



Bihar Employees Strike: वक़्त का पहिया फिर घूम चला है, जब कर्मचारियों की बुलंद आवाजें राजधानी की गलियों से लेकर सुदूर गांवों तक गूंजने को तैयार हैं। अपनी जायज़ मांगों को लेकर संघर्ष का बिगुल बज चुका है, जिसकी पहली रणनीति आज आरा में बनाई जा रही है। अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ (गोपगुट) का महाकन्वेंशन आज आरा में आयोजित किया जा रहा है, जिसका मुख्य उद्देश्य 12 फरवरी को प्रस्तावित अखिल भारतीय आम हड़ताल को पूरी तरह से सफल बनाना है।
इस महत्वपूर्ण कन्वेंशन में राज्य भर से आए विभिन्न कर्मचारी संगठनों के प्रतिनिधि और पदाधिकारी हिस्सा ले रहे हैं। बैठक में 12 फरवरी की हड़ताल के सफल क्रियान्वयन के लिए एक विस्तृत कार्ययोजना तैयार की जाएगी। संघ के नेताओं का मानना है कि कर्मचारियों की वर्षों पुरानी कर्मचारी मांगें अभी भी अधूरी हैं, जिन्हें सरकार लगातार अनदेखा कर रही है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
बिहार एम्प्लॉइज स्ट्राइक: हड़ताल की रणनीति और आह्वान
कन्वेंशन में पुरानी पेंशन योजना की बहाली, संविदाकर्मियों को नियमित करने, वेतन विसंगतियों को दूर करने और महंगाई भत्ते में वृद्धि जैसी प्रमुख कर्मचारी मांगें पर गहन विचार-विमर्श किया जाएगा। इन मांगों को लेकर पूरे राज्य में जनजागरण अभियान चलाने और कर्मचारियों को एकजुट करने की रणनीति पर भी चर्चा होगी। संघ के नेताओं ने स्पष्ट कर दिया है कि यदि सरकार उनकी मांगों पर सकारात्मक रुख नहीं अपनाती है तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें: https://deshajtimes.com/news/national/
कर्मचारी एकता और आगामी चुनौतियां
महासंघ के एक वरिष्ठ पदाधिकारी ने बताया कि इस आम हड़ताल का उद्देश्य केवल सरकार पर दबाव बनाना नहीं, बल्कि प्रदेश के सभी अराजपत्रित कर्मचारियों के बीच एकता और संघर्ष की भावना को मजबूत करना भी है। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों को अपने हकों के लिए एक मंच पर आना होगा, तभी सरकार उनकी आवाज सुनने को मजबूर होगी। यह कन्वेंशन आगामी आंदोलनों की दिशा तय करेगा, आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
12 फरवरी की अखिल भारतीय आम हड़ताल का असर राज्य के विभिन्न सरकारी विभागों पर पड़ने की संभावना है। इसमें बैंक, रेलवे, डाकघर और अन्य केंद्रीय व राज्य सरकार के कार्यालयों में कामकाज प्रभावित हो सकता है। महासंघ अपनी तैयारियों में कोई कमी नहीं छोड़ना चाहता, इसलिए आज का कन्वेंशन अत्यंत महत्वपूर्ण है। कर्मचारी नेताओं ने सभी कर्मचारियों से अपील की है कि वे इस राष्ट्रव्यापी आंदोलन में बढ़-चढ़ कर हिस्सा लें ताकि उनकी आवाज दिल्ली तक पहुंचाई जा सके। इस खबर से जुड़ी और भी अपडेट्स के लिए आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।


