
बजट: केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने एक बार फिर देश के आर्थिक परिदृश्य को आकार देने के लिए यूनियन बजट पेश किया, जो उनका लगातार नौवां बजट था। इस बार, उन्होंने एक दूरगामी पहल की घोषणा की है – इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन 2.0। यह मिशन देश में सेमीकंडक्टर निर्माण के लिए एक महत्वपूर्ण प्रौद्योगिकी बढ़ावा साबित होगा और इसका मुख्य फोकस उद्योग-नेतृत्व अनुसंधान और कुशल कार्यबल के विकास पर रहेगा। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। यह घोषणा ऐसे समय में आई है जब वैश्विक स्तर पर सेमीकंडक्टर की कमी से कई उद्योग जूझ रहे हैं, और भारत इस महत्वपूर्ण क्षेत्र में आत्मनिर्भरता प्राप्त करने की दिशा में तेजी से कदम बढ़ा रहा है।
केंद्रीय बजट 2026: निर्मला सीतारमण ने देश को दिया ‘सेमीकंडक्टर’ का नया बूस्टर
बजट 2026: ‘आत्मनिर्भर भारत’ का नया अध्याय – सेमीकंडक्टर मिशन 2.0
इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन 2.0 का लक्ष्य भारत को सेमीकंडक्टर डिजाइन, निर्माण और अनुसंधान के वैश्विक केंद्र के रूप में स्थापित करना है। इस कदम से भारत को वैश्विक सेमीकंडक्टर आपूर्ति श्रृंखला में अपनी स्थिति मजबूत करने के साथ-साथ नवाचार और प्रौद्योगिकी बढ़ावा के क्षेत्र में भी आगे बढ़ने में मदद मिलेगी। मिशन के तहत, सरकार सेमीकंडक्टर उद्योग में निजी निवेश को बढ़ावा देने और उच्च-गुणवत्ता वाले अनुसंधान एवं विकास को समर्थन देने के लिए विभिन्न प्रोत्साहन और योजनाएं पेश करेगी। इसका सीधा असर देश की डिजिटल अर्थव्यवस्था और तकनीकी प्रगति पर पड़ेगा, जिससे नए रोजगार के अवसर भी पैदा होंगे।
कुशल कार्यबल और अनुसंधान पर जोर
मिशन 2.0 विशेष रूप से उद्योग-नेतृत्व अनुसंधान (industry-lead research) और एक कुशल कार्यबल (skilled workforce) तैयार करने पर केंद्रित है। इसमें विश्वविद्यालयों, अनुसंधान संस्थानों और उद्योगों के बीच सहयोग को बढ़ावा दिया जाएगा, ताकि अत्याधुनिक सेमीकंडक्टर प्रौद्योगिकियों का विकास किया जा सके। इसके लिए विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम और कौशल विकास पहल शुरू की जाएंगी, जो युवा इंजीनियरों और तकनीशियनों को सेमीकंडक्टर उद्योग की जटिलताओं के लिए तैयार करेंगी। यह सुनिश्चित करेगा कि भारत न केवल सेमीकंडक्टर का उत्पादन कर सके, बल्कि भविष्य की तकनीकों का नेतृत्व भी कर सके। रियल-टाइम बिजनेस – टेक्नोलॉजी खबरों के लिए यहां क्लिक करें। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
- वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने लगातार नौवीं बार यूनियन बजट पेश किया।
- इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन 2.0 का ऐलान।
- मुख्य फोकस: उद्योग-नेतृत्व अनुसंधान और कुशल कार्यबल का विकास।
- लक्ष्य: भारत को सेमीकंडक्टर डिजाइन, निर्माण और अनुसंधान का वैश्विक केंद्र बनाना।
- उद्देश्य: वैश्विक सेमीकंडक्टर आपूर्ति श्रृंखला में भारत की स्थिति मजबूत करना।
आर्थिक प्रभाव और भविष्य की संभावनाएं
सेमीकंडक्टर उद्योग किसी भी आधुनिक अर्थव्यवस्था की रीढ़ है, जो स्मार्टफोन से लेकर ऑटोमोबाइल और रक्षा प्रणालियों तक सब कुछ चलाता है। इस मिशन के माध्यम से भारत न केवल आयात पर अपनी निर्भरता कम करेगा, बल्कि निर्यात के लिए भी एक मजबूत आधार तैयार करेगा। यह मेक इन इंडिया पहल को और मजबूत करेगा और देश को वैश्विक तकनीकी मानचित्र पर एक प्रमुख खिलाड़ी के रूप में उभारेगा। इसके अतिरिक्त, सेमीकंडक्टर निर्माण में आत्मनिर्भरता राष्ट्रीय सुरक्षा के दृष्टिकोण से भी महत्वपूर्ण है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।






