
Dhurandhar News: बॉलीवुड के गलियारों में हमेशा कुछ न कुछ मसालेदार चलता रहता है, लेकिन जब बात किसी फिल्म के OTT रिलीज की हो और उस पर कट-छटाई का आरोप लगे तो हंगामा मच जाता है। ऐसा ही कुछ बवाल ‘धुरंधर’ के नेटफ्लिक्स पर स्ट्रीम होने के बाद देखने को मिल रहा है।
धुरंधर: नेटफ्लिक्स पर रिलीज होते ही फैंस ने उठाए सवाल, कट-छटाई का क्या है सच?
‘धुरंधर’ जब से नेटफ्लिक्स पर आई है, दर्शकों के बीच एक अजीब सी बेचैनी फैल गई है। सोशल मीडिया पर फैंस दावा कर रहे हैं कि फिल्म के OTT वर्जन में ’10 मिनट’ का कंटेंट गायब है और कुछ डायलॉग्स भी म्यूट कर दिए गए हैं। इस अवधि का अंतर को लेकर हर तरफ चर्चा है। क्या सच में मेकर्स ने कोई बड़ा बदलाव किया है या यह सिर्फ अफवाहों का बाजार गर्म है? आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
हालांकि, इंडस्ट्री के अंदरूनी सूत्रों की मानें तो यह ‘बिजनेस एज़ यूज़ुअल’ है। नेटफ्लिक्स पर ‘धुरंधर’ का OTT वर्जन पूरी तरह से थिएटर में रिलीज हुए वर्जन जैसा ही है, इसमें कोई कट या सेंसरशिप नहीं की गई है। जो लगभग 3 मिनट का अवधि का अंतर दिख रहा है, वह असल में इंटरवल प्लेट्स और थिएटर में चलने वाले विज्ञापन की वजह से है। डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर ये सब नहीं होते, इसलिए रनटाइम में यह मामूली फर्क दिखाई देता है।
‘धुरंधर’ के कट को लेकर आखिर क्यों फैली अफवाह?
सोशल मीडिया पर अभी भी ’10 मिनट कट’ और ‘म्यूटेड डायलॉग्स’ को लेकर फैंस अपनी नाराजगी जाहिर कर रहे हैं। कई यूजर्स का मानना है कि उन्हें गलत जानकारी दी गई है, जिससे भ्रम की स्थिति पैदा हो गई। असलियत तो यह है कि नेटफ्लिक्स जैसे प्लेटफॉर्म अपनी ओर से फिल्म में कोई बदलाव नहीं करते हैं, जब तक कि प्रोड्यूसर्स या सेंसर बोर्ड की तरफ से कोई विशेष निर्देश न हो। यह सवाल अब भी बरकरार है कि आखिर दर्शकों को गलत जानकारी क्यों मिली या यह कंफ्यूजन क्यों बढ़ा? मनोरंजन जगत की चटपटी खबरों के लिए यहां क्लिक करें मनोरंजन जगत की चटपटी खबरों के लिए यहां क्लिक करें।
क्या है ‘धुरंधर’ की OTT रिलीज का असल सच?
- नेटफ्लिक्स पर ‘धुरंधर’ का OTT वर्जन सिनेमाघरों में रिलीज हुए वर्जन जैसा ही है।
- फिल्म में कोई कट या सेंसरशिप नहीं की गई है।
- लगभग 3 मिनट का रनटाइम फर्क इंटरवल प्लेट्स और थिएटर विज्ञापनों के कारण है।
- डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर इंटरवल या विज्ञापन शामिल नहीं होते।
- इंडस्ट्री सूत्रों के मुताबिक, यह एक सामान्य प्रक्रिया है।
- फैंस अभी भी ’10 मिनट कट’ और ‘म्यूटेड डायलॉग्स’ को लेकर नाराज हैं, जो कि गलत जानकारी पर आधारित है।
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तो कुल मिलाकर, ‘धुरंधर’ को लेकर जो कट-छटाई की अफवाहें फैली हैं, वे आधारहीन हैं। दर्शकों को यह समझना होगा कि OTT प्लेटफॉर्म पर फिल्म देखने का अनुभव सिनेमाघर से थोड़ा अलग होता है और रनटाइम में मामूली अंतर आना स्वाभाविक है। यह बस जानकारी का अभाव था, जिसने एक बड़े विवाद को जन्म दे दिया। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।



