
Aaj Ka Panchang: आज माघ पूर्णिमा का पवित्र दिन है, जो स्नान-दान और व्रत के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है। इस पावन अवसर पर माघ स्नान के नियमों की पूर्णाहुति होती है, और इसी के साथ हम संत रविदास जयंती भी मना रहे हैं।
आज का पंचांग: 01 फरवरी 2026 को माघ पूर्णिमा का पावन पर्व
आज का पंचांग: शुभ योग और स्नान-दान का महत्व
आज, 01 फरवरी 2026, रविवार को माघ पूर्णिमा का स्नान-दान-व्रत का महापर्व है। यह दिन अत्यंत शुभ फलदायी माना गया है, विशेषकर जब यह पुष्य नक्षत्र के दुर्लभ संयोग में आ रहा है, जैसा कि आज है। माघ मास में किए गए स्नान और दान से अक्षय पुण्य की प्राप्ति होती है, और आज इस पवित्र मास के स्नान नियमों का समापन हो जाएगा। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। साथ ही, आज ही के दिन महान संत रविदास जी की जयंती भी मनाई जा रही है, जिनके आदर्श और शिक्षाएं आज भी प्रासंगिक हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस दिन पवित्र नदियों में स्नान करने से सभी पाप धुल जाते हैं और मोक्ष की प्राप्ति होती है।
माघ पूर्णिमा का आध्यात्मिक महत्व
माघ पूर्णिमा, जिसे माघी पूर्णिमा भी कहा जाता है, हिंदू धर्म में एक विशेष स्थान रखती है। यह माघ मास का अंतिम और सबसे महत्वपूर्ण दिन होता है। इस दिन पवित्र नदियों में स्नान करने, दान करने और भगवान विष्णु की पूजा करने का विधान है। ऐसी मान्यता है कि इस दिन स्वयं देवता पृथ्वी पर आकर स्नान करते हैं। यह दिन समस्त पापों का नाश कर पुण्यफल प्रदान करता है।
संत रविदास जयंती: एक प्रेरणादायक अवसर
आज के दिन ही संत शिरोमणि रविदास जी की जयंती भी मनाई जा रही है। संत रविदास भारतीय भक्ति आंदोलन के महान संतों में से एक थे, जिन्होंने अपने आध्यात्मिक ज्ञान और सामाजिक समरसता के संदेश से समाज में क्रांति ला दी। उनके उपदेश आज भी मानव मात्र को प्रेम, समानता और भाईचारे का मार्ग दिखाते हैं। उनका जीवन हमें यह सिखाता है कि कोई भी कार्य छोटा या बड़ा नहीं होता, बल्कि निष्ठा और समर्पण ही सच्ची पूजा है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
स्नान-दान और पूजन विधि
- प्रातःकाल उठकर किसी पवित्र नदी या घर पर ही गंगाजल मिश्रित जल से स्नान करें।
- स्नान के उपरांत स्वच्छ वस्त्र धारण कर भगवान सूर्य को तांबे के लोटे से जल भरकर अर्घ्य दें।
- अपनी श्रद्धा अनुसार गरीब और जरूरतमंदों को अन्न, वस्त्र और धन का दान करें।
- शाम के समय भगवान शिव की पूजा करें और शिव चालीसा का पाठ अवश्य करें, इससे स्वास्थ्य लाभ होता है और समाज में मान-सम्मान में वृद्धि होती है।
आज के शुभ-अशुभ मुहूर्त
पंचांग के अनुसार, 01 फरवरी 2026, रविवार के लिए कुछ महत्वपूर्ण समय इस प्रकार हैं:
यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि राहुकाल के दौरान कोई भी शुभ कार्य आरंभ नहीं करना चाहिए।
निष्कर्ष और उपचारात्मक उपाय
माघ पूर्णिमा का यह पावन दिन हमें धार्मिक आस्था और सामाजिक सद्भाव का संदेश देता है। इस दिन किए गए पुण्य कर्मों से व्यक्ति के जीवन में सुख-शांति और समृद्धि आती है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। सूर्य देव को अर्घ्य देना और शिव चालीसा का पाठ करना विशेष रूप से फलदायी है, जिससे शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य उत्तम रहता है, और समाज में आपकी प्रतिष्ठा बढ़ती है। आज के दिन यदि संभव हो तो निम्न मंत्र का जाप भी कल्याणकारी होता है:
ॐ नमो भगवते वासुदेवाय
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