

Fake Currency Madhubani: भारत-नेपाल सीमा पर चलाए गए ऑपरेशन से उन तस्करों की नींद उड़ गई है, जो अपनी काली करतूतों से देश की अर्थव्यवस्था को खोखला कर रहे हैं। बिहार की सीमाएं अब अपराधियों के लिए सुरक्षित पनाहगाह नहीं रहीं।
Fake Currency Madhubani: जाली नोटों के काले कारोबार पर पुलिस का शिकंजा
मधुबनी जिला के हरलाखी थाना क्षेत्र में 29 जनवरी 2026 को एक बड़ी सफलता मिली। गुप्त सूचना के आधार पर मधुबनी पुलिस ने एसएसबी (SSB) और एसटीएफ (STF) के साथ मिलकर त्वरित कार्रवाई की। भारत-नेपाल सीमा पर पिलर संख्या 284/20 के करीब से दो जाली नोट तस्करों को रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया। यह कार्रवाई सीमा पार से होने वाले अपराधों पर लगाम कसने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
गिरफ्तार किए गए तस्करों के पास से 200 रुपये मूल्य वर्ग के कुल 173 नकली नोट बरामद किए गए। इसके अतिरिक्त, उनके पास से एक मोबाइल फोन भी जब्त किया गया। जब्त किए गए सभी जाली नोटों की जांच पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) से कराई गई, जहाँ उनकी प्रामाणिकता की पुष्टि हुई और उन्हें नकली पाया गया। इस बरामदगी ने सीमावर्ती इलाकों में सक्रिय नकली नोटों के गिरोहों के खिलाफ एक बड़ा झटका दिया है। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें: देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें
सीमा पार से हो रही आपराधिक गतिविधियों पर नकेल
पुलिस सूत्रों के अनुसार, यह गिरोह लंबे समय से भारत-नेपाल सीमा का उपयोग कर जाली नोटों का कारोबार कर रहा था। गिरफ्तार तस्करों से पूछताछ जारी है ताकि इस रैकेट के अन्य सदस्यों और इसके पीछे के सरगनाओं का पता लगाया जा सके। पुलिस अधीक्षक ने बताया कि सीमा सुरक्षा बल और विशेष कार्य बल के साथ मिलकर ऐसी कार्रवाई भविष्य में भी जारी रहेगी। यह ऑपरेशन बिहार में संगठित अपराध के खिलाफ पुलिस की प्रतिबद्धता को दर्शाता है, आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। जाली नोटों का प्रचलन देश की वित्तीय सुरक्षा के लिए एक गंभीर चुनौती है, और ऐसी गिरफ्तारियाँ इस चुनौती से निपटने में महत्वपूर्ण हैं।


