाई करने का निर्देश दिया। पशुपालन विभाग ने तुरंत दरभंगा नगर निगम और कबीर सेवा संस्थान से सहयोग मांगा, जिन्होंने सबसे पहले इस मामले की सूचना दी थी।
प्रशासन की टीम वार्ड 31 के पार्षद नफीसुल हक रिंकू के साथ उस जगह पर पहुंची, जहां कौवों और अन्य पक्षियों की सबसे ज्यादा मौतें हो रही थीं—भिगो स्थित मुक्तिधाम शमशान घाट। दोपहर तक चले अभियान में सभी के सहयोग से हजारों मृत कौवों और पक्षियों को गहरे गड्ढों में दफनाया गया ताकि संक्रमण को फैलने से रोका जा सके। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
Bird Flu को लेकर प्रशासन का एक्शन प्लान तैयार
मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रशासन ने एक विस्तृत एक्शन प्लान तैयार किया है। इसके तहत, घटना स्थल के एक किलोमीटर के दायरे में आने वाले सभी पोल्ट्री फार्मों और चिकन बिक्री केंद्रों की निगरानी की जा रही है। इन क्षेत्रों में मौजूद सभी पोल्ट्री फार्मों की सूची तैयार की जा रही है ताकि वहां मौजूद पक्षियों के स्वास्थ्य पर नजर रखी जा सके। अधिकारियों ने बताया कि रोकथाम के उपायों के तहत घटनास्थल के चारों ओर पांच किलोमीटर के दायरे से भी सैंपल लेने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। जिलाधिकारी कौशल कुमार ने स्पष्ट किया है कि घटनास्थल और आसपास के इलाकों पर चौबीसों घंटे कड़ी नजर रखी जा रही है।
इस खतरनाक एवियन इन्फ्लुएंजा के प्रकोप ने स्थानीय लोगों में चिंता बढ़ा दी है। हजारों पक्षियों को दफनाने के बाद वार्ड पार्षद नफीसुल हक रिंकू ने बताया कि आसपास के इलाकों से कई मुर्गियों के मरने की भी खबरें आई हैं, जिन्हें तुरंत दफना दिया गया है। आम जनता से विशेष सतर्कता बरतने की अपील की जा रही है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
क्या है पूरा मामला और कैसे हुई पुष्टि?
कबीर सेवा संस्थान के संरक्षक और वार्ड पार्षद नवीन सिन्हा ने घटनाक्रम की जानकारी देते हुए बताया कि 14 जनवरी को ही उन्होंने बड़ी संख्या में कौवों के मरने की सूचना जिलाधिकारी को दी थी। जिलाधिकारी ने तत्काल पशुपालन विभाग की टीम को मौके पर भेजा था। उसी दिन मृत कौवों के सैंपल एकत्र किए गए थे।
इन सैंपलों को जांच के लिए कोलकाता और भोपाल की प्रयोगशालाओं में भेजा गया था। लगभग दो हफ्तों के इंतजार के बाद 29 जनवरी की देर रात रिपोर्ट आई, जिसमें भागलपुर के साथ-साथ दरभंगा के मृत कौवों में भी बर्ड फ्लू होने की पुष्टि हुई। रिपोर्ट आते ही प्रशासनिक अमला हरकत में आ गया। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें: https://deshajtimes.com/news/national/
आम जनता के लिए जरूरी सलाह
नवीन सिन्हा ने जोर देकर कहा कि इस समय आम जनता को अपने स्वास्थ्य और खान-पान को लेकर अत्यधिक सतर्क रहने की जरूरत है। विशेषज्ञों के अनुसार, अधपका चिकन या अंडा खाने से बचना चाहिए और पोल्ट्री उत्पादों को संभालने के बाद हाथों को अच्छी तरह से साफ करना चाहिए। किसी भी मृत पक्षी को नंगे हाथों से छूने की गलती बिल्कुल न करें और ऐसी कोई भी घटना दिखने पर तुरंत स्थानीय प्रशासन को सूचित करें।


You must be logged in to post a comment.