
Animal Health Camp: ग्रामीण समृद्धि की जड़ों में एक नई जान फूंकने निकला पशु स्वास्थ्य का काफिला, जहां बीमार पशुओं को मिली संजीवनी और पशुपालकों को उम्मीद की नई किरण।
Animal Health Camp: जाले में लगा विशाल पशु स्वास्थ्य शिविर, बीमार पशुओं को मिली संजीवनी, खुश हुए पशुपालक
Animal Health Camp: पशुपालन से समृद्धि की राह
जाले प्रखंड के काजी बहेड़ा पंचायत अंतर्गत नागरडीह गांव स्थित हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर के प्रांगण में शुक्रवार को जीविका के तत्वावधान में एक विशाल पशु स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर का मुख्य उद्देश्य पशुपालक परिवारों की आय में वृद्धि करना और उनके पशुधन को स्वस्थ रखना था। कार्यक्रम का विधिवत उद्घाटन बीपीएम देवदत्त, एचआर प्रबंधक ब्रजेश कुमार, लाइव स्टॉक प्रबंधक श्रेया कुमारी और ग्राम संगठन अध्यक्ष ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया। यह आयोजन पशुपालकों के लिए एक महत्वपूर्ण पहल साबित हुआ।
इस अवसर पर बीपीएम देवदत्त ने अपने संबोधन में कहा कि पशुपालन जीविका से जुड़े परिवारों के लिए आय का एक सशक्त और स्थायी साधन है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि पशुओं की नियमित स्वास्थ्य जांच और समय पर उचित उपचार न केवल उनकी सेहत सुनिश्चित करता है, बल्कि इससे पशुपालकों की आमदनी में भी उल्लेखनीय वृद्धि होती है। देवदत्त ने बताया कि इस तरह के शिविरों के माध्यम से ‘लखपति दीदी योजना’ के लक्ष्य को हासिल करने में भी मदद मिलेगी, जिससे ग्रामीण महिलाओं का आर्थिक सशक्तिकरण होगा। यह पहल, ‘लखपति दीदी योजना’ जैसी सरकारी योजनाओं के साथ मिलकर ग्रामीण महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1। यह पहल ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम है।
शिविर में पहुंचे पशु चिकित्सा पदाधिकारी (TVO) शिवेंद्र कुमार और सहायक बालकृष्ण द्वारा बड़ी संख्या में पशुओं की गहन स्वास्थ्य जांच की गई। इस दौरान दर्जनों बीमार और अस्वस्थ पशुओं को आवश्यक दवाएं निःशुल्क वितरित की गईं, जिससे पशुपालकों को काफी राहत मिली। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1। इस शिविर का लाभ उठाने के लिए कुल 265 पशुपालकों ने अपना पंजीयन कराया, जो इस पहल की व्यापक स्वीकार्यता को दर्शाता है। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।
सामुदायिक भागीदारी और सफल आयोजन
पूरे कार्यक्रम का कुशल संचालन जीविकोपार्जन विशेषज्ञ अभिषेक कुमार ने किया। इस अवसर पर क्षेत्रीय समन्वयक, सामुदायिक समन्वयक सहित जीविका से जुड़ी बड़ी संख्या में दीदियां और अन्य कर्मी उपस्थित थे। शिविर में आए सभी पशुपालकों ने इस आयोजन को अत्यंत उपयोगी बताते हुए इसकी भूरि-भूरि प्रशंसा की। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1। यह दर्शाता है कि ऐसे स्वास्थ्य शिविर ग्रामीण क्षेत्रों में पशुपालकों के लिए कितने आवश्यक हैं और जीविका अपने उद्देश्यों को सफलतापूर्वक पूरा कर रही है। यह सामुदायिक सहभागिता का एक उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत करता है।






